फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   ayush hospital still incomplete from three yera

तीन वर्ष बाद भी नहीं बन सका 50 बेड का आयुष अस्पताल

Sat, 19 Jun 2021 01:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 01:24 AM IST
विज्ञापन
ayush hospital still incomplete from three yera
hospital 1.jpg - फोटो : hospital 1.jpg
ललितपुर। जनपद के समीपवर्ती ब्लाक जखौरा के अंतर्गत ग्राम दैलवारा में निर्माणाधीन 50 बेड के आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इससे जनपदवासियों को आयुष इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन

शासन ने जिले में आयुष (आयुर्वेद) चिकित्सा पद्धति से उपचार की सुविधा देने के वर्ष 2017 में 50 बेड के अस्पताल को निर्माण की स्वीकृति दी थी। जिसके लिए ब्लाक जखौरा के ग्राम दैलवारा में जमीन चिह्नित कर निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसकी निर्माण की लागत राशि छह करोड़ 72 लाख रुपये है।
विज्ञापन

इसका निर्माण जून 2018 में शुरू किया गया था लेकिन, तीन वर्ष बीतने के बाद भी अब तक आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है जबकि अस्पताल का अधिकांश भवन पूरी तरह से तैयार हो गया है। वर्तमान में नल फिटिंग व सीसी रोड का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे अस्पताल चालू नहीं हो पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन पूरी तरह से तैयार हो गया है। कुछ निर्माण बाकी रह गया है, जो तीन माह तक पूरा हो सकेगा। कार्यदायी संस्था की उदासीनता के चलते तय समय पर तैयार नहीं हो सका है। इससे लोगों का आयुष पद्घति से उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों को उपचार के लिए अन्य बड़े शहरों में उपचार को जाना पड़ रहा है। जहां पर अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
यह मिलेंगी सुविधाएं
आयुष अस्पताल के निर्माण होन से आयुष पद्घति से इलाज की सुविधा मिलेगी। 50 मरीज अस्पताल में भर्ती हो सकेंगे। इसके साथ ही यहां पर एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी से इलाज मिल सकेगा। अस्पताल में ओपीडी ही नहीं, बल्कि मरीजों की भर्ती की सुविधा भी रहेगी। अस्पताल में हिजामा थेरेपी, पंचकर्म व सिरोधारा समित जैसी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। अस्पताल में सर्जरी, अल्ट्रासाउंड, ईएनटी, गठिया, मेडिसिन, बाल रोग, स्त्री रोग विभाग, पैथोलॉजी और इमरजेंसी की भी सुविधा होगी। आयुर्वेदिक पद्धति का इलाज ऐलोपैथी की अपेक्षा उपचार बहुत सस्ता पड़ता है। इस कारण गरीब आदमी भी आसानी से उपचार करा सकेगा। अस्पताल बनाने का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को आसानी से सस्ता इलाज मुहैया हो सकेगा। लोगों को इलाज को बाहर नहीं जाना होगा।

----
आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य अधिकांश पूरा हो गया है। इसमें सीसी सड़क व नल फिटिंग का कार्य चल रहा है। तीन माह में अस्पताल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
- डॉ. धीरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed