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न केंद्रीय मंत्री न मंडलायुक्त कर सके समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2016 01:23 AM IST
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water crisis, lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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सूर्यकांत त्रिपाठी
महरौनी (ललितपुर)। महरौनी में तेजी से भूगर्भ जलस्तर घटने से अनेक मुहल्लों में पेयजल की किल्लत बढ़ने लगी है। कस्बावासियों ने पाइप लाइन की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री उमा भारती को पत्र लिखकर समस्या समाधान की मांग उठाई थी, जिसको संज्ञान में लेकर उनके अतिरिक्त निजी सचिव की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ। मंडलायुक्त को भी समस्या बताई गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
सूखा की विभीषका झेल रहे बुंदेलखंड में सरकारी हैंडपंपों ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया है तो वहीं निजी बोर भी धीरे-धीरे सूखने लगे हैं। ऐसे में लोगों को पानी के इंतजाम के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है और खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। कुछ हैंडपंप अभी चालू हालत में तो हैं, लेकिन वह दो से तीन बाल्टी पानी निकलने के बाद साथ छोड़ देते हैं। कुछ हैंडपंप का पानी खारा और जंगयुक्त है।
कस्बे के कुछ मुहल्ले ऐसे हैं, जहां पेयजल का इंतजाम करना काफी कठिन है। इनमें टीकमगढ़ रोड, नाराहट रोड, मास्टर कालोनी, पंडा कालोनी, मडावरा रोड, कायस्थपुरा, टपरियन, पुराना सौजना रोड आदि मुहल्ले शामिल हैं। टीकमगढ़ रोड पर स्थित बालाजी मंदिर परिसर में लगे हैंडपंप पर अनेक परिवार निर्भर हैं।
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अधिकांश आबादी नलों पर ही निर्भर
महरौनी। नगर में नल पाइप लाइन से जल संस्थान द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति नगरवासियों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है, जिससे वह परेशान हैं। सरकारी हैंडपंप व निजी बोर सूखने के बाद अधिकांश आबादी नलों के पानी पर ही निर्भर है, लेकिन नलों से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से लोगों में आक्रोश है और पानी सप्लाई का समय बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है।
परेशान लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में जहां पानी की अधिक जरूरत है, वहीं जल संस्थान द्वारा दिन भर में केवल आधा-पौन घंटे के लिए ही पानी छोड़ा जाता है, जिससे दिन भर के पीने को पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। कुछ नलों के पास बर्तनों का जमावड़ा और लोगों की भीड़ रोज देखी जा रही है, जो नल आने से काफी समय पहले से पानी की प्रतीक्षा करते बैठे रहते हैं और नल आने पर पानी भरने के लिए होड़ मच जाती है।
नई पाइप लाइन बिछाई जाए
महरौनी। अधिकांश मुहल्लों में नल की पाइप लाइन नहीं बिछी है तो कुछ मुहल्लों में पाइप लाइन होने के बावजूद जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, क्योंकि समुचित देखरेख व मरम्मत के अभाव में पुरानी जर्जर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त और चोक हो गई है। परेशान मुहल्लेवाले प्रशासन से नयी पाइप लाइन डलवाने और पुरानी लाइन की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
बता दें कि टीकमगढ़ रोड पर लगभग दो वर्ष पूर्व जल संस्थान द्वारा नई पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन अभी तक इसको किसी जलस्रोत से नहीं जोड़ा गया। इस कारण इस इलाके में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। मुहल्लेवाले बेसब्री से इस लाइन के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति हेतु ग्राम निवारी के पास कुछ माह पहले एक बोर भी कराया गया था, जिसमें पर्याप्त पानी भी है लेकिन अभी तक जल संस्थान द्वारा इस बोर से जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई। मंडलायुक्त को भी समस्या से अवगत कराया गया।
क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से व्यर्थ बह रहा पानी
महरौनी। गर्मी के इस मौसम में जलसंकट की स्थिति बन रही है और पानी की एक-एक बूंद कीमती है, लेकिन जल संस्थान के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से नगर के नाराहट रोड पर पिछले दो दिन से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से पानी बेकार बह रहा है। पावर हाऊस के समीप राजाराम साहू के मकान के सामने पाइप लाइन से व्यर्थ बह रहे पानी की सूचना नागरिकों द्वारा विभागीय कर्मचारियों को दी गई, सूचना पाकर शुक्रवार को वह लोग मौके पर पहुंचे और महज खानापूर्ति करके लौट आए। उनके लौटने के बाद पानी फिर से बहने लगा।
52 नये हैंडपंप और 9 रीबोर का भेजा प्रस्ताव
महरौनी। नगर पंचायत के अंतर्गत विभिन्न मुहल्लों में पेयजलापूर्ति हेतु कई जगहों पर पानी की समस्या के मद्देनजर गर्मी का मौसम शुरू होने के पूर्व नगर पंचायत महरौनी द्वारा अधिशाषी अभियंता जल निगम को पत्र लिखा था। इसमें अलग-अलग मुहल्लों में 52 नए हैंडपंप लगाने और 9 हैंडपंप रीबोर कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें ललितपुर रोड पर 5, नाराहट रोड पर 7, कंचनपुरा में 2, मंडी रोड पर 2, टीकमगढ़ रोड पर 5, पूनम नगर में 3, सौजना रोड पर 7, पंडापुरा में 5, मलैया पुरा में 6, लुहरयाना में 2, जरुआपुरा में 2, बानपुर रोड, कायस्थपुरा, मास्टर कालौनी, टपरियन, मडावरा रोड और प्रज्ञा नगर में एक - एक नए हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।
तालाब सूखने से भूजल स्तर पर पड़ा असर
महरौनी। नगर के मध्य स्थित प्राचीन नयन सुखसागर तालाब के सूखने का सीधा असर नगर के भूगर्भ जलस्तर पर पडा है। पिछले कुछ सालों से लगातार अतिक्रमण से सिकुडते और उपेक्षा का शिकार हुए इस तालाब में पानी का अभाव अब नगरवासियों को भी खलने लगा है। पूर्ण रूप से वर्षाजल पर भराव के लिए आश्रित इस तालाब में पहले जहां साल के लगभग छह महीने तक पर्याप्त पानी भरा रहता था और पशु पक्षियों की प्यास बुझती रहती थी। तालाब में पानी के भराव से नगर का भूगर्भ जलस्तर भी अच्छा बना रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कम बारिश होने के कारण इस बार तालाब में पानी नहीं रहा और इससे आसपास के मुहल्ले बुरीतरह प्रभावित हुए हैं। भूमिगत जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है।
तालाब के सौंदर्यीकरण और इसमें जल संरक्षण की दिशा में पहल की जा रही है। तालाब में वर्ष भर पानी का भराव रहे, इसके लिए निकट भविष्य में तालाब का गहरीकरण कराया जाना है। कुछ दिन पहले तालाब में एक बोर कराया गया। अच्छी बात यह है कि बोर सफल रहा, जिससे तालाब में वर्ष भर पानी का इंतजाम रहेगा। इससे नगर का भूगर्भ जल स्तर भी अच्छा बना रहेगा। जिन मुहल्लों में पानी की किल्लत अधिक होगी, वहां पर टैंकरों से जलापूर्ति कराई जाएगी। जल संस्थान के अधिकारियों से सुबह और शाम दोनों वक्त नलों से पर्याप्त पेयजलापूर्ति कराने को कहा जाएगा।
- कृष्णा सिंह
नगर पंचायत अध्यक्ष
पेयजल समस्या को लेकर नगर पंचायत गंभीर है। पेयजलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिन मुहल्लों में ज्यादा समस्या होगी, वहां आवश्यकता के अनुसार टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। 52 हैंडपंप नए लगाने और 9 रीबोर कराने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल संस्थान को मास्टर कालोनी और लुहरयाना मुहल्ला में पानी की पाइप लाइन के विस्तार के लिए लिखा गया है। आम नागरिक भी जल का मोल समझें और अनावश्यक जल की बर्बादी ना करें।
- के एन शर्मा
अधिशासी अधिकारी
पेयजल की भारी परेशानी है। मुहल्ले में केवल तीन हैंडपंपों से पीने योग्य पानी आ रहा है और इन पर कायस्थपुरा, कछयाना मुहल्ला व अथाई पुरा के सैकड़ों परिवार निर्भर हैं।
