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आर्यिका संघ का मंगल कलश की स्थापना के साथ चातुर्मास का शुभारंभ
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महरौनी मे हुआ चातुर्मास का शुभारंभ
- फोटो : LALITPUR
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महरौनी (ललितपुर)। आर्यिका 105 विज्ञानमति माता ससंघ का चातुर्मास मंगल कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया। बड़े मंदिर में आर्यिका मां विज्ञानमति माता के चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाहर से आए श्रावक श्रेष्ठियों ने आचार्य विद्यासागर और आचार्यकल्प विवेकसागर महाराज के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य इंजीनियर पंकज जैन भोपाल को प्राप्त हुआ। आर्यिका संघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य मंटू जैन आरौन, उपेद्र जैन ललितपुर, महिश मोदी तेंदुखेड़ा और संजय जैन भोपाल को प्राप्त हुआ।
आर्यिका संघ के चातुर्मास के लिए आचार्य विद्यासागर के 54वें मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर 54 मंगल कलश की स्थापना की गई। पं विजय लखनादौन के दिशा निर्देश में धार्मिक क्रियाओं के साथ मंगल कलश स्थापना की गई। भगवान अजितनाथ के मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य भागचंद सिलौनिया, सुभाष जैन अमेरिका को प्राप्त हुआ। वहीं, मुख्य कलशों की स्थापना करने का सौभाग्य वीरेंद्र जैन मालथौन, ऋषभ कठरया महरौनी, विशाल जैन अजमेर, रतनचंद्र डोगरया , अजित दिल्ली, सुमित लाल सूरत, पदम चंद्र किशनगढ़ राजस्थान को प्राप्त हुआ।
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वहीं, देश के विभिन्न नगरों एवं महरौनी नगर के श्रावकों को यह पुण्य सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर आर्यिका विज्ञान मति ने धर्म सभा को संबोधित किया और कहा कि चातुर्मास काल एक स्थान पर रहकर धर्म की आराधना और तप करने का समय रहता है। धर्म हमारे आचरण में होना चाहिए। जहां संतों का चातुर्मास होता है, वहां समाज में ज्ञान और धर्म की वृद्धि होती है। संतों का सानिध्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। कार्यक्रम में संगