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Lalitpur News: घरेलू कनेक्शन से ई रिक्शा चार्ज कर लगा रहे 4.77 लाख की चपत
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ललितपुर। सड़कों पर दौड़ रहे ई रिक्शा विद्युत विभाग को राजस्व का चपत लगा रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 995 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन न होने से घरेलू कनेक्शन से चार्ज किए जा रहे हैं। इससे विद्युत विभाग को प्रतिमाह लगभग 04.77 लाख रुपये का चूना लग रहा है। यही कारण है उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ई रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में 995 ई रिक्शा पंजीकृत हैं। कई बिना पंजीयन के भी चल रहे हैं। लेकिन, अब तक कहीं भी इन्हें चार्ज करने के लिए प्वाइंट नहीं बनाया गया है। कुछ पेट्रोल पंप मालिकों ने विद्युत विभाग में चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए आवेदन किया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
सभी ई रिक्शा चालक अपने घर पर ही घरेलू कनेक्शन की बिजली से चार्ज कर रहे हैं। एक रिक्शा में 130-150 एंपियर की चार बैटरियां लगी होती हैं। इन्हें फुल चार्ज करने में आठ यूनिट बिजली खर्च होती है। एक बार चार्ज होने पर लगभग 110 किमी की दूरी तय करता है।
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इस तरह हो रहा राजस्व का नुकसान
विद्युत विभाग के घरेलू कनेक्शन पर 6.50 रुपये प्रति यूनिट व कामर्शियल पर 8.50 रुपये प्रति यूनिट बिल अदा करना होता है। एक ई रिक्शा चार्ज करने में आठ यूनिट बिजली की खपत होती है। इस तरह से दो रुपये प्रति यूनिट का नुकसान हो रहा है। प्रत्येक रिक्शा के चार्ज में प्रतिदिन 16 रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस तरह 995 ई रिक्शा चार्ज होने पर एक माह में 04.77 लाख रुपये का चूना लग रहा है।
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कई पेट्रोल पंप मालिकों ने चार्जिंग प्वाइंट के लिए आवेदन किए हैं, जिनका एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।-वीरभद्र सत्यार्थी, अधिशासी अभियंता प्रथम
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ई रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में 995 ई रिक्शा पंजीकृत हैं। कई बिना पंजीयन के भी चल रहे हैं। लेकिन, अब तक कहीं भी इन्हें चार्ज करने के लिए प्वाइंट नहीं बनाया गया है। कुछ पेट्रोल पंप मालिकों ने विद्युत विभाग में चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए आवेदन किया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
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सभी ई रिक्शा चालक अपने घर पर ही घरेलू कनेक्शन की बिजली से चार्ज कर रहे हैं। एक रिक्शा में 130-150 एंपियर की चार बैटरियां लगी होती हैं। इन्हें फुल चार्ज करने में आठ यूनिट बिजली खर्च होती है। एक बार चार्ज होने पर लगभग 110 किमी की दूरी तय करता है।
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इस तरह हो रहा राजस्व का नुकसान
विद्युत विभाग के घरेलू कनेक्शन पर 6.50 रुपये प्रति यूनिट व कामर्शियल पर 8.50 रुपये प्रति यूनिट बिल अदा करना होता है। एक ई रिक्शा चार्ज करने में आठ यूनिट बिजली की खपत होती है। इस तरह से दो रुपये प्रति यूनिट का नुकसान हो रहा है। प्रत्येक रिक्शा के चार्ज में प्रतिदिन 16 रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस तरह 995 ई रिक्शा चार्ज होने पर एक माह में 04.77 लाख रुपये का चूना लग रहा है।
कई पेट्रोल पंप मालिकों ने चार्जिंग प्वाइंट के लिए आवेदन किए हैं, जिनका एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।-वीरभद्र सत्यार्थी, अधिशासी अभियंता प्रथम