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हवाई जहाज छोड़ सड़क मार्ग से जानी जमीनी हकीकत
lalitpur
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:14 AM IST
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देव गढ़
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर/जाखलौन। मंगलवार को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गतिविधियों से अफसर, जनता व पार्टी के नेतागण अचंभित रहे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी स्टाइल अपनाई।
बिना किसी प्रस्तावित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री ग्राम लड़वारी से लौटकर सीधे देवगढ़ रवाना हो गए। वह हेलीकाप्टर छोड़कर सड़क मार्ग से देवगढ़ रवाना हुए। रास्ते में पड़े गांवों में ग्रामीणों से मिलने के लिए कई बार काफिला रोका। हैरान कर देने वाला बकाया तो देवगढ़ में काफिला रुकवाकर एक किसान के घर पहुंच जाने वाला रहा। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने आठ घंटे जनपद में गुजार कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। सुबह सवा दस बजे गिन्नौट बाग पहुंचने पर जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री बार ब्लॉक के ग्राम लड़वारी पहुंचे। मुख्यमंत्री द्वारा अचानक ही देवगढ़ जाने का कार्यक्रम बनाने से प्रशासनिक अमले में हलचल मची रही। देवगढ़ के लिए निकले मुख्यमंत्री ने सड़क की खराब हालत पर नाराजी व्यक्त की। साथ ही ललितपुर- देवगढ़ मार्ग को उन्होंने फोर लाइन बनाने की घोषणा की। देवगढ़ में पारसनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद उन्होंने दशावतार मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान वह रास्ते के ग्राम कुचदौं में सहारिया जाति की महिलाओं से मिले और उनसे समस्याओं के बारे में जाना। सीएम ने महिलाओं से सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में भी पूछताछ की। इसी दौरान मुख्यमंत्री किसान बलराम सिंह के घर पर गए। वहां करीब पंद्रह मिनट गुजार कर सीएम ने घर का जायजा लिया और उपस्थित महिलाओं से सूखे के असर, सरकारी मदद आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।
ग्राम कुचदौं से मुख्यमंत्री का काफिला निकला तो सैपुरा गांव में सड़क पर खड़े ग्रामीणों को देख उन्होंने काफिला रोका और ग्रामीणों से बातचीत की।
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सरकार तुम्हारे घर और तुम बाहर
देवगढ़ गांव में बलराम सिंह के घर रुकने पर वहां पर केवल महिलाएं ही मुख्यमंत्री को मिलीं, जिनसे उन्होंने घर का हालचाल जाना। 15 मिनट रुकने के दौरान उन्होंने खुद ही पानी मांगा। मुख्यमंत्री को अपने घर पर देखकर परिवार की महिलाएं अचंभे में बनी रही। मुख्यमंत्री के अपने घर की खबर सुनकर गृहस्वामी बलराम सिंह मौके पर पहुंचा। तब तक मुख्यमंत्री घर से बाहर निकल आए थे। बाहर किसान के मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी सरकार तुम्हारे घर पर है और तुम बाहर घूम रहो हो। मुख्यमंत्री को सामने देखकर बलराम सिंह भावुक हो गए।
कई जगहों पर रुका काफिला
ग्राम देवगढ़ जाते व आते समय कई गांवों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले को ग्रामीणों ने रोका। सीएम ग्राम पिपारिया, आलापुर, जाखलौन, सैपुरा, ऐरा, कुचदौँ, गढ़ौली, देवगढ़ आदि गांवों में काफिला रोक कर समस्याओं से रूबरू हुए। सभी जगहों पर मुआवजा राशि, पेयजल की समस्या ग्रामीणों ने सुनाई। इस पर उन्होंने जल्द मुआवजा वितरण कराने का आश्वासन दिया।
क्यों किराया तो नहीं लिया?
ग्राम देवगढ़ से लौटते समय पिपारिया गांव के पास एक ट्रैक्टर में सवार होकर ग्रामीण जा रहे थे। यह ग्रामीण सूखा राहत सामग्री लेकर वापस लौट रहे थे। सीएम ने चालक से पूछा कि यह ट्रैक्टर किसका है, तो बताया गया कि ग्राम प्रधान का है। इस पर उन्होंने सवार लोगों से पूछा कि कोई किराया तो नहीं लिया तुम लोगों से प्रधान ने। ग्रामीणों ने बताया कि कोई किराया नहीं लिया गया है।
सौंपे ज्ञापन
ग्राम देवगढ़ दौरे के दौरान धौर्रा प्रधान रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने पांच प्रधानों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि नई तहसील पाली के निर्माण होने के बाद उसमें जोड़े गए ग्राम धौर्रा, पिपरई, भारौन, कपासी व मादौन को फिर से ललितपुर तहसील में जोड़ दिया जाए। जाखलौन प्रधान प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह बुंदेला ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर खदानों के पट्टे स्वीकृत कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की मांग की।
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बिना किसी प्रस्तावित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री ग्राम लड़वारी से लौटकर सीधे देवगढ़ रवाना हो गए। वह हेलीकाप्टर छोड़कर सड़क मार्ग से देवगढ़ रवाना हुए। रास्ते में पड़े गांवों में ग्रामीणों से मिलने के लिए कई बार काफिला रोका। हैरान कर देने वाला बकाया तो देवगढ़ में काफिला रुकवाकर एक किसान के घर पहुंच जाने वाला रहा। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने आठ घंटे जनपद में गुजार कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। सुबह सवा दस बजे गिन्नौट बाग पहुंचने पर जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री बार ब्लॉक के ग्राम लड़वारी पहुंचे। मुख्यमंत्री द्वारा अचानक ही देवगढ़ जाने का कार्यक्रम बनाने से प्रशासनिक अमले में हलचल मची रही। देवगढ़ के लिए निकले मुख्यमंत्री ने सड़क की खराब हालत पर नाराजी व्यक्त की। साथ ही ललितपुर- देवगढ़ मार्ग को उन्होंने फोर लाइन बनाने की घोषणा की। देवगढ़ में पारसनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद उन्होंने दशावतार मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान वह रास्ते के ग्राम कुचदौं में सहारिया जाति की महिलाओं से मिले और उनसे समस्याओं के बारे में जाना। सीएम ने महिलाओं से सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में भी पूछताछ की। इसी दौरान मुख्यमंत्री किसान बलराम सिंह के घर पर गए। वहां करीब पंद्रह मिनट गुजार कर सीएम ने घर का जायजा लिया और उपस्थित महिलाओं से सूखे के असर, सरकारी मदद आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।
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ग्राम कुचदौं से मुख्यमंत्री का काफिला निकला तो सैपुरा गांव में सड़क पर खड़े ग्रामीणों को देख उन्होंने काफिला रोका और ग्रामीणों से बातचीत की।
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सरकार तुम्हारे घर और तुम बाहर
देवगढ़ गांव में बलराम सिंह के घर रुकने पर वहां पर केवल महिलाएं ही मुख्यमंत्री को मिलीं, जिनसे उन्होंने घर का हालचाल जाना। 15 मिनट रुकने के दौरान उन्होंने खुद ही पानी मांगा। मुख्यमंत्री को अपने घर पर देखकर परिवार की महिलाएं अचंभे में बनी रही। मुख्यमंत्री के अपने घर की खबर सुनकर गृहस्वामी बलराम सिंह मौके पर पहुंचा। तब तक मुख्यमंत्री घर से बाहर निकल आए थे। बाहर किसान के मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी सरकार तुम्हारे घर पर है और तुम बाहर घूम रहो हो। मुख्यमंत्री को सामने देखकर बलराम सिंह भावुक हो गए।
कई जगहों पर रुका काफिला
ग्राम देवगढ़ जाते व आते समय कई गांवों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले को ग्रामीणों ने रोका। सीएम ग्राम पिपारिया, आलापुर, जाखलौन, सैपुरा, ऐरा, कुचदौँ, गढ़ौली, देवगढ़ आदि गांवों में काफिला रोक कर समस्याओं से रूबरू हुए। सभी जगहों पर मुआवजा राशि, पेयजल की समस्या ग्रामीणों ने सुनाई। इस पर उन्होंने जल्द मुआवजा वितरण कराने का आश्वासन दिया।
क्यों किराया तो नहीं लिया?
ग्राम देवगढ़ से लौटते समय पिपारिया गांव के पास एक ट्रैक्टर में सवार होकर ग्रामीण जा रहे थे। यह ग्रामीण सूखा राहत सामग्री लेकर वापस लौट रहे थे। सीएम ने चालक से पूछा कि यह ट्रैक्टर किसका है, तो बताया गया कि ग्राम प्रधान का है। इस पर उन्होंने सवार लोगों से पूछा कि कोई किराया तो नहीं लिया तुम लोगों से प्रधान ने। ग्रामीणों ने बताया कि कोई किराया नहीं लिया गया है।
सौंपे ज्ञापन
ग्राम देवगढ़ दौरे के दौरान धौर्रा प्रधान रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने पांच प्रधानों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि नई तहसील पाली के निर्माण होने के बाद उसमें जोड़े गए ग्राम धौर्रा, पिपरई, भारौन, कपासी व मादौन को फिर से ललितपुर तहसील में जोड़ दिया जाए। जाखलौन प्रधान प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह बुंदेला ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर खदानों के पट्टे स्वीकृत कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की मांग की।