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अभ्युदय कोचिंग में पहुंच रहे गिने-चुने छात्र, डीएम ने मांगा जवाब
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ललितपुर। जिले में संचालित अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना की स्थिति काफी खराब है। इसका खुलासा तब हुआ जब डीएम आलोक सिंह ने जनवरी से मई तक अभ्युदय कोचिंग संचालन की स्थिति की रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में कुछ ही छात्र कोचिंग सेंटर पर उपस्थित हुए। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक व राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं जोकि जेईई, नीट,यूपीएसएससी व एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते थे। ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए शासन ने अभ्युदय योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जानी थी। जिले में यह कोचिंग राजकीय इंटर कॉलेज में जनवरी माह में खोली गई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना के संचालन की समीक्षा की गई। जिसमें उनके द्वारा योजना के सही संचालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई गई थी। मुख्यमंत्री की नाराजगी जताने के बाद जिलाधिकारी आलोक सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज में चल रही अभ्युदय निशुल्क कोचिंग की हकीकत जानने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से जनवरी से मई तक कोचिंग संचालन की स्थिति की रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट से पता चला कि अभ्युदय कोचिंग के लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों में से मात्र कुछ अभ्यर्थी ही कोचिंग सेंटर में उपस्थित हुए हैं। इसके अतिरिक्त अध्यापकों द्वारा भी बहुत कम कक्षाएं ली गई हैं। इसके बाद डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक व राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जबाब मांगा है।
डीएम ने इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
- पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष कम अभ्यर्थियों की कोचिंग में कम उपस्थित।
- अध्यापकों द्वारा किए गए अध्यापन के कार्यदिवसों के कम होने का कारण
- अभ्युदय योजना के प्रचार प्रसार के लिए क्या किया।
- पंजीकृत अभ्यर्थियों की अधिक से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी।
प्रतियोगी छात्रों का अधिकारियों को करना है मार्गदर्शन
अभ्युदय कोचिंग में ऑनलाइन स्टडी मेटेरियल और लेक्चर के साथ ही ऑफलाइन क्लास में आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद में इस योजना में कभी किसी अधिकारी का लेक्चर नहीं कराया गया है।
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मुख्यमंत्री ने मीटिंग के दौरान अभ्युदय योजना को लेकर दिशा निर्देश दिए थे। जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज में संचालित की जा रही अभ्युदय कोचिंग योजना के संचालन की रिपोर्ट का अवलोकन किया गया तो स्थिति काफी खराब पाई गई। इस पर डीआईओएस व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। - गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी
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आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं जोकि जेईई, नीट,यूपीएसएससी व एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते थे। ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए शासन ने अभ्युदय योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जानी थी। जिले में यह कोचिंग राजकीय इंटर कॉलेज में जनवरी माह में खोली गई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना के संचालन की समीक्षा की गई। जिसमें उनके द्वारा योजना के सही संचालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई गई थी। मुख्यमंत्री की नाराजगी जताने के बाद जिलाधिकारी आलोक सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज में चल रही अभ्युदय निशुल्क कोचिंग की हकीकत जानने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से जनवरी से मई तक कोचिंग संचालन की स्थिति की रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट से पता चला कि अभ्युदय कोचिंग के लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों में से मात्र कुछ अभ्यर्थी ही कोचिंग सेंटर में उपस्थित हुए हैं। इसके अतिरिक्त अध्यापकों द्वारा भी बहुत कम कक्षाएं ली गई हैं। इसके बाद डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक व राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जबाब मांगा है।
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डीएम ने इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
- पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष कम अभ्यर्थियों की कोचिंग में कम उपस्थित।
- अध्यापकों द्वारा किए गए अध्यापन के कार्यदिवसों के कम होने का कारण
- अभ्युदय योजना के प्रचार प्रसार के लिए क्या किया।
- पंजीकृत अभ्यर्थियों की अधिक से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी।
प्रतियोगी छात्रों का अधिकारियों को करना है मार्गदर्शन
अभ्युदय कोचिंग में ऑनलाइन स्टडी मेटेरियल और लेक्चर के साथ ही ऑफलाइन क्लास में आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद में इस योजना में कभी किसी अधिकारी का लेक्चर नहीं कराया गया है।
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मुख्यमंत्री ने मीटिंग के दौरान अभ्युदय योजना को लेकर दिशा निर्देश दिए थे। जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज में संचालित की जा रही अभ्युदय कोचिंग योजना के संचालन की रिपोर्ट का अवलोकन किया गया तो स्थिति काफी खराब पाई गई। इस पर डीआईओएस व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। - गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी