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ब्लॉक जखौरा परिषदीय स्कूलों के रजिस्टर तलब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:10 AM IST
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school ,lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। जखौरा ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों की संबद्धीकरण, चाइल्ड केयर लीव व चिकित्सीय अवकाश का ब्यौरा अफसरों के पास नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारी ने ब्यौरा न मिलने पर ब्लॉक के सभी परिषदीय स्कूलों के खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा ने शिक्षकों के संबद्घीकरण, सीसीएल एवं मेडिकल अवकाश का ब्योरा नहीं मिलने पर स्कूलों से रजिस्टर तलब किए हैं।
परिषदीय शिक्षा को गुणवत्तापूर्व बनाने में शिक्षकों का संबद्घीकरण सबसे बड़ी बाधा बना है। यही नहीं, कई शिक्षक व शिक्षिकाएं मेडीकल एवं बाल्य देखभाल अवकाश का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसे शासन ने संज्ञान में लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संबद्घीकरण, प्रसूति अवकाश एवं मेडीकल अवकाश का ब्लॉकवार ब्योरा तलब किया है। कई ब्लॉक के अधिकारी वास्तविक सूचना देने से कतरा रहे हैं।
वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने वास्तविक सूचना उपलब्ध कराने के मकसद से गहन पड़ताल शुरू कर दी है। कई दिन बीतने के बाद भी बीआरसी पर सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं का मेडीकल, मातृत्व अवकाश, संबद्घीकरण आदि का ब्योरा तैयार नहीं हो सका है।
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इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने संकुल प्रभारियों से विद्यालयों के रजिस्टर तलब किए हैं। उनका मानना है कि जो सूचनाएं बीआरसी पर उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें स्कूलों के रजिस्टर से हासिल किया जा सकता है।
संबद्घीकरण की सूचना गोलमोल
बीआरसी जखौरा, बिरधा, बार व महरौनी में शिक्षक, शिक्षिकाओं, अनुदेशक एवं शिक्षा मित्रों का सबसे ज्यादा संबद्घीकरण रहा है। कई शिक्षक व शिक्षिकाएं तो ऐसे थे, जिनके ब्लॉक ही बदल दिए गए थे। शासन के सख्त रुख पर संबद्घीकरण पर डंडा चलना प्रारंभ हो गया है। लेकिन, इसे पूरी तरह समाप्त कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, खंड शिक्षा अधिकारियों ने इसकी सूचना गोलमोल कर दी है, जिससे संबद्घ शिक्षक व, शिक्षिकाओं की संख्या वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने निल संबद्घीकरण का प्रमाण पत्र बीएसए को अभी उपलब्ध नहीं कराया है।
बीएलओ की संबद्घता पर अफसर मेहरबान
शासन ने सभी प्रकार के संबद्घीकरण का ब्योरा मांगा है, लेकिन विभागीय अफसर बीएलओ, समाजवादी पेंशन, मिड-डे मील की डाटा फीडिंग का कार्य कर रहे शिक्षक व शिक्षिकाओं की सूचना देने से कन्नी काट रहे हैं। इससे शासन की मंशा पूरी होती दिखाई नहीं दे रही है।
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परिषदीय शिक्षा को गुणवत्तापूर्व बनाने में शिक्षकों का संबद्घीकरण सबसे बड़ी बाधा बना है। यही नहीं, कई शिक्षक व शिक्षिकाएं मेडीकल एवं बाल्य देखभाल अवकाश का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसे शासन ने संज्ञान में लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संबद्घीकरण, प्रसूति अवकाश एवं मेडीकल अवकाश का ब्लॉकवार ब्योरा तलब किया है। कई ब्लॉक के अधिकारी वास्तविक सूचना देने से कतरा रहे हैं।
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वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने वास्तविक सूचना उपलब्ध कराने के मकसद से गहन पड़ताल शुरू कर दी है। कई दिन बीतने के बाद भी बीआरसी पर सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं का मेडीकल, मातृत्व अवकाश, संबद्घीकरण आदि का ब्योरा तैयार नहीं हो सका है।
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इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने संकुल प्रभारियों से विद्यालयों के रजिस्टर तलब किए हैं। उनका मानना है कि जो सूचनाएं बीआरसी पर उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें स्कूलों के रजिस्टर से हासिल किया जा सकता है।
संबद्घीकरण की सूचना गोलमोल
बीआरसी जखौरा, बिरधा, बार व महरौनी में शिक्षक, शिक्षिकाओं, अनुदेशक एवं शिक्षा मित्रों का सबसे ज्यादा संबद्घीकरण रहा है। कई शिक्षक व शिक्षिकाएं तो ऐसे थे, जिनके ब्लॉक ही बदल दिए गए थे। शासन के सख्त रुख पर संबद्घीकरण पर डंडा चलना प्रारंभ हो गया है। लेकिन, इसे पूरी तरह समाप्त कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, खंड शिक्षा अधिकारियों ने इसकी सूचना गोलमोल कर दी है, जिससे संबद्घ शिक्षक व, शिक्षिकाओं की संख्या वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि खंड शिक्षा अधिकारियों ने निल संबद्घीकरण का प्रमाण पत्र बीएसए को अभी उपलब्ध नहीं कराया है।
बीएलओ की संबद्घता पर अफसर मेहरबान
शासन ने सभी प्रकार के संबद्घीकरण का ब्योरा मांगा है, लेकिन विभागीय अफसर बीएलओ, समाजवादी पेंशन, मिड-डे मील की डाटा फीडिंग का कार्य कर रहे शिक्षक व शिक्षिकाओं की सूचना देने से कन्नी काट रहे हैं। इससे शासन की मंशा पूरी होती दिखाई नहीं दे रही है।