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Lalitpur News: चमाचम होगा सोंरई किला का रास्ता...शासन ने मांगा सड़क निर्माण का प्रस्ताव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पुरातत्व विरासत सहेजने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयासरत है। अब सोंरई किला को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। करीब 15 करोड़ की लागत से डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव शासन ने मांगा है। जिला प्रशासन प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।
ललितपुर में प्राचीन मूर्तियां कदम- कदम पर बिखरी हैं। कुछ स्थानों पर बरतानिया हुकूमत से लड़ी गई जंग की यादें आज भी किलों के रूप में खड़ी हैं, लेकिन इन धरोहरों की उपेक्षा के कारण इनका अस्तित्व संकट में पड़ गया था। किसी की दीवार टूट रही थी तो किसी की छत में दरारें आ गई हैं। वर्ष 2022-23 में शासन ने यहां के सात किलों तालबेहट, बालाबेहट, सोंरई, बानपुर, मड़ावरा, देवगढ़, सिरसी के संरक्षण के साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। पहले चरण में इन किलों में साफ-सफाई कराई गई। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ध्वजारोहण कराया गया था। प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। इसके बाद इन किलों तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता बनाने की योजना थी, जिसमें तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई स्थित ऐतिहासिक किला भी शामिल था। यह किला बुंदेला राजाओं के वैभव का प्रतीक है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं था। सोंरई-धौरीसागर मार्ग से सोंरई किला तक 1.650 किलोमीटर रास्ता कच्चा, ऊबड़-खाबड़ व संकरा है। अब शासन ने जिला प्रशासन से मुख्य मार्ग से किला तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव मांगा है। सड़क बन जाने से किले तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे।
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सोंरई के ऐतिहासिक किला तक पहुंचने के लिए शासन ने सड़क निर्माण का प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे प्रेषित कर दिया जाएगा।
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हेमलता, पर्यटन अधिकारी/सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ललितपुर
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ललितपुर। पुरातत्व विरासत सहेजने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयासरत है। अब सोंरई किला को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। करीब 15 करोड़ की लागत से डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव शासन ने मांगा है। जिला प्रशासन प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।
ललितपुर में प्राचीन मूर्तियां कदम- कदम पर बिखरी हैं। कुछ स्थानों पर बरतानिया हुकूमत से लड़ी गई जंग की यादें आज भी किलों के रूप में खड़ी हैं, लेकिन इन धरोहरों की उपेक्षा के कारण इनका अस्तित्व संकट में पड़ गया था। किसी की दीवार टूट रही थी तो किसी की छत में दरारें आ गई हैं। वर्ष 2022-23 में शासन ने यहां के सात किलों तालबेहट, बालाबेहट, सोंरई, बानपुर, मड़ावरा, देवगढ़, सिरसी के संरक्षण के साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। पहले चरण में इन किलों में साफ-सफाई कराई गई। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ध्वजारोहण कराया गया था। प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। इसके बाद इन किलों तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता बनाने की योजना थी, जिसमें तहसील मड़ावरा के ग्राम सोंरई स्थित ऐतिहासिक किला भी शामिल था। यह किला बुंदेला राजाओं के वैभव का प्रतीक है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं था। सोंरई-धौरीसागर मार्ग से सोंरई किला तक 1.650 किलोमीटर रास्ता कच्चा, ऊबड़-खाबड़ व संकरा है। अब शासन ने जिला प्रशासन से मुख्य मार्ग से किला तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव मांगा है। सड़क बन जाने से किले तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे।
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सोंरई के ऐतिहासिक किला तक पहुंचने के लिए शासन ने सड़क निर्माण का प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे प्रेषित कर दिया जाएगा।
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हेमलता, पर्यटन अधिकारी/सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ललितपुर