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भाजपा ने जिले में रचा इतिहास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:16 AM IST
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bjp, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
मौजूदा साल भारतीय जनता पार्टी के लिए नाम रहा। पार्टी ने जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया। महरौनी क्षेत्र के विधायक क्षेत्र मंत्रिमंडल में जगह पाने में कामयाब हुए। वहीं, नगर पालिका परिषद में 17 साल के वनवास को खत्म करते हुए अध्यक्ष की सीट हथिया ली। सबसे ज्यादा नुकसान बसपा को उठाना पड़ा। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में ललितपुर व महरौनी की सीटें खोई। सपा के हाथ भी कुछ नहीं लगा।
सदर विधानसभा सीट से डा. अरविंद जैन चार बार विधायक व एक बार मंत्री रहे हैं। उनके चुनाव हार के बाद तो भाजपा को अपना विधायक बनाना मुश्किल हो गया। हर चुनाव में बसपा के कुशवाहा दलित के गठजोड़ में भाजपा एक के बाद एक चुनाव हारती गई। वर्ष 2017 के चुनाव में सदर सीट से पिछड़ा कार्ड खेलते हुए रामरतन कुशवाहा को मैदान में उतारा। इससे बसपा का कुशवाहा दलित का मजबूत समीकरण बिगड़ गया। इसमें बसपा के प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा। रामरतन कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी ज्योति सिंह को 68255 वोटों से हराया था। वहीं, महरौनी विधानसभा सीट से मनोहर लाल पंथ ने बसपा के फेरनलाल अहिरवार को हरा दिया।
इस तरह भाजपा ने दोनों ही सीटें जीत ली। नगर पालिका परिषद के चुनाव में अध्यक्ष पर रजनी साहू को उम्मीदवार बनाया। शुरुआत में पिछड़ती दिख रही उम्मीदवार के पक्ष में ऐसा हवा बनी कि उन्हें जीत के द्वार तक पहुंचा दिया। वर्तमान में स्थिति यह है कि जिला पूरी तरह से जिला पूरी तरह भगवा मय हो गया है। जहां झांसी ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद उमा भारती हैं जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं तो महरौनी विधायक मनोहरलाल पंथ को प्रदेश में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री के तौर जगह दी गई है। इस समय जिले से केंद्र, प्रदेश व लोकल सरकार में भाजपा प्रतिनिधित्व बना हुआ है। अब जिले को वांशिदों को विकास की दरकार है।
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मौजूदा साल भारतीय जनता पार्टी के लिए नाम रहा। पार्टी ने जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया। महरौनी क्षेत्र के विधायक क्षेत्र मंत्रिमंडल में जगह पाने में कामयाब हुए। वहीं, नगर पालिका परिषद में 17 साल के वनवास को खत्म करते हुए अध्यक्ष की सीट हथिया ली। सबसे ज्यादा नुकसान बसपा को उठाना पड़ा। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में ललितपुर व महरौनी की सीटें खोई। सपा के हाथ भी कुछ नहीं लगा।
सदर विधानसभा सीट से डा. अरविंद जैन चार बार विधायक व एक बार मंत्री रहे हैं। उनके चुनाव हार के बाद तो भाजपा को अपना विधायक बनाना मुश्किल हो गया। हर चुनाव में बसपा के कुशवाहा दलित के गठजोड़ में भाजपा एक के बाद एक चुनाव हारती गई। वर्ष 2017 के चुनाव में सदर सीट से पिछड़ा कार्ड खेलते हुए रामरतन कुशवाहा को मैदान में उतारा। इससे बसपा का कुशवाहा दलित का मजबूत समीकरण बिगड़ गया। इसमें बसपा के प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा। रामरतन कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी ज्योति सिंह को 68255 वोटों से हराया था। वहीं, महरौनी विधानसभा सीट से मनोहर लाल पंथ ने बसपा के फेरनलाल अहिरवार को हरा दिया।
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इस तरह भाजपा ने दोनों ही सीटें जीत ली। नगर पालिका परिषद के चुनाव में अध्यक्ष पर रजनी साहू को उम्मीदवार बनाया। शुरुआत में पिछड़ती दिख रही उम्मीदवार के पक्ष में ऐसा हवा बनी कि उन्हें जीत के द्वार तक पहुंचा दिया। वर्तमान में स्थिति यह है कि जिला पूरी तरह से जिला पूरी तरह भगवा मय हो गया है। जहां झांसी ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद उमा भारती हैं जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं तो महरौनी विधायक मनोहरलाल पंथ को प्रदेश में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री के तौर जगह दी गई है। इस समय जिले से केंद्र, प्रदेश व लोकल सरकार में भाजपा प्रतिनिधित्व बना हुआ है। अब जिले को वांशिदों को विकास की दरकार है।
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