- रमेश सेन
इस क्षेत्र में अधिकांश घरों में बोर सूख जाने के बाद हैंडपंप पर ही निर्भरता है और पूरे इलाके के लगभग सौ परिवारों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा मरई माता मंदिर का हैंडपंप है, जिस पर हमेशा पानी भरने वालों की भीड लगी रहती है।
- डग्गी राजा
नाराहट रोड
दलित बस्ती, पुराना सौजना रोड
- कुंदन
टीकमगढ़ रोड पर पेयजल की समस्या है। गर्मी के मौसम में यहां अधिकांश बोर सूख चुके हैं। यहां की मिट्टी खराब होने के कारण अधिकांश बोर सफल नहीं हैं और धंस गए हैं। नई पाइप लाइन बिछने के दो साल बाद भी इसका संचालन नहीं होने से लोग परेशान हैं। पाइप लाइन जल्द शुरू कराई जाए।
- ममता तिवारी
टीकमगढ़ रोड
मुहल्ले में जलसंकट बढता जा रहा है। यहां नल की पाइप लाइन के विस्तार की जरूरत है। इस मांग को लेकर कई ज्ञापन भी अधिकारियों को दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पाइप लाइन का विस्तार जल्दी नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
- राजेश झा
मास्टर कालोनी
मुहल्ले में पानी की समस्या है, क्योंकि आसपास कोई हैंडपंप नहीं है। थोडी दूरी पर पानी की बडी टंकी मौजूद है, लेकिन फिर भी मुहल्ले में पाइप लाइन नहीं होने से पानी की किल्लत है। मुहल्ले की महिलाओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
- गुड्डी दुबे
हैमर वाली गली, नाराहट रोड
मुहल्ले में बहुत पुरानी नल की पाइप लाइन मौजूद है, लेकिन यह जगह- जगह से उखड़ गई है तथा चोक हो गई है। कोई मरम्मत न होने से पिछले लगभग दस सालों से नलों में पानी नहीं आ रहा, जबकि मुहल्ले में अनेक लोग नल कनेक्शन लिए हैं।
- कृष्ण स्वरूप पटैरिया
कायस्थपुरा
पाइप लाइन तो पहले से है, लेकिन वह काफी समय से क्षतिग्रस्त है और चोक हो गयी है। पानी के लिए परेशान मुहल्ले वाले नल कनेक्शन लेने को तैयार हैं, लेकिन पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है, जिससे परेशानी हो रही है।
- नीरज गुप्ता
बानपुर रोड
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महरौनी (ललितपुर)। महरौनी में तेजी से भूगर्भ जलस्तर घटने से अनेक मुहल्लों में पेयजल की किल्लत बढ़ने लगी है। कस्बावासियों ने पाइप लाइन की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री उमा भारती को पत्र लिखकर समस्या समाधान की मांग उठाई थी, जिसको संज्ञान में लेकर उनके अतिरिक्त निजी सचिव की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ। मंडलायुक्त को भी समस्या बताई गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
सूखा की विभीषका झेल रहे बुंदेलखंड में सरकारी हैंडपंपों ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया है तो वहीं निजी बोर भी धीरे-धीरे सूखने लगे हैं। ऐसे में लोगों को पानी के इंतजाम के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है और खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। कुछ हैंडपंप अभी चालू हालत में तो हैं, लेकिन वह दो से तीन बाल्टी पानी निकलने के बाद साथ छोड़ देते हैं। कुछ हैंडपंप का पानी खारा और जंगयुक्त है।
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कस्बे के कुछ मुहल्ले ऐसे हैं, जहां पेयजल का इंतजाम करना काफी कठिन है। इनमें टीकमगढ़ रोड, नाराहट रोड, मास्टर कालोनी, पंडा कालोनी, मडावरा रोड, कायस्थपुरा, टपरियन, पुराना सौजना रोड आदि मुहल्ले शामिल हैं। टीकमगढ़ रोड पर स्थित बालाजी मंदिर परिसर में लगे हैंडपंप पर अनेक परिवार निर्भर हैं।
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अधिकांश आबादी नलों पर ही निर्भर
महरौनी। नगर में नल पाइप लाइन से जल संस्थान द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति नगरवासियों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है, जिससे वह परेशान हैं। सरकारी हैंडपंप व निजी बोर सूखने के बाद अधिकांश आबादी नलों के पानी पर ही निर्भर है, लेकिन नलों से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से लोगों में आक्रोश है और पानी सप्लाई का समय बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है।
परेशान लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में जहां पानी की अधिक जरूरत है, वहीं जल संस्थान द्वारा दिन भर में केवल आधा-पौन घंटे के लिए ही पानी छोड़ा जाता है, जिससे दिन भर के पीने को पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। कुछ नलों के पास बर्तनों का जमावड़ा और लोगों की भीड़ रोज देखी जा रही है, जो नल आने से काफी समय पहले से पानी की प्रतीक्षा करते बैठे रहते हैं और नल आने पर पानी भरने के लिए होड़ मच जाती है।
नई पाइप लाइन बिछाई जाए
महरौनी। अधिकांश मुहल्लों में नल की पाइप लाइन नहीं बिछी है तो कुछ मुहल्लों में पाइप लाइन होने के बावजूद जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, क्योंकि समुचित देखरेख व मरम्मत के अभाव में पुरानी जर्जर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त और चोक हो गई है। परेशान मुहल्लेवाले प्रशासन से नयी पाइप लाइन डलवाने और पुरानी लाइन की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
बता दें कि टीकमगढ़ रोड पर लगभग दो वर्ष पूर्व जल संस्थान द्वारा नई पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन अभी तक इसको किसी जलस्रोत से नहीं जोड़ा गया। इस कारण इस इलाके में जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। मुहल्लेवाले बेसब्री से इस लाइन के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति हेतु ग्राम निवारी के पास कुछ माह पहले एक बोर भी कराया गया था, जिसमें पर्याप्त पानी भी है लेकिन अभी तक जल संस्थान द्वारा इस बोर से जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई। मंडलायुक्त को भी समस्या से अवगत कराया गया।
क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से व्यर्थ बह रहा पानी
महरौनी। गर्मी के इस मौसम में जलसंकट की स्थिति बन रही है और पानी की एक-एक बूंद कीमती है, लेकिन जल संस्थान के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से नगर के नाराहट रोड पर पिछले दो दिन से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से पानी बेकार बह रहा है। पावर हाऊस के समीप राजाराम साहू के मकान के सामने पाइप लाइन से व्यर्थ बह रहे पानी की सूचना नागरिकों द्वारा विभागीय कर्मचारियों को दी गई, सूचना पाकर शुक्रवार को वह लोग मौके पर पहुंचे और महज खानापूर्ति करके लौट आए। उनके लौटने के बाद पानी फिर से बहने लगा।
52 नये हैंडपंप और 9 रीबोर का भेजा प्रस्ताव
महरौनी। नगर पंचायत के अंतर्गत विभिन्न मुहल्लों में पेयजलापूर्ति हेतु कई जगहों पर पानी की समस्या के मद्देनजर गर्मी का मौसम शुरू होने के पूर्व नगर पंचायत महरौनी द्वारा अधिशाषी अभियंता जल निगम को पत्र लिखा था। इसमें अलग-अलग मुहल्लों में 52 नए हैंडपंप लगाने और 9 हैंडपंप रीबोर कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें ललितपुर रोड पर 5, नाराहट रोड पर 7, कंचनपुरा में 2, मंडी रोड पर 2, टीकमगढ़ रोड पर 5, पूनम नगर में 3, सौजना रोड पर 7, पंडापुरा में 5, मलैया पुरा में 6, लुहरयाना में 2, जरुआपुरा में 2, बानपुर रोड, कायस्थपुरा, मास्टर कालौनी, टपरियन, मडावरा रोड और प्रज्ञा नगर में एक - एक नए हैंडपंप लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।
तालाब सूखने से भूजल स्तर पर पड़ा असर
