पिता की मजबूरी न समझा बेटा: मटर बिकने तक कर लेता इंतजार तो जिंदा होता, जामुन के पेड़ पर फंदा लगाकर दे दी जान
पिता ने उससे दो तीन दिन रुकने को कहा और मटर बिकने के बाद मोबाइल दिलाने की बात कही। वह जिद करने लगा कि उसे शनिवार को ही मोबाइल लेना है।
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ललितपुर कोतवाली महरौनी अंतर्गत गांव छायन निवासी पुष्पेंद्र (17) पुत्र भागचंद ढीमर ने मोबाइल के लिए 20 हजार रुपये नहीं देने पर जामुन के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर महरौनी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली महरौनी अंतर्गत गांव छायन निवासी पुष्पेंद्र ढीमर ने शनिवार दोपहर में अपने पिता भागचंद से मोबाइल लेने के लिए 20 हजार रुपये मांगे थे। पिता ने उससे दो तीन दिन रुकने को कहा और मटर बिकने के बाद मोबाइल दिलाने की बात कही। वह जिद करने लगा कि उसे शनिवार को ही मोबाइल लेना है।
इस पर पिता ने झल्लाते हुए यह भी कह दिया यदि उसे फौरन रुपये चाहिए तो मटर ले जाकर बेच आओ और मोबाइल के लिए रुपये ले लो। इसके बाद पिता मजदूरी करने चला गया और बेटा पुष्पेंद्र घर से बिना बताए ही निकल गया। परिजनों ने समझा कि पुष्पेंद्र किसी रिश्तेदारी में चला गया होगा।
अगले दिन सुबह पुष्पेंद्र का बड़ा भाई अंकित मोहल्ले में ही चक्की पर गया था। तभी उसकी नजर पड़ोस के खेत में एक जामुन के पेड़ पर पड़ी। जिस पर उसका छोटा भाई पुष्पेंद्र रस्सी के फंदे पर लटक रहा था।
इस पर वह जोर जोर से चीखने चिल्लाने लगा। यह देख अन्य ग्रामीण एकत्रित हो गए और इसकी जानकारी महरौनी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक दो भाइयों में छोटा था और वह दसवीं तक पढ़ा था और इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी।