{"_id":"579ba7794f1c1bf56e21e4e6","slug":"black-our-in-120-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"इनकमिंग मशीन खराब, 120 गांवों में ब्लैक आउट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इनकमिंग मशीन खराब, 120 गांवों में ब्लैक आउट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
electrecity, lalitpur hindi news.
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। बाईपास सब स्टेशन पर स्थापित पुरानी प्रणाली की ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनों की दयनीय स्थिति के कारण आएदिन बिजली व्यवस्था ठप बनी रहती है। बृहस्पतिवार को शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने वाले तीन फीडरों की इनकमिंग मशीन बिगड़ जाने से 120 गांव की बिजली आपूर्ति रात भर ठप रही। हालांकि शहरी क्षेत्र के फीडर को गल्ला मंडी सब स्टेशन के फीडर से जोड़कर मुहल्लों को बिजली मुहैया कराई गई।
बाइपास स्थित 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित फीडर नंबर दो, कल्यानुपरा, कालोनी-निवाई, मसौरा, निवाई नदनवारा, फीडरों के माध्यम से शहर के आधा दर्जन मुहल्लों व डेढ़ सौ गांवों को बिजली आपूर्ति देकर घरों को रोशन किया जाता है। सब स्टेशन पर स्थापित विभिन्न फीडरों की पुरानी प्रणाली पर आधारित ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। इन मशीनों में आए दिन तकनीकी खराबी आने के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति घंटों या फिर कई दिनों तक बाधित बनी रहती है। बृहस्पतिवार की रात नौ बजे शहर के फीडर नंबर दो, कल्यानपुरा व कांशीराम कालोनी-निवाई फीडरों की इनकमिंग ओसीबी मशीन के मेल व फीमेल कांटेक्ट में खराबी आ गई और तेज धमाके के साथ मशीन खराब हो गई।
इससे शहर के मुहल्ला खिरकापुरा, कांशीराम कालोनी, नारायणपुरा, पठापुरा, पुुरानी बजरिया, चौबयाना, मऊठाना, नदीपुरा, आजादचौक की बिजली गुल हो गई। जबकि कल्यानपुरा व कालोनी-निवाई फीडर के अंतर्गत ग्राम गोगला, हरपुरा, खोंखरा, पटराई, कचनौंदा, गुगरवारा, कल्यापुरा, मिर्चवारा, टोरी, टपरियन, निवाई, घटवार, खोंखरा, जामुनधाना, राजकीय महाविद्यालय के पास स्थित काशीराम कालोनी समेत करीब 60 गांव की बिजली आपूर्ति रात भर ठप रही। जानकारी मिलने पर विद्युत अधिकारी रात में सब स्टेशन पहुंच गए और शहरी फीडर नंबर दो को बृहस्पतिवार को ही रात 11.50 बजे गल्ला मंडी सब स्टेशन में स्थापित पिसनारी फीडर से जोड़कर बिजली आपूर्ति दी गई। लेकिन बाकी प्रभावित दोनों फीडरों के अंतर्गत आने वाले गांव की बिजली 16 घंटे तक गुल रही। सुबह होने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा इनकमिंग मशीन की खराबी को ठीक किया गया और शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। वहीं, फीडर नंबर दो की बिजली पिसनारी फीडरों से जोड़ने से ओवरलोड होने पर यहां स्थापित देवगढ़ फीडर की बिजली भी रात भर बंद रही। इससे इसके अंतर्गत आने वाले 60 गांव की बिजली भी 16 घंटे बाद सुचारु की जा सकी।
विज्ञापन
जबकि इससे पूर्व भी मंगलवार को कल्यानपुरा फीडर की ओसीबी मशीन में खराबी आ गई थी, जिसके विद्युत उपकरण काफी मुश्किल में उपलब्ध हो सके थे। सब स्टेशन में स्थापित ओसीबी मशीनों के खराब होने का सिलसिला कई महीनों से लगातार जारी बना हुआ है, जिससे सैकड़ों गांव की बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। इसके बाद भी विभाग द्वारा नई प्रणाली की वेक्यूम सर्किट ब्रेकर मशीनों को लगाने में तत्परता नहीं दिखाई जा रही है।
स्टोर में उपलब्ध नहीं विद्युत उपकरण