महरौनी। नगर के मध्य स्थित प्राचीन नयन सुखसागर तालाब के सूखने का सीधा असर नगर के भूगर्भ जलस्तर पर पडा है। पिछले कुछ सालों से लगातार अतिक्रमण से सिकुडते और उपेक्षा का शिकार हुए इस तालाब में पानी का अभाव अब नगरवासियों को भी खलने लगा है। पूर्ण रूप से वर्षाजल पर भराव के लिए आश्रित इस तालाब में पहले जहां साल के लगभग छह महीने तक पर्याप्त पानी भरा रहता था और पशु पक्षियों की प्यास बुझती रहती थी। तालाब में पानी के भराव से नगर का भूगर्भ जलस्तर भी अच्छा बना रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कम बारिश होने के कारण इस बार तालाब में पानी नहीं रहा और इससे आसपास के मुहल्ले बुरीतरह प्रभावित हुए हैं। भूमिगत जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है।
तालाब के सौंदर्यीकरण और इसमें जल संरक्षण की दिशा में पहल की जा रही है। तालाब में वर्ष भर पानी का भराव रहे, इसके लिए निकट भविष्य में तालाब का गहरीकरण कराया जाना है। कुछ दिन पहले तालाब में एक बोर कराया गया। अच्छी बात यह है कि बोर सफल रहा, जिससे तालाब में वर्ष भर पानी का इंतजाम रहेगा। इससे नगर का भूगर्भ जल स्तर भी अच्छा बना रहेगा। जिन मुहल्लों में पानी की किल्लत अधिक होगी, वहां पर टैंकरों से जलापूर्ति कराई जाएगी। जल संस्थान के अधिकारियों से सुबह और शाम दोनों वक्त नलों से पर्याप्त पेयजलापूर्ति कराने को कहा जाएगा।
- कृष्णा सिंह
नगर पंचायत अध्यक्ष
पेयजल समस्या को लेकर नगर पंचायत गंभीर है। पेयजलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिन मुहल्लों में ज्यादा समस्या होगी, वहां आवश्यकता के अनुसार टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। 52 हैंडपंप नए लगाने और 9 रीबोर कराने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल संस्थान को मास्टर कालोनी और लुहरयाना मुहल्ला में पानी की पाइप लाइन के विस्तार के लिए लिखा गया है। आम नागरिक भी जल का मोल समझें और अनावश्यक जल की बर्बादी ना करें।
- के एन शर्मा
अधिशासी अधिकारी
पेयजल की भारी परेशानी है। मुहल्ले में केवल तीन हैंडपंपों से पीने योग्य पानी आ रहा है और इन पर कायस्थपुरा, कछयाना मुहल्ला व अथाई पुरा के सैकड़ों परिवार निर्भर हैं।
- रमेश सेन
इस क्षेत्र में अधिकांश घरों में बोर सूख जाने के बाद हैंडपंप पर ही निर्भरता है और पूरे इलाके के लगभग सौ परिवारों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा मरई माता मंदिर का हैंडपंप है, जिस पर हमेशा पानी भरने वालों की भीड लगी रहती है।
- डग्गी राजा
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दलित बस्ती, पुराना सौजना रोड
- कुंदन
टीकमगढ़ रोड पर पेयजल की समस्या है। गर्मी के मौसम में यहां अधिकांश बोर सूख चुके हैं। यहां की मिट्टी खराब होने के कारण अधिकांश बोर सफल नहीं हैं और धंस गए हैं। नई पाइप लाइन बिछने के दो साल बाद भी इसका संचालन नहीं होने से लोग परेशान हैं। पाइप लाइन जल्द शुरू कराई जाए।
- ममता तिवारी
टीकमगढ़ रोड
मुहल्ले में जलसंकट बढता जा रहा है। यहां नल की पाइप लाइन के विस्तार की जरूरत है। इस मांग को लेकर कई ज्ञापन भी अधिकारियों को दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पाइप लाइन का विस्तार जल्दी नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
- राजेश झा
मास्टर कालोनी
मुहल्ले में पानी की समस्या है, क्योंकि आसपास कोई हैंडपंप नहीं है। थोडी दूरी पर पानी की बडी टंकी मौजूद है, लेकिन फिर भी मुहल्ले में पाइप लाइन नहीं होने से पानी की किल्लत है। मुहल्ले की महिलाओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
- गुड्डी दुबे
हैमर वाली गली, नाराहट रोड
मुहल्ले में बहुत पुरानी नल की पाइप लाइन मौजूद है, लेकिन यह जगह- जगह से उखड़ गई है तथा चोक हो गई है। कोई मरम्मत न होने से पिछले लगभग दस सालों से नलों में पानी नहीं आ रहा, जबकि मुहल्ले में अनेक लोग नल कनेक्शन लिए हैं।
- कृष्ण स्वरूप पटैरिया
कायस्थपुरा
पाइप लाइन तो पहले से है, लेकिन वह काफी समय से क्षतिग्रस्त है और चोक हो गयी है। पानी के लिए परेशान मुहल्ले वाले नल कनेक्शन लेने को तैयार हैं, लेकिन पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है, जिससे परेशानी हो रही है।
- नीरज गुप्ता
बानपुर रोड