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आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा : अनुबंध तक सीमित रह गई अस्पताल की सुविधा
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- नौ माह बाद भी नहीं हो सकी शुरू, गांव-गांव में मेडिकल यूनिट पहुंचाने की होनी थी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में सुदूर क्षेत्रों में गांव-गांव तक अस्पताल पहुंचने की सुविधा अनुबंध तक सीमित रह गई है। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का मार्च माह से संचालन शुरू किया जाना था, लेकिन नौ माह के बाद भी संचालन तो दूर अब तक विभाग को मुहैया नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए सीएचसी व अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जनपद के पिछड़े ब्लॉक मड़ावरा में कई क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार का संकट बना हुआ है। इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई तो परेशान होकर झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे कई बार हालत में सुधार की बजाय बिगड़ जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी 2025 में एक कंपनी से अनुबंध किया था। अनुबंध में पांच नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जाना था। इसमें प्रत्येक वैन में एक एमबीबीएस चिकित्सक, एलटी और स्टाफ नर्स तैनाती की सुविधा होनी थी। यही नहीं वैन में पैथोलॉजी की सुविधा की गई है, जिससे गांव में ही जांच के साथ मरीजाें को उपचार दिया जा सके। साथ ही दवा वितरण भी की जानी है। लेकिन, अनुबंध के नौ माह बाद भी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन नहीं किया जा सका है। ऐसे में सुविधा अनुबंध तक ही सीमित होकर रह गई है। इससे लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित बने हुए हैं। लोगों को उपचार के लिए ब्लॉक मुख्यालय आना पड़ रहा है। वहीं कई लोग आसपास में ही झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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यह है ब्लॉक की स्थिति एक नजर में
- ब्लॉक की आबादी - 1.73 लाख
- ग्राम पंचायत - 65
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 01
- न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - 04
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आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए पांच नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जाना है। इसका अनुबंध किया गया था। वैन उपलब्ध नहीं हो सकी है। मिलने पर संचालन कराया जाएगा।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में सुदूर क्षेत्रों में गांव-गांव तक अस्पताल पहुंचने की सुविधा अनुबंध तक सीमित रह गई है। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का मार्च माह से संचालन शुरू किया जाना था, लेकिन नौ माह के बाद भी संचालन तो दूर अब तक विभाग को मुहैया नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए सीएचसी व अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जनपद के पिछड़े ब्लॉक मड़ावरा में कई क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार का संकट बना हुआ है। इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई तो परेशान होकर झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे कई बार हालत में सुधार की बजाय बिगड़ जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी 2025 में एक कंपनी से अनुबंध किया था। अनुबंध में पांच नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जाना था। इसमें प्रत्येक वैन में एक एमबीबीएस चिकित्सक, एलटी और स्टाफ नर्स तैनाती की सुविधा होनी थी। यही नहीं वैन में पैथोलॉजी की सुविधा की गई है, जिससे गांव में ही जांच के साथ मरीजाें को उपचार दिया जा सके। साथ ही दवा वितरण भी की जानी है। लेकिन, अनुबंध के नौ माह बाद भी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन नहीं किया जा सका है। ऐसे में सुविधा अनुबंध तक ही सीमित होकर रह गई है। इससे लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित बने हुए हैं। लोगों को उपचार के लिए ब्लॉक मुख्यालय आना पड़ रहा है। वहीं कई लोग आसपास में ही झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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यह है ब्लॉक की स्थिति एक नजर में
- ब्लॉक की आबादी - 1.73 लाख
- ग्राम पंचायत - 65
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 01
- न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - 04
आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए पांच नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जाना है। इसका अनुबंध किया गया था। वैन उपलब्ध नहीं हो सकी है। मिलने पर संचालन कराया जाएगा।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