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सड़कों पर सामान, पैदल चलना भी मुश्किल
lalitpur
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:56 AM IST
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बाजार
- फोटो : amar ujala
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यदि आप परिवार के साथ कार से शहर के बाजार में खरीदारी का मन बना रहे हैं, तो अपना विचार बदल दें। बाजार में वाहन पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण आपको भारी परेशान हो सकती है। समस्या केवल चार पहिया वाहन वालों को ही नहीं है, व्यापारियों ने अपनी दुकानों के सामान को मुख्य सड़कों तक सजा लिया है, जिससे शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में लोगों का पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। जिम्मेदार यातायात पुलिस, नगर पालिका और जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दीपावली करीब आते ही बाजार में काफी रस भरने लगा है, लेकिन बाजार में फैली अव्यवस्थाओं के कारण खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की लगभग समस्त मुख्य सड़कों के किनारे व सड़कों पर ही स्थानीय व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। स्थानीय रेलवे स्टेशन मार्ग, जिला पंचायत कार्यालय के आस-पास, श्रीवर्णी जैन चौराहा के पास, सुपर मार्केट, सदर कांटा, इलाइट चौराहा, पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक, तालाबपुरा मार्ग व आजाद चौक तक की मुख्य सड़कों पर व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। ऐसे में बाजार खरीदारों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ व्यापारियों अपने धन-बल व राजनीतिक पहुंच के करण सड़कों पर अतिक्रमण करके दुकान सजाएं रहते हैं, जिसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
शहर के मुख्य बाजार वाले क्षेत्र पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर व वीर सावरकर चौराहा तक वन-वे यातायात प्रणाली लागू है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। उक्त मार्ग शहर का मुख्य मार्ग होने के साथ-साथ शहर का मुख्य बाजार भी है, इसलिए त्योहार के दौरान यहां पर भीड़भाड़ का माहौल बना रहता है। बाजार खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए त्योहारों के दौरान यातायात पुलिस, नगर पालिका व पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को मुस्तैद रहकर बाजार में अव्यवस्थाएं फैैलने से रोकना चाहिए, लेकिन समस्त जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से अंजान बने हुए हैं। वहीं स्थानीय कटरा बाजार, साड़ी मार्केट, लोहा-पीतल बाजार, सुभाष मार्केट में तो आलम यह है कि अतिक्रमण व अव्यवस्थाओं के कारण पैदल चलने में लोगों का पसीना छूट जाता है।
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कहां पार्क करें वाहन
शहर में वाहन पार्किंग स्थल की समस्या शुरू से ही बनी हुई है, जिला प्रशासन समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई सार्थक प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कार से बाजार आने वाले लोग अपने वाहन को सड़क के किनारे जुगाड़ बनाकर किसी दुकान से सामने पार्क कर देते हैं, लेकिन त्योहार के कारण कोई भी दुुकानदार अपनी दुकान के सामने किसी भी वाहन को पार्क नहीं करने देता। श्रीतुवन मंदिर चौराहे से लेकर सुपर मार्केट, नझाई बाजार,, सदर कांटा, इलाइट चौराहा, पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक से आजाद चौक होते हुए नदीपुल पार मवेशी बाजार तक वाहन पार्क करने के लिए कोई भी स्थान नहीं है। वहीं, वीर सावरकर चौक से तालाबपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहन पार्किंग के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। इस मार्ग पर कई निजी मार्केट, कांप्लेक्स व मल्टी कांप्लेक्स बने हुए हैं, लेकिन इनमें वाहन पार्किंग स्थल नदारद है। भवन स्वामियों द्वारा मानचित्र में स्वीकृत पार्किंग स्थल के जगह अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण करा लिया है।
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दीपावली करीब आते ही बाजार में काफी रस भरने लगा है, लेकिन बाजार में फैली अव्यवस्थाओं के कारण खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की लगभग समस्त मुख्य सड़कों के किनारे व सड़कों पर ही स्थानीय व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। स्थानीय रेलवे स्टेशन मार्ग, जिला पंचायत कार्यालय के आस-पास, श्रीवर्णी जैन चौराहा के पास, सुपर मार्केट, सदर कांटा, इलाइट चौराहा, पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक, तालाबपुरा मार्ग व आजाद चौक तक की मुख्य सड़कों पर व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। ऐसे में बाजार खरीदारों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ व्यापारियों अपने धन-बल व राजनीतिक पहुंच के करण सड़कों पर अतिक्रमण करके दुकान सजाएं रहते हैं, जिसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
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शहर के मुख्य बाजार वाले क्षेत्र पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर व वीर सावरकर चौराहा तक वन-वे यातायात प्रणाली लागू है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। उक्त मार्ग शहर का मुख्य मार्ग होने के साथ-साथ शहर का मुख्य बाजार भी है, इसलिए त्योहार के दौरान यहां पर भीड़भाड़ का माहौल बना रहता है। बाजार खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए त्योहारों के दौरान यातायात पुलिस, नगर पालिका व पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को मुस्तैद रहकर बाजार में अव्यवस्थाएं फैैलने से रोकना चाहिए, लेकिन समस्त जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से अंजान बने हुए हैं। वहीं स्थानीय कटरा बाजार, साड़ी मार्केट, लोहा-पीतल बाजार, सुभाष मार्केट में तो आलम यह है कि अतिक्रमण व अव्यवस्थाओं के कारण पैदल चलने में लोगों का पसीना छूट जाता है।
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कहां पार्क करें वाहन
शहर में वाहन पार्किंग स्थल की समस्या शुरू से ही बनी हुई है, जिला प्रशासन समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई सार्थक प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कार से बाजार आने वाले लोग अपने वाहन को सड़क के किनारे जुगाड़ बनाकर किसी दुकान से सामने पार्क कर देते हैं, लेकिन त्योहार के कारण कोई भी दुुकानदार अपनी दुकान के सामने किसी भी वाहन को पार्क नहीं करने देता। श्रीतुवन मंदिर चौराहे से लेकर सुपर मार्केट, नझाई बाजार,, सदर कांटा, इलाइट चौराहा, पुरानी सदर तहसील चौराहे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक से आजाद चौक होते हुए नदीपुल पार मवेशी बाजार तक वाहन पार्क करने के लिए कोई भी स्थान नहीं है। वहीं, वीर सावरकर चौक से तालाबपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहन पार्किंग के लिए लोगों को जगह नहीं मिल रही है। इस मार्ग पर कई निजी मार्केट, कांप्लेक्स व मल्टी कांप्लेक्स बने हुए हैं, लेकिन इनमें वाहन पार्किंग स्थल नदारद है। भवन स्वामियों द्वारा मानचित्र में स्वीकृत पार्किंग स्थल के जगह अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण करा लिया है।