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संकट:काली मिट्टी के दलदल से निकलना मुश्किल, आठ माह के लिए रास्ता बंद

Tue, 03 Aug 2021 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 12:42 AM IST
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black soil road, mud filled, traval trouble
गदोरा से बमराना संपर्क मार्ग पर भरा पानी - फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द(ललितपुर)। आजादी के बाद विकास के तमाम दावे किए गए लेकिन गदोरा से बमराना करीब चार किलोमीटर संपर्क मार्ग आज तक नहीं बन सका। काली मिट्टी की इस सड़क पर बारिश अथवा नहर का पानी आ जाने से दलदल हो जाता और फिसलन के इस वजह से इस सड़क से गुजरना जोखिम भरा हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक साल में आठ महीने के लिए इस सड़क से निकलना बंद रहने के कारण उन्हें थाना और तहसील तक जाने के लिए 25 किमी का फासला तय करना पड़ता है।
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गदोरा से बमराना जाने वाले संपर्क मार्ग से बमराना, सक्तू, बुदनी, दैनपुरा, मुढिया, बारचोन, गदोरा, धोलपुरा सहित करीब ढाई दर्जन गावों के करीब 25 हजार ग्रामीणों का आवागमन रहता है। थाना नराहट और तहसील पाली के लिए कम दूरी का यही रास्ता आसान है। डोंगराखुर्द से गदोरा तक प्रधानमंत्री योजना के तहत सड़क बनी हुई है वहीं सैदपुर से बमराना तक पक्की सड़क है लेकिन बमराना से गदोराके बीच चार किलोमीटर सड़क कच्ची होने से लोगों आवागमन बरसात शुरू होते ही बंद हो जाता है। इससे ग्रामीणों को चार किलोमीटर के सफर को करीब 30 किलोमीटर घूमकर जाना पङता है। ऐसे में राहगीरों को समय के साथ ही पैसा भी अधिक खर्च करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक बरसात के बाद सर्दी में नहर का पानी खेतों से होकर सड़क पर भर जाता इस वजह से एक साल में करीब आठ महीना इस मार्ग से आवागमन बंद रहता है।
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चार गांवों के लोगों ने किया था मतदान का बहिष्कार
अफसरों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों से तंग आकर वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में इस क्षेत्र के चार गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। तत्कालीन अफसरों ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। नतीजतन करीब तीन हजार मतदाताओं ने वोट नहीं डाले। ग्रामीणों का कहना था कि तत्कालीन अफसरों ने चुनाव के बाद सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में किसी ने इस ओर मुड़कर नहीं देखा। जनप्रतिनिधि भी इस ओर गंभीर नहीं है। ग्रामीणों ने अफसरों से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सड़क बनवाने की मांग की है।
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गदोरा- बमराना सड़क एवं क्षेत्र की अन्य सड़कों को बनवाए जाने के संबंध में उप मुख्यमंत्री को प्रस्ताव देकर अवगत कराया दिया गया है। सड़क स्वीकृत होने के बाद जल्द बनवाई जाएगी।-मनोहर लाल पंथ, श्रम सेवा योजन राज्य मंत्री
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ग्रामीणों ने 2017 में विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार भी किया था। आश्वासन के बाद भी सड़क अब तक नहीं बनी। थाना व तहसील पहुंचने के लिए करीब 30 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है।-रवि टोंटे
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गदोरा-बमराना सड़क बनने सें दर्जनों गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा हो सकेगी। सड़क निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों को पहल करना चाहिए है।- हीरालाल कुशवाहा

गदोरा-बमराना संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिला मुख्यालय पर जाकर अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवगत कराया, आश्वासन तो मिला पर धरातल पर कुछ नही हुआ।- बृजेंद्र टोंटे

दलदल में तब्दील गदोरा-बमराना संपर्क मार्ग

दलदल में तब्दील गदोरा-बमराना संपर्क मार्ग- फोटो : LALITPUR

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