ललितपुर। पुरानी या फिर नई प्रणाली की ओसीबी और वीसीबी मशीनों के जरूरी उपकरण विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं है, इसके चलते मशीनों के खराब होने पर उनके नए उपकरण या तो अन्य जनपद से मंगाना पड़ते हैं या फिर अन्य सब स्टेशनों पर पुराने उपकरण तलाश कर मशीनों में लगाए जाते हैं, तब कहीं जाकर मशीनों से आपूर्ति सुचारु हो पाती है। उपकरणों की जुगाड़ करने में ही विभागीय अधिकारियों को घंटों या फिर एक से दो दिन तक लग जाते हैं।
विज्ञापन
बाइपास स्थित 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित फीडर नंबर दो, कल्यानुपरा, कालोनी-निवाई, मसौरा, निवाई नदनवारा, फीडरों के माध्यम से शहर के आधा दर्जन मुहल्लों व डेढ़ सौ गांवों को बिजली आपूर्ति देकर घरों को रोशन किया जाता है। सब स्टेशन पर स्थापित विभिन्न फीडरों की पुरानी प्रणाली पर आधारित ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। इन मशीनों में आए दिन तकनीकी खराबी आने के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति घंटों या फिर कई दिनों तक बाधित बनी रहती है। बृहस्पतिवार की रात नौ बजे शहर के फीडर नंबर दो, कल्यानपुरा व कांशीराम कालोनी-निवाई फीडरों की इनकमिंग ओसीबी मशीन के मेल व फीमेल कांटेक्ट में खराबी आ गई और तेज धमाके के साथ मशीन खराब हो गई।
विज्ञापन
इससे शहर के मुहल्ला खिरकापुरा, कांशीराम कालोनी, नारायणपुरा, पठापुरा, पुुरानी बजरिया, चौबयाना, मऊठाना, नदीपुरा, आजादचौक की बिजली गुल हो गई। जबकि कल्यानपुरा व कालोनी-निवाई फीडर के अंतर्गत ग्राम गोगला, हरपुरा, खोंखरा, पटराई, कचनौंदा, गुगरवारा, कल्यापुरा, मिर्चवारा, टोरी, टपरियन, निवाई, घटवार, खोंखरा, जामुनधाना, राजकीय महाविद्यालय के पास स्थित काशीराम कालोनी समेत करीब 60 गांव की बिजली आपूर्ति रात भर ठप रही। जानकारी मिलने पर विद्युत अधिकारी रात में सब स्टेशन पहुंच गए और शहरी फीडर नंबर दो को बृहस्पतिवार को ही रात 11.50 बजे गल्ला मंडी सब स्टेशन में स्थापित पिसनारी फीडर से जोड़कर बिजली आपूर्ति दी गई। लेकिन बाकी प्रभावित दोनों फीडरों के अंतर्गत आने वाले गांव की बिजली 16 घंटे तक गुल रही। सुबह होने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा इनकमिंग मशीन की खराबी को ठीक किया गया और शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। वहीं, फीडर नंबर दो की बिजली पिसनारी फीडरों से जोड़ने से ओवरलोड होने पर यहां स्थापित देवगढ़ फीडर की बिजली भी रात भर बंद रही। इससे इसके अंतर्गत आने वाले 60 गांव की बिजली भी 16 घंटे बाद सुचारु की जा सकी।
विज्ञापन
जबकि इससे पूर्व भी मंगलवार को कल्यानपुरा फीडर की ओसीबी मशीन में खराबी आ गई थी, जिसके विद्युत उपकरण काफी मुश्किल में उपलब्ध हो सके थे। सब स्टेशन में स्थापित ओसीबी मशीनों के खराब होने का सिलसिला कई महीनों से लगातार जारी बना हुआ है, जिससे सैकड़ों गांव की बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। इसके बाद भी विभाग द्वारा नई प्रणाली की वेक्यूम सर्किट ब्रेकर मशीनों को लगाने में तत्परता नहीं दिखाई जा रही है।
स्टोर में उपलब्ध नहीं विद्युत उपकरण
ललितपुर। पुरानी या फिर नई प्रणाली की ओसीबी और वीसीबी मशीनों के जरूरी उपकरण विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं है, इसके चलते मशीनों के खराब होने पर उनके नए उपकरण या तो अन्य जनपद से मंगाना पड़ते हैं या फिर अन्य सब स्टेशनों पर पुराने उपकरण तलाश कर मशीनों में लगाए जाते हैं, तब कहीं जाकर मशीनों से आपूर्ति सुचारु हो पाती है। उपकरणों की जुगाड़ करने में ही विभागीय अधिकारियों को घंटों या फिर एक से दो दिन तक लग जाते हैं।