फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Canal water did not reach even after three days

तीन दिन बाद भी नहीं पहुंचा नहर का पानी

Sun, 16 Feb 2020 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 01:27 AM IST
विज्ञापन
Canal water did not reach even after three days
महरौनी। जामनी बांध से निकली महरौनी रजवाहा नहर खुले तीन दिन हो चुके हैं। लेकिन, इसके बाद भी महरौनी तक पानी नही पहुंच सका है। इससे किसानों को गेहूं की फसल सूखने की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन

जामनी बांध से निकली दाईं जामनी नहर में लाइनिंग का कार्य तीन वर्ष से चल रहा है। इससे से किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पता है। खरीफ की फसल लगातार तीन वर्षों से अतिवृष्टि के चलते नष्ट हो गई है। किसानों को रबी की फसलों से ही उम्मीद रहती है। लेकिन, किसानों को सिंचाई की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत बेकार हो रही है।
विज्ञापन

दाईं जामनी नहर को ग्राम नैनवारा मौजा से दो भागों में बांटा गया है, जिसे क्रमश: महरौनी रजवाहा और टीकमगढ़ रजवाहा नाम दिया गया है। इन नहरों पर जिन किसानों के खेत हैं, उनको कभी भी समय पर पानी नहीं मिल पाता है जिससे किसान समय पर बुवाई नहीं कर पाता है। न ही फसल की सिंचाई समय पर हो पाती है। महरौनी रजवाहा नहर के किनारे जिन किसानों की खेती है, उनकी फसल पानी के अभाव में सूखने की स्थिति में पहुंच गई है। फसलों की सिंचाई के लिए नहर खुलवाने की मांग को लेकर किसानों ने डीएम को ज्ञापन दिया था। इस पर जिलाधिकारी के आदेश पर 13 फरवरी को नहर खोल दी गई थी, लेकिन अब तक महरौनी तक नहर का पानी नहीं पहुंचा है। किसानों ने बताया की ऊपर के सभी माइनर खुले हुए हैं, जिनका पानी नदी बर्बाद हो रहा है और नीचे का किसान बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राज्यमंत्री और जिलाधिकारी को नहर खुलवाने के लिए ज्ञापन दिया था। नहर तो खोल दी गई, लेकिन अभी तक महरौनी तक पानी अभी नहीं पहुंचा है।
- कृष्णा सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष
अतिवृष्टि के कारण किसान की खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी। जामनी बांध में पर्याप्त पानी होने के बाद भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है । अगर समय पर फसलों को पानी नहीं मिला तो फसलें सूख जाएंगी, जिससे किसान बर्बाद हो जाएगा।
- धीरज सिंह सिकरवार
गेहूं की फसल के लिए सिंचाई की आवश्यकता है। यदि सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा तो फसल की बालियों में दाना पतला व छोटा पड़ जाएगा। नहर को तीन सप्ताह तक चलाया जाए व टेल तक पानी पहुंचाया जाए।
- प्रमोद बड़ौनियां, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
पपौरा-कुम्हैड़ी माइनर से जाने वाले पानी का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। पानी क्योलारी बांध में भर रहा है। उसके आसपास की गूलों का पानी भी बर्बाद जा रहा है। हमारे खेत में पानी भर जाने से मटर की फसल को नुकसान हो गया है।
- नीरज राजपूत, निवासी लरगन
नहर को खुले दूसरा दिन भी निकल गया है, लेकिन अभी कुआंगांव तक पानी नहीं आ सका है। सिंचाई विभाग द्वारा पानी की देखरेख के लिए मजदूर नहीं लगाए गए हैं। इससे ऊपर बर्बाद होने वाला पानी बंद नहीं किया जा रहा है।

- महेश तिवारी, निवासी कुआगांव
नहर में लाइनिंग का काम मार्च के बाद शुरू कराया जाए, जिससे किसानों को पानी मिलता रहे। किसानों की फसलें सूखने न पाएं।
- शिवा सिंह तोमर, मंडल उपाध्यक्ष भाजपा
रोस्टर के हिसाब से नहर बंद कर दी गई थी। किसानों की मांग पर नहर दोबरा खोली गई है। हर जगह ऊपर के किसान अपने खेतों में पानी दे रहे हैं, तभी पानी नीचे नहीं पहुंच पा रहा है। शाम को ऊपर के माइनर के कुलावे बंद कर दिए जाते हैं, ताकि नीचे के किसानो को पानी मिल सके। धीरे- धीरे पानी पहुंच जाएगा।
- हरीराम, अवर अभियंता
सिंचाई विभाग जामनी बांध
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed