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जाम से जूझ रहे राहगीर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:15 AM IST
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jam, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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शहर के मुख्य चौराहों पर उचित परिवहन व्यवस्था न होने से राहगीरों की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ती जा रही हैं। मुख्य चौराहों पर सिपाहियों के न होने से राहगीर भी मनमाने तरीके से निकलते हैं। इससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में एक सप्ताह पूर्व शुरू हुए यातायात माह की पोल खुलने लगी है।
शहर के केवल दो चौराहों श्रीतुवन मंदिर चौराहा व वीर सावकर चौराहे पर ट्रैफिक आइलैंड बने हुए हैं। इनकी स्थापना वर्षों पूर्व की गई थी। वर्तमान में वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात समस्या विकराल होती जा रही है। करीब एक सप्ताह पूर्व शुरू हुए यातायात माह का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
कई चौराहे व मुख्य मार्ग ऐसे हैं जहां पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक आइलैंड तक नहीं हैं। राजकीय पुस्तकालय के सामने स्थित अभिलाषा पेट्रोल पंप चौराहा मार्ग पर सुबह 10 बजे से देर शाम 08 बजे तक जाम की स्थिति रहती है। इसी चौराहे से दिन भर में करीब दो सैकड़ा बसें गुजरती हैं। इसके अलावा तुवन चौराहे से गल्ला मंडी की ओर, जिला अस्पताल, बस स्टैंड की ओर दिन भर में करीब एक हजार से अधिक टैक्सियों का संचालन होता है। वहीं बड़ी संख्या में ट्रक व अन्य भारी वाहनों का आवागमन भी रहता है। ऐसे में यहां हर पल जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
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कसाई मंडी के पास स्थित पानी की टंकी वाले चौराहे पर भी यातायात पुलिस कर्मी की आवश्यकता है। वहीं, इलाईट चौराहे पर भी अकसर जाम लगता है। इस चौराहे से रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग से बसों, ट्रैक्टर व ट्रक चालकों ने हाइवे तक के लिए बाईपास रास्ता बना लिया है। इस मार्ग की ओर मुड़ने वाले वाहन चौराहे पर जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। झांसी व गल्ला मंडी ओर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय राहगीरों की मुसीबत बढ़ जाती है। जिला अस्पताल के पास स्थित सदनशाह चौराहा पर भी यातायात सिपाही नहीं रहते हैं। इस मार्ग पर अस्पताल होने के साथ-साथ कई स्कूल भी हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों व स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में रहती है। यहां अकसर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी तरह जेल चौराहा पर भी ट्रैफिक पुलिस नहीं है। नगरवासियों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस को तैनात करने की मांग की है।
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शहर के केवल दो चौराहों श्रीतुवन मंदिर चौराहा व वीर सावकर चौराहे पर ट्रैफिक आइलैंड बने हुए हैं। इनकी स्थापना वर्षों पूर्व की गई थी। वर्तमान में वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात समस्या विकराल होती जा रही है। करीब एक सप्ताह पूर्व शुरू हुए यातायात माह का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
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कई चौराहे व मुख्य मार्ग ऐसे हैं जहां पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक आइलैंड तक नहीं हैं। राजकीय पुस्तकालय के सामने स्थित अभिलाषा पेट्रोल पंप चौराहा मार्ग पर सुबह 10 बजे से देर शाम 08 बजे तक जाम की स्थिति रहती है। इसी चौराहे से दिन भर में करीब दो सैकड़ा बसें गुजरती हैं। इसके अलावा तुवन चौराहे से गल्ला मंडी की ओर, जिला अस्पताल, बस स्टैंड की ओर दिन भर में करीब एक हजार से अधिक टैक्सियों का संचालन होता है। वहीं बड़ी संख्या में ट्रक व अन्य भारी वाहनों का आवागमन भी रहता है। ऐसे में यहां हर पल जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
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कसाई मंडी के पास स्थित पानी की टंकी वाले चौराहे पर भी यातायात पुलिस कर्मी की आवश्यकता है। वहीं, इलाईट चौराहे पर भी अकसर जाम लगता है। इस चौराहे से रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग से बसों, ट्रैक्टर व ट्रक चालकों ने हाइवे तक के लिए बाईपास रास्ता बना लिया है। इस मार्ग की ओर मुड़ने वाले वाहन चौराहे पर जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। झांसी व गल्ला मंडी ओर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय राहगीरों की मुसीबत बढ़ जाती है। जिला अस्पताल के पास स्थित सदनशाह चौराहा पर भी यातायात सिपाही नहीं रहते हैं। इस मार्ग पर अस्पताल होने के साथ-साथ कई स्कूल भी हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों व स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में रहती है। यहां अकसर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी तरह जेल चौराहा पर भी ट्रैफिक पुलिस नहीं है। नगरवासियों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस को तैनात करने की मांग की है।