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ग्रामीण क्षेत्रों में खूब हो रही बिजली चोरी
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bijli theft in rural aria
ललितपुर। उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली आपूर्ति देने के लिए क्षेत्र के विद्युत सब स्टेशन पर लाइनलॉस कम करने के लिए निर्देश हैं। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है तथा बकाया भी जमा नहीं हो पा रहा है। इससे लाइनलॉस 50 फीसदी हो गया है।
शासन की योजना है कि जिस क्षेत्र में सबसे कम लाइनलॉस (बिजली का नुकसान) होगा, उस क्षेत्र को सबसे अधिक बिजली आपूर्ति की जाएगी। लेकिन, जनपद के अधिकांश ग्रामीण फीडरों पर 50 प्रतिशत तक या फिर इससे अधिक लाइनलॉस चल रहा है। जबकि, शासन ने किसी भी फीडर पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए 15 प्रतिशत तक लाइन लॉस होना निर्धारित किया है।
तालबेहट, महरौनी, पाली, बिरधा, बाईपास के अधिकांश फीडरों में से किसी पर 40 प्रतिशत तो किसी पर 50 प्रतिशत या फिर इससे अधिक लाइनलॉस है। बहुत से ग्रामीण क्षेत्रों पर तो 60 से 70 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान है। यही नहीं बकायादारी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ती जा रही है। बहुत से फीडर के अंतर्गत बहुत अधिक बिजली चोरी हो रही है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती अधिक हो रही है। वर्तमान में 132 केवी पनकी से ग्रामीण क्षेत्रों को चार घंटे बिजली कटौती का रोस्टर जारी है, जबकि स्थानीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों को मुश्किल से 12 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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शासन द्वारा 15 प्रतिशत तक लाइनलॉस वाले सब स्टेशन एवं फीडर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, जिले में अधिकांश फीडर पर लाइनलॉस अत्यधिक चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत कटौती पनकी कंट्रोल से जारी रोस्टर के अनुसार ही की जा रही है।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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शासन की योजना है कि जिस क्षेत्र में सबसे कम लाइनलॉस (बिजली का नुकसान) होगा, उस क्षेत्र को सबसे अधिक बिजली आपूर्ति की जाएगी। लेकिन, जनपद के अधिकांश ग्रामीण फीडरों पर 50 प्रतिशत तक या फिर इससे अधिक लाइनलॉस चल रहा है। जबकि, शासन ने किसी भी फीडर पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए 15 प्रतिशत तक लाइन लॉस होना निर्धारित किया है।
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तालबेहट, महरौनी, पाली, बिरधा, बाईपास के अधिकांश फीडरों में से किसी पर 40 प्रतिशत तो किसी पर 50 प्रतिशत या फिर इससे अधिक लाइनलॉस है। बहुत से ग्रामीण क्षेत्रों पर तो 60 से 70 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान है। यही नहीं बकायादारी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ती जा रही है। बहुत से फीडर के अंतर्गत बहुत अधिक बिजली चोरी हो रही है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती अधिक हो रही है। वर्तमान में 132 केवी पनकी से ग्रामीण क्षेत्रों को चार घंटे बिजली कटौती का रोस्टर जारी है, जबकि स्थानीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों को मुश्किल से 12 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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शासन द्वारा 15 प्रतिशत तक लाइनलॉस वाले सब स्टेशन एवं फीडर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, जिले में अधिकांश फीडर पर लाइनलॉस अत्यधिक चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत कटौती पनकी कंट्रोल से जारी रोस्टर के अनुसार ही की जा रही है।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय