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जनप्रतिनिधि की उदासीनता से उपेक्षित हैं बुंदेलखंडवासी

Mon, 01 Aug 2022 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:48 AM IST
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Bundelkhand residents are neglected by the apathy of public representatives
ललितपुर। बुंदेलखंड क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते मूलभूत सुविधाएं उपेक्षित पड़ी हुईं है। यहां पर उद्योग शून्यता, उच्च, व्यावसायिक, तकनीकी शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताएं, बेरोजगारी भीषण समस्याएं बनी हुईं है। समस्याओं को लेकर बुंदलेखंड विकास सेना ने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कंपनी बाग में धरना प्रदर्शन किया।
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सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा हाल ही में लोकसभा में एक सांसद द्वारा भारत में नये राज्य के गठन से संबंधित सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय कहा कि केंद्र सरकार के पास नए राज्य का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इससे बुंदेलखंड वासियों को गहरी ठेस लगी है। उन्होंने कहा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल के अलावा किसी ने प्रयास तक नहीं किया है। जनप्रतिनिधि केवल चुनावी मोहरे बनके रह गए हैं। जो चुनाव नजदीक आते ही जनता को लुभा कर ठगने का कार्य करते हैं और झूठ का पुलिंदा थमाकर अपना उल्लू सीधा करने में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा हमारा संगठन 25 वर्ष से बुंदेलखंड प्रांत की मांग कर रहा है, पर अब तक कोई आमूल चूल परिवर्तन नहीं आया है। इस दौरान सुदेश नायक, हेमंत, हनुमत हलवाई, भगवत वर्मा, परवेज पठान, महेंद्र शुक्ला, विजय उपाध्याय, राजकुमार कुशवाहा, अमरसिंह, प्रदीप, कदीर खां, शिखर, गफूर खां, गौरव विश्वकर्मा, पुषेंद्र शर्मा, मुन्ना महाराज, विनोद साहू, नंदराम कुशवाहा, कामता प्रसाद, लोकेश रैकवार, सोनू राजा, प्रदीप रैकवार, रवि रैकवार आदि मौजूद रहे।
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