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बुंदेलखंड में स्थापित होना चाहिए हॉकी का प्रशिक्षण संस्थान

Tue, 03 Aug 2021 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 01:03 AM IST
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bundelkhand hockey represantation
HOCKEY CUT.jpg - फोटो : HOCKEY CUT.jpg
ललितपुर। चार दशक से अधिक समय के बाद ओलंपिक में भारतीय हॉकी महिला टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है, इससे देशवासी गर्व महसूस कर रहे हैं। यदि बुंदेलखंड की बात करें तो यहां हॉकी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिला है। अब क्षेत्रवासी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रशिक्षण संस्थान बुंदेलखंड में स्थापित करने की मांग उठा रहे हैं।
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देशवासी हॉकी के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर भारत के विजय की कामना कर रहे हैं। भारत की हॉकी टीम ने 1928 से 1956 तक लगातार छह बार हॉकी में गोल्ड मेडल जीता था। मेजर ध्यानचंद की कर्म स्थली झांसी रही है पर यहां एक भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित नहीं हो सका, इससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को निखरने का अवसर नहीं मिल पाया। यही वजह है कि दद्दा के कद का कोई भी खिलाड़ी बुंदेलखंड से नहीं निकला।
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फोटो 46 कैप्सन-हेमंत तिवारी
मेजर ध्यानचंद की कर्म स्थली झांसी एवं ललितपुर में राष्ट्रीय स्तर का हॉकी प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया जाना चाहिए, जिससे यहां के युवा हरियाणा और पंजाब के युवाओं के समान हॉकी खेल में अपना योगदान दे सकें।- हेमंत तिवारी, सचिव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश
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फोटो 42 कैप्सन-ह्देश गोस्वामी
एक समय हम सिरमौर थे हॉकी में, लेकिन आज क्रिकेट के प्रभाव के कारण यह खेल व इसके खिलाड़ियों को उतना मुक़ाम प्राप्त नहीं हो पाया है। ओलंपिक में जिस तरह भारतीय टीम ने खेल दिखाया, वह यह साबित करता है कि देश में अटूट प्रतिभा है।- ह्देश गोस्वामी
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