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डीडी के तबादला होते ही मामला पहुंचा ठंडे बस्ते में
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 30 Aug 2015 11:06 PM IST
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ललितपुर। उप कृषि निदेशक माताटीला के स्थानांतरण होते ही भूमि संरक्षण विभाग की आरआईडीएफ 19 योजनांतर्गत कराए कार्यों में पकड़ी गई गड़बड़ियों का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। इससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
उप कृषि निदेशक डा. पीके गुप्ता ने बीते माह ग्राम साकरवार कलां, वसवां, किसलवांस व करमुहारा का निरीक्षण किया था। इस दौरान निरीक्षण में मृदा कार्य का भुगतान पाया गया था, लेकिन मौके पर उन्हें परियोजना पत्रावली, माप पुस्तिका आदि अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए थे। परियोजना किसलवास द्वितीय में जेसीबी व ट्रैक्टर से काम कराया गया था। काम का भुगतान बिना मापन कार्य पूर्ण कराए बिना ही मनमाने तरीके से कर दिया गया।
परियोजना बसवां में भी कार्य का मापन किए बिना मनमाने तरीके से भुगतान किया गया। परियोजना करमुहारा द्वितीय में जेसीबी व ट्रैक्टरों से कार्य कराया गया। इस पर उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार यादव से स्पष्टीकरण तलब किया था। इसमें कहा गया कि एक सप्ताह में अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। अन्यथा की स्थिति में यह माना जाएगा कि जान बूझकर राजकीय क्षति पहुंचाई गई है।
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लेकिन, उप कृषि निदेशक का स्थानांतरण होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। इस संबंध में भूमि संरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार यादव से दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन, संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
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उप कृषि निदेशक डा. पीके गुप्ता ने बीते माह ग्राम साकरवार कलां, वसवां, किसलवांस व करमुहारा का निरीक्षण किया था। इस दौरान निरीक्षण में मृदा कार्य का भुगतान पाया गया था, लेकिन मौके पर उन्हें परियोजना पत्रावली, माप पुस्तिका आदि अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए थे। परियोजना किसलवास द्वितीय में जेसीबी व ट्रैक्टर से काम कराया गया था। काम का भुगतान बिना मापन कार्य पूर्ण कराए बिना ही मनमाने तरीके से कर दिया गया।
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परियोजना बसवां में भी कार्य का मापन किए बिना मनमाने तरीके से भुगतान किया गया। परियोजना करमुहारा द्वितीय में जेसीबी व ट्रैक्टरों से कार्य कराया गया। इस पर उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार यादव से स्पष्टीकरण तलब किया था। इसमें कहा गया कि एक सप्ताह में अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। अन्यथा की स्थिति में यह माना जाएगा कि जान बूझकर राजकीय क्षति पहुंचाई गई है।
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लेकिन, उप कृषि निदेशक का स्थानांतरण होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। इस संबंध में भूमि संरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार यादव से दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन, संपर्क स्थापित नहीं हो सका।