{"_id":"5e517bb28ebc3ef3d154ee86","slug":"biomatric-attendence-in-lalitpur-hospital-lalitpur-news-jhs16078677","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब जिला अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब जिला अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी
विज्ञापन
ललितपुर। जिला अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है। इसमें कर्मचारियों के नाम की फीडिंग और फिंगरप्रिंट के नमूने अपलोड किए जा रहे हैं। एक मार्च से बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगना शुरू होगी।
जनपद की आबादी के इलाज की इकलौती आस जिला अस्पताल है। क्योंकि, यहां पर न तो बड़े नर्सिंग होम और न ही बड़ा अस्पताल है। ऐसे में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र व शहर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। इससे अस्पताल में 24 घंटे मरीज रहते हैं। अस्पताल में ओपीडी समय में ही डेढ़ हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। वहीं, इमरजेंसी में चार-पांच सौ मरीज आते हैं। ओपीडी समय में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर लंबी कतारें लगी रहती है।
कई मरीज को समय पर आ जाते थे, लेकिन ओपीडी के कक्ष के बाहर बैठकर चिकित्सक का इंतजार करते रहते थे। तो कुछ मरीज इंतजार कर निजी चिकित्सकों का सहारा लेकर उपचार कराने को मजबूर हैं। मरीजों को चिकित्सक समय पर नहीं मिलने से जांच भी नहीं मिल पाती है। दूसरे दिन आकर जांच समेत इलाज कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मरीजों की समस्या को देखते हुए व चिकित्सकों, कर्मचारियों के समय पर आने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है, ताकि चिकित्सालय स्टाफ समय पर आए। मशीन के लगने की सूचना पर अस्पताल कर्मचारियों में उथल - पुथल मची है। अस्पताल में समय से पहुचंने की चिंता सता रही है। हालांकि, अस्पताल के सभी कर्मचारियों के थंब (अगूंठा) के प्रिंट अपलोड नहीं हो सके हैं। इससे एक सप्ताह तक टल गया है। अब एक मार्च से बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगेगी।
चिकित्सक व कर्मचारी फीडिंग में नहीं ले रहे रुचि
अस्पताल में चिकित्सक व अन्य कर्मचारी समेत दो सौ से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैँ ठनका डाटा व थंब प्रिंट किया जाना है। अस्पताल प्रबंधन एक सप्ताह पूर्व डाटा अपलोड कराने के निर्देश दे चुका है, लेकिन अब तक आधे से अधिक कर्मचारियों ने डाटा अपलोड कराए हैँ। आधा दर्जन से भी कम चिकित्सकों ने फीडिंग कराई है। इससे अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले भी लगाई गई थी बायोमेट्रिक मशीन
जिला अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन पूर्व में भी लगाई गई थी, लेकिन यह सुविधा कुछ दिनों तक ही मिल सकी। कुछ माह बीतने के बाद बायोमेट्रिक मशीन खराब हो गई। दो वर्ष से भी अधिक समय बाद अब फिर से बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है।
अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से लगाई जाएगी। जिसके लिए फीडिंग कराई जा रही है। हालांकि इसे 22 फरवरी तक फीडिंग का समय दिया गया था। अब एक मार्च से शुरु कराई जाएगी।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
विज्ञापन
जनपद की आबादी के इलाज की इकलौती आस जिला अस्पताल है। क्योंकि, यहां पर न तो बड़े नर्सिंग होम और न ही बड़ा अस्पताल है। ऐसे में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र व शहर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। इससे अस्पताल में 24 घंटे मरीज रहते हैं। अस्पताल में ओपीडी समय में ही डेढ़ हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। वहीं, इमरजेंसी में चार-पांच सौ मरीज आते हैं। ओपीडी समय में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर लंबी कतारें लगी रहती है।
विज्ञापन
कई मरीज को समय पर आ जाते थे, लेकिन ओपीडी के कक्ष के बाहर बैठकर चिकित्सक का इंतजार करते रहते थे। तो कुछ मरीज इंतजार कर निजी चिकित्सकों का सहारा लेकर उपचार कराने को मजबूर हैं। मरीजों को चिकित्सक समय पर नहीं मिलने से जांच भी नहीं मिल पाती है। दूसरे दिन आकर जांच समेत इलाज कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मरीजों की समस्या को देखते हुए व चिकित्सकों, कर्मचारियों के समय पर आने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है, ताकि चिकित्सालय स्टाफ समय पर आए। मशीन के लगने की सूचना पर अस्पताल कर्मचारियों में उथल - पुथल मची है। अस्पताल में समय से पहुचंने की चिंता सता रही है। हालांकि, अस्पताल के सभी कर्मचारियों के थंब (अगूंठा) के प्रिंट अपलोड नहीं हो सके हैं। इससे एक सप्ताह तक टल गया है। अब एक मार्च से बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी लगेगी।
चिकित्सक व कर्मचारी फीडिंग में नहीं ले रहे रुचि
अस्पताल में चिकित्सक व अन्य कर्मचारी समेत दो सौ से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैँ ठनका डाटा व थंब प्रिंट किया जाना है। अस्पताल प्रबंधन एक सप्ताह पूर्व डाटा अपलोड कराने के निर्देश दे चुका है, लेकिन अब तक आधे से अधिक कर्मचारियों ने डाटा अपलोड कराए हैँ। आधा दर्जन से भी कम चिकित्सकों ने फीडिंग कराई है। इससे अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले भी लगाई गई थी बायोमेट्रिक मशीन
जिला अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन पूर्व में भी लगाई गई थी, लेकिन यह सुविधा कुछ दिनों तक ही मिल सकी। कुछ माह बीतने के बाद बायोमेट्रिक मशीन खराब हो गई। दो वर्ष से भी अधिक समय बाद अब फिर से बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है।
अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से लगाई जाएगी। जिसके लिए फीडिंग कराई जा रही है। हालांकि इसे 22 फरवरी तक फीडिंग का समय दिया गया था। अब एक मार्च से शुरु कराई जाएगी।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल