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नगरीय पेयजल: कहां गए 2.80 करोड़

Wed, 29 Jun 2016 01:48 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Wed, 29 Jun 2016 01:48 AM IST
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city water scheme
पानी - फोटो : demo pic
ललितपुर। प्रदेश सरकार ने सूबे के सूखा ग्रस्त 75 जिलों में नगर निकायों को पेयजल की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक अरब रुपये का बजट मई माह में स्वीकृत किया था। लेकिन, डेढ़ माह बीतने के बाद भी विभागीय अधिकारी उदासीन बने हैं। नगरवासियों को सूखा राहत दिलाने के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं है।
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प्रदेश शासन के उपसचिव रंग बहादुर सिंह ने 13 मई 2016 को जलनिगम के प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में कहा था कि नगरीय पेयजल कार्यक्रम (जिला सेक्टर-अनुसूचित जाति सबप्लान) के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्य नगरीय क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के लोगों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए हैंडपंपों की स्थापना, रीबोर व रीबोर योग्य नलकूपों का कार्य कराने के लिए 1.20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं, 18 मई 2016 को नगरीय पेयजल कार्यक्रम सामान्य वर्ग योजना के तहत जलापूर्ति के लिए 1.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। ऐसे में नगर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन द्वारा 2.80 करोड़ रुपये स्वीकृति दिए हुए डेढ़ माह का समय बीत गया है। इसके अलावा संपूर्ण जानकारी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड भी कर दी गई है। लेकिन, इसके बावजूद जल निगम के अधिकारी इस राहत राशि से अंजान बने हुए हैं और अब तक इस संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ कोई पत्राचार भी नहीं किया गया है। जल निगम के अनुसार उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही अब तक उनको कोई शासनादेश प्राप्त हुआ है। अब तक विभाग द्वारा कोई कार्ययोजना भी तैयार नहीं की गई है।
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यह है शासन की कार्ययोजना
शासन ने नगरीय क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए 2.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 1.20 करोड़ रुपये नगर के अनुसूचित जाति वाले बाहुल्य क्षेत्रों में नए हैंडपंप व रीबोर कराने के लिए व्यय किए जाने हैं। 1.60 करोड़ रुपये नगर के अन्य सामान्य क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए व्यय किए जाने हैं। शासनदेश के अनुसार डीएम द्वारा कार्ययोजना व स्थलों का चयन किया जाएगा और प्रत्येक माह की तीन तारीख तक उक्त कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है।
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पानी को तरस रहे नगरवासी
शहर के एक दर्जन से अधिक मुहल्लों में रहने वाले हजारों परिवार वर्तमान में भी पेयजल की समस्या के जूझ रहे हैं। इनमें से मुहल्ला नेहरू नगर, गोविंद नगर, रावतयाना, रामनगर, खिरकापुरा, विष्णुपुरा, नारायण पुरा, बड़ापुरा, वंशीपुरा आदि मुहल्लों में पेयजल की समस्या सबसे अधिक है। यह सभी मुहल्ले अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र हैं। इसे नगरवासियों का दुर्भाग्य व जल निगम की उदासीनता की कहेंगे कि शासन द्वारा जलापूर्ति के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत होने के बाद भी नगर वासियों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इन मुहल्लों में जल संस्थान, नगर पालिका, समाजवादी व अन्य समाजसेवी संगठनों द्वारा संचालित पानी के टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।


अब तक न ही कोई बजट मिला है और न ही कोई शासनादेश प्राप्त हुआ है। शासनादेश प्राप्त होने के बाद कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
- इंजी. यशवीर सिंह
अधिशासी अभियंता, जल निगम
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