{"_id":"66b146eef769fd131902dc74","slug":"betwa-river-in-spate-due-to-mp-rains-temple-in-ranchor-dham-submerged-till-the-top-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-118845-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: एमपी की बारिश से बेतवा नदी उफान पर, रणछोर धाम में मंदिर शिखर तक डूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: एमपी की बारिश से बेतवा नदी उफान पर, रणछोर धाम में मंदिर शिखर तक डूबे
विज्ञापन
ललितपुर। मध्य प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश से बेतवा नदी पूरे उफान पर बह रही है। इससे राजघाट बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर नियंत्रण रखने के लिए बांध के 14 गेट खोलकर तीसरे दिन सोमवार को 3,15,928 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जाखलौन क्षेत्र में रणछोर धाम में नदी किनारे स्थित मंदिर डूब चुके हैं। सिर्फ मंदिर की शिखर दिख रही है।
जिले में झमाझम बारिश से सभी बांध भर गए हैं। इनमें से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। खासकर मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही बारिश से बेतवा नदी अपने रौद्र रूप में उफनते हुए बह रही है। हालत ये है कि जाखलौन क्षेत्र से गुजरने वाली नदी का फैलाव काफी अधिक है और लोगों के खेत जलमग्न हो चुके हैं। धौर्रा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रणछोर धाम भी बेतवा नदी के प्रवाह से अछूता नहीं रहा। रणछोर धाम परिसर में बने मंदिर नदी के पानी में डूब गए हैं। सिर्फ मंदिर के शिखर ही बाहर दिख रहे हैं। बेतवा नदी में भारी पानी आने से राजघाट राजघाट बांध के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई। जलस्तर नियंत्रण रखने के लिए बांध के गेट खोलकर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को राजघाट बांध के 14 गेट खोलकर 3,15,928 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण राजघाट बांध के निचले क्षेत्र में स्थित माताटीला बांध में पानी की काफी आवक हुई। इस पर माताटीला बांध के गेट खोलकर 3,33,652 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग के आलाधिकारी राजघाट और माताटीला बांध के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे हैं। वहीं, दोनों बांधों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने से निचले क्षेत्र के गांवों में अलर्ट जारी किया हुआ है। लोगों से नदी के आसपास न जाने की अपील की है।
दूसरे दिन भी राजघाट-चंदेरी सड़क का पुल रहा बंद
सोमवार को भी राजघाट बांध से 3.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राजघाट से मध्य प्रदेश के चंदेरी जाने वाली सड़क पर बना पुल पूरी तरह डूब गया। इस कारण दूसरे दिन भी चंदेरी जाने वाली सड़क बंद रही। छोटे वाहन तो राजघाट बांध के ऊपर से सड़क के रास्ते निकल गए। लेकिन भारी वाहन नहीं निकल सके।
विज्ञापन
जामनी, बंडई, कचनौंदा, जमरार बांध के गेट खुले
दो दिन से हो रही बारिश से अन्य बांधों की तरह जामनी बांध, जमरार, बंडई, कचनौंदा बांध लबालब हो गए। बांध में हो रही पानी की आवक देखते हुए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। सोमवार को जामनी बांध के गेट खोलकर 3984 क्यूसेक पानी, जमरार बांध से 1323 क्यूसेक पानी, कचनौंदा बांध से 2896 क्यूसेक, बंडई बांध से 198 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इन दिनों जनपद में भारी बारिश होने से बांधों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। बांधों में पानी की आवक कम होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे। - वीएन वर्मा, जल लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड।
विज्ञापन
जिले में झमाझम बारिश से सभी बांध भर गए हैं। इनमें से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। खासकर मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही बारिश से बेतवा नदी अपने रौद्र रूप में उफनते हुए बह रही है। हालत ये है कि जाखलौन क्षेत्र से गुजरने वाली नदी का फैलाव काफी अधिक है और लोगों के खेत जलमग्न हो चुके हैं। धौर्रा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रणछोर धाम भी बेतवा नदी के प्रवाह से अछूता नहीं रहा। रणछोर धाम परिसर में बने मंदिर नदी के पानी में डूब गए हैं। सिर्फ मंदिर के शिखर ही बाहर दिख रहे हैं। बेतवा नदी में भारी पानी आने से राजघाट राजघाट बांध के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई। जलस्तर नियंत्रण रखने के लिए बांध के गेट खोलकर लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को राजघाट बांध के 14 गेट खोलकर 3,15,928 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण राजघाट बांध के निचले क्षेत्र में स्थित माताटीला बांध में पानी की काफी आवक हुई। इस पर माताटीला बांध के गेट खोलकर 3,33,652 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग के आलाधिकारी राजघाट और माताटीला बांध के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे हैं। वहीं, दोनों बांधों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने से निचले क्षेत्र के गांवों में अलर्ट जारी किया हुआ है। लोगों से नदी के आसपास न जाने की अपील की है।
विज्ञापन
दूसरे दिन भी राजघाट-चंदेरी सड़क का पुल रहा बंद
सोमवार को भी राजघाट बांध से 3.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे राजघाट से मध्य प्रदेश के चंदेरी जाने वाली सड़क पर बना पुल पूरी तरह डूब गया। इस कारण दूसरे दिन भी चंदेरी जाने वाली सड़क बंद रही। छोटे वाहन तो राजघाट बांध के ऊपर से सड़क के रास्ते निकल गए। लेकिन भारी वाहन नहीं निकल सके।
विज्ञापन
जामनी, बंडई, कचनौंदा, जमरार बांध के गेट खुले
दो दिन से हो रही बारिश से अन्य बांधों की तरह जामनी बांध, जमरार, बंडई, कचनौंदा बांध लबालब हो गए। बांध में हो रही पानी की आवक देखते हुए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। सोमवार को जामनी बांध के गेट खोलकर 3984 क्यूसेक पानी, जमरार बांध से 1323 क्यूसेक पानी, कचनौंदा बांध से 2896 क्यूसेक, बंडई बांध से 198 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इन दिनों जनपद में भारी बारिश होने से बांधों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। बांधों में पानी की आवक कम होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे। - वीएन वर्मा, जल लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड।