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Lalitpur News: वन विभाग की एनओसी में अटकी भौंरट बांध परियोजना, इस वर्ष भी नहीं भर पाया बांध
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के उद्देश्य से बन रहे भौंरट बांध का काम 70 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। लेकिन, वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण बांध पूर्ण क्षमता से नहीं भर पाया है। जिस कारण से इस रबी के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। हालांकि विभागीय अधिकारी एनओसी के जल्द से जल्द मिलने का दावा कर रहे हैं।
महरौनी क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ की लागत से जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। जिसके लिए 1600 हेक्टेयर भूमि को अधिग्रहित किया गया था। सिंचाई के लिए बांध से नहर, माइनर बनाए गए। जिसके जरिए करीब 8 हजार किसानों की करीब 8 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वर्तमान में भौंरट बांध परियोजना का काम करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है। सिर्फ बांध की सीपेज ड्रेन, 18 किलोमीटर लंबी नहर के पांच माइनर, 4 किलोमीटर की दांयी नहर सहित अन्य छोटे मोटे काम शेष बचे है। जिनका काम तेजी से किया जा रहा है। बांध को भरने पर वन विभाग की कुछ हेक्टेयर भूमि भराव क्षेत्र में प्रभावित हो रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा है। हालांकि विभागीय अधिकारी वन विभाग से जल्द से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का दावा कर रहे हैं।
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बांध पर निर्मित बिल्ला मोगान परियोजना भी प्रभावित
हर घर जल नल योजना के अंतर्गत 23 गांव की 54144 आबादी को पानी की सुविधा के लिए 68.51 करोड़ की बिल्ला-मौगान पेयजल परियोजना बनाई गई थी। इसमें भौंरट बांध से पानी लिया जाना था। इसमें लगभग नौ हजार से अधिक परिवारों को पानी दिया जाना था। पेयजल परियोजना के अंतर्गत भौंरट बांध में इंटेकवेल बनाया। जहां से कच्चा पानी उठाया जाना था। इसके बाद बानपुर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का फिल्टर कर पीने योग्य बनाकर टंकियों के माध्यम से भेजा जाना था। लोगाें के घर तक पानी पहुंचाने के लिए 148 किलोमीटर तक पाइपलाइन डाली गई। लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के बांध पूरा नहीं भरा जा पा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बांध में 356 मीटर तक पानी भरने पर बिल्ला मोगाल पाइप पेयजल के लिए पानी उपलब्ध होने लगेगा। लेकिन बांध में 352 मीटर तक पानी भरने पर ही वन विभाग की भूमि प्रभावित होने लगती है। इस कारण से बांध का लेवल 356 मीटर तक नहीं किया जा पा रहा है। इस कारण से यह परियोजना भी लंबित चल रही है।
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बांध पर निर्माणाधीन बिल्ला मोगान परियोजना
बांध - भौंरट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - बानपुर
निर्माण राशि - 68.51 करोड़
पानी सप्लाई - 10 एमएलडी
पाइपलाइन - 148.83 किमी.
गांव - 23
कनेक्शन संख्या - 9656
लाभांवित आबादी - 54144
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भौंरट बांध एक नजर में
- जामनी नदी
- 360.90 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 354.55 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 45.08 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित क्षमता
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वन विभाग से एनओसी की प्रक्रिया चल रही। जिसके जल्द ही मिलने की उम्मीद है। एनओसी मिलने के बाद बांध को पूरी क्षमता से भर लिया जाएगा। - सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय
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ललितपुर। किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के उद्देश्य से बन रहे भौंरट बांध का काम 70 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। लेकिन, वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण बांध पूर्ण क्षमता से नहीं भर पाया है। जिस कारण से इस रबी के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। हालांकि विभागीय अधिकारी एनओसी के जल्द से जल्द मिलने का दावा कर रहे हैं।
महरौनी क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ की लागत से जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। जिसके लिए 1600 हेक्टेयर भूमि को अधिग्रहित किया गया था। सिंचाई के लिए बांध से नहर, माइनर बनाए गए। जिसके जरिए करीब 8 हजार किसानों की करीब 8 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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वर्तमान में भौंरट बांध परियोजना का काम करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है। सिर्फ बांध की सीपेज ड्रेन, 18 किलोमीटर लंबी नहर के पांच माइनर, 4 किलोमीटर की दांयी नहर सहित अन्य छोटे मोटे काम शेष बचे है। जिनका काम तेजी से किया जा रहा है। बांध को भरने पर वन विभाग की कुछ हेक्टेयर भूमि भराव क्षेत्र में प्रभावित हो रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा है। हालांकि विभागीय अधिकारी वन विभाग से जल्द से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का दावा कर रहे हैं।
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बांध पर निर्मित बिल्ला मोगान परियोजना भी प्रभावित
हर घर जल नल योजना के अंतर्गत 23 गांव की 54144 आबादी को पानी की सुविधा के लिए 68.51 करोड़ की बिल्ला-मौगान पेयजल परियोजना बनाई गई थी। इसमें भौंरट बांध से पानी लिया जाना था। इसमें लगभग नौ हजार से अधिक परिवारों को पानी दिया जाना था। पेयजल परियोजना के अंतर्गत भौंरट बांध में इंटेकवेल बनाया। जहां से कच्चा पानी उठाया जाना था। इसके बाद बानपुर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पानी का फिल्टर कर पीने योग्य बनाकर टंकियों के माध्यम से भेजा जाना था। लोगाें के घर तक पानी पहुंचाने के लिए 148 किलोमीटर तक पाइपलाइन डाली गई। लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के बांध पूरा नहीं भरा जा पा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बांध में 356 मीटर तक पानी भरने पर बिल्ला मोगाल पाइप पेयजल के लिए पानी उपलब्ध होने लगेगा। लेकिन बांध में 352 मीटर तक पानी भरने पर ही वन विभाग की भूमि प्रभावित होने लगती है। इस कारण से बांध का लेवल 356 मीटर तक नहीं किया जा पा रहा है। इस कारण से यह परियोजना भी लंबित चल रही है।
बांध पर निर्माणाधीन बिल्ला मोगान परियोजना
बांध - भौंरट
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - बानपुर
निर्माण राशि - 68.51 करोड़
पानी सप्लाई - 10 एमएलडी
पाइपलाइन - 148.83 किमी.
गांव - 23
कनेक्शन संख्या - 9656
लाभांवित आबादी - 54144
भौंरट बांध एक नजर में
- जामनी नदी
- 360.90 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 354.55 मीटर न्यूनतम जलस्तर
- 45.08 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित क्षमता
वन विभाग से एनओसी की प्रक्रिया चल रही। जिसके जल्द ही मिलने की उम्मीद है। एनओसी मिलने के बाद बांध को पूरी क्षमता से भर लिया जाएगा। - सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय