{"_id":"5d7013988ebc3e93da786bb8","slug":"body-guard-find-in-1497-free-cow-lalitpur-news-jhs1473296178","type":"story","status":"publish","title_hn":"1497 गायों को मिले पालने वाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1497 गायों को मिले पालने वाले
विज्ञापन
ललितपुर। डीएम मानवेंद्र सिंह ने गोवंश संरक्षण की जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन और समीक्षा समिति की बैठक में निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा की। बताया गया है कि लक्ष्य 5386 के सापेक्ष अब तक 1497 गोवंश को पालने वाले मिल गए हैं।
कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा में बताया गया कि गोपालकों को मड़ावरा तहसील में 15 सौ के सापेक्ष 532, पाली में 12 सौ के सापेक्ष 502, ललितपुर में एक हजार के सापेक्ष 174, महरौनी में 843 के सापेक्ष 169 और तालबेहट तहसील में 843 के सापेक्ष 120 गोवंश को गोपालक मिल गए हैं। तहसील तालबेहट की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। सभी एसडीएम व तहसीलदारों को लक्ष्य पूर्ति इसी माह पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निराश्रित/बेसहारा गोवंश किसी भी दशा में सड़क या खेतों में नहीं दिखने चाहिए। सड़कों के किनारे के गांवों के ग्राम प्रधानों को लेखपालों के साथ बैठक कर व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना से कुछ मजदूरों द्वारा व्यवस्था करके निराश्रित गोवंश को चरने की सुविधा यदि उपलब्ध है, तो व्यवस्था कराएं। गायों का दूध निकालकर छुट्टा छोड़ने वाले पशुपालकों के विरुद्ध कार्रवाई करें। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक व एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी इसी तरह कार्रवाई करें। भूसा बैकों में संरक्षित भूसा को निकटतम गोवंश स्थल पर पहुंचाने के लिए खंड विकास अधिकारियों से कहा गया। गोवंश आश्रय स्थल कल्यानपुरा में 12 ग्रामों के गोवंश संरक्षित हैं। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को यह सूची तहसीलदार सदर को प्रदान करने को निर्देश दिए। सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर भूमि समतलीकरण कार्य मनरेगा से कराने को कहा। एक सप्ताह में रबी के मौसम में हरा चारा बरसीम एवं जई बोने हेतु चिह्नित स्थलों की सूची देने को कहा।
तहसीलदार तालबेहट को मथुरा डांग ग्राम में उपलब्ध 12 एकड़ भूमि को मौके पर जाकर सत्यापन कर रिपोर्ट देेने को कहा। तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत महरौनी को ग्राम पड़वा की जमीन का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। तहसीलदार सदर को अमरपुर मंडी के सामने पड़ी भारत एक्सप्लोसिव की जमीन का मुआयना कर रिपोर्ट देने को कहा। सभी पशुचिकित्साधिकारियों से कहा गया कि अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले गोवंश आश्रय स्थलों का प्रतिदिन भ्रमण करके वहां संरक्षित गोवंश की चिकित्सा और टीकाकरण करें। यह सुनिश्चित करें कि किसी भी गोवंश की चिकित्सा के आभाव में मृत्यु नहीं होने पाए। बरसात में कुछ समय के लिए टैगिंग तथा बधियाकरण रोक दें। मौसम सही होते ही फिर से बधियाकरण व टैगिंग शुरू करें। उपजिलाधिकारी पाली के सुझाव पर प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर प्राथमिक पशुचिकित्सा के लिए एक-एक फर्स्ट एड बॉक्स रखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों का विकास कल्यानपुरा मॉडल पर किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, सभी उपजिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके शाक्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा में बताया गया कि गोपालकों को मड़ावरा तहसील में 15 सौ के सापेक्ष 532, पाली में 12 सौ के सापेक्ष 502, ललितपुर में एक हजार के सापेक्ष 174, महरौनी में 843 के सापेक्ष 169 और तालबेहट तहसील में 843 के सापेक्ष 120 गोवंश को गोपालक मिल गए हैं। तहसील तालबेहट की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। सभी एसडीएम व तहसीलदारों को लक्ष्य पूर्ति इसी माह पूरी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निराश्रित/बेसहारा गोवंश किसी भी दशा में सड़क या खेतों में नहीं दिखने चाहिए। सड़कों के किनारे के गांवों के ग्राम प्रधानों को लेखपालों के साथ बैठक कर व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना से कुछ मजदूरों द्वारा व्यवस्था करके निराश्रित गोवंश को चरने की सुविधा यदि उपलब्ध है, तो व्यवस्था कराएं। गायों का दूध निकालकर छुट्टा छोड़ने वाले पशुपालकों के विरुद्ध कार्रवाई करें। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक व एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी इसी तरह कार्रवाई करें। भूसा बैकों में संरक्षित भूसा को निकटतम गोवंश स्थल पर पहुंचाने के लिए खंड विकास अधिकारियों से कहा गया। गोवंश आश्रय स्थल कल्यानपुरा में 12 ग्रामों के गोवंश संरक्षित हैं। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को यह सूची तहसीलदार सदर को प्रदान करने को निर्देश दिए। सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर भूमि समतलीकरण कार्य मनरेगा से कराने को कहा। एक सप्ताह में रबी के मौसम में हरा चारा बरसीम एवं जई बोने हेतु चिह्नित स्थलों की सूची देने को कहा।
तहसीलदार तालबेहट को मथुरा डांग ग्राम में उपलब्ध 12 एकड़ भूमि को मौके पर जाकर सत्यापन कर रिपोर्ट देेने को कहा। तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत महरौनी को ग्राम पड़वा की जमीन का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। तहसीलदार सदर को अमरपुर मंडी के सामने पड़ी भारत एक्सप्लोसिव की जमीन का मुआयना कर रिपोर्ट देने को कहा। सभी पशुचिकित्साधिकारियों से कहा गया कि अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले गोवंश आश्रय स्थलों का प्रतिदिन भ्रमण करके वहां संरक्षित गोवंश की चिकित्सा और टीकाकरण करें। यह सुनिश्चित करें कि किसी भी गोवंश की चिकित्सा के आभाव में मृत्यु नहीं होने पाए। बरसात में कुछ समय के लिए टैगिंग तथा बधियाकरण रोक दें। मौसम सही होते ही फिर से बधियाकरण व टैगिंग शुरू करें। उपजिलाधिकारी पाली के सुझाव पर प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर प्राथमिक पशुचिकित्सा के लिए एक-एक फर्स्ट एड बॉक्स रखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों का विकास कल्यानपुरा मॉडल पर किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, सभी उपजिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके शाक्य आदि मौजूद रहे।