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बैंक कर्मियों की लापरवाही से कागजों में ही दम तोड़ रहीं योजनाएं
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ैंक के बाहर बैठकर प्रदर्शन करते प्रगतिशील किसान मोर्चा के सदस्य
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। प्रगतिशील किसान जन मोर्चा ने बुधवार को अग्रणी बैंक प्रबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बैंकों की गलती से क्लेम पाने से वंचित रह गए किसानों को बीमा दिलाए जाने की मांग को लेकर वित्तमंत्री व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों की दशा सुधारने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में लगभग चार हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए हैं। बीमा कंपनी ने प्रीमियम राशि ले ली, लेकिन किसान डाटा बीमा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इसी तरह 2019 के लगभग 20 हजार किसान बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है। इन किसानों के खाते से बैंकों ने प्रीमियम राशि काट ली, पर किसानों का डाटा पोर्टल पर जमा नहीं किया। इससे अब यह किसान बीमा क्लेम से वंचित हो गए हैं। जिसको लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है।
इसी तरह वर्ष 2020 में मार्च माह में आंधी व बारिश से सैकड़ों किसानों की फसल खराब हो गई थी। जिसमें बीमा कंपनी ने गलत रिपोर्ट बना कर किसानों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया है। वर्ष 2021 में भी बारिश से फसलें नष्ट हो गईं है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को बीमा क्लेम दिया जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, संयोजक नवनीत शर्मा, महामंत्री नंदलाल पहलवान, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, कैलाश, ब्रजेश कुमार, रामसहाय, आशीष कौशिक, लल्लूराम, अरविंद, देवी प्रसाद, हीरालाल कुशवाहा, नीरज, मुन्ना, परशुराम आदि मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों की दशा सुधारने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में लगभग चार हजार किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए हैं। बीमा कंपनी ने प्रीमियम राशि ले ली, लेकिन किसान डाटा बीमा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इसी तरह 2019 के लगभग 20 हजार किसान बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है। इन किसानों के खाते से बैंकों ने प्रीमियम राशि काट ली, पर किसानों का डाटा पोर्टल पर जमा नहीं किया। इससे अब यह किसान बीमा क्लेम से वंचित हो गए हैं। जिसको लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है।
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इसी तरह वर्ष 2020 में मार्च माह में आंधी व बारिश से सैकड़ों किसानों की फसल खराब हो गई थी। जिसमें बीमा कंपनी ने गलत रिपोर्ट बना कर किसानों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया है। वर्ष 2021 में भी बारिश से फसलें नष्ट हो गईं है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को बीमा क्लेम दिया जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, संयोजक नवनीत शर्मा, महामंत्री नंदलाल पहलवान, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, कैलाश, ब्रजेश कुमार, रामसहाय, आशीष कौशिक, लल्लूराम, अरविंद, देवी प्रसाद, हीरालाल कुशवाहा, नीरज, मुन्ना, परशुराम आदि मौजूद रहे।
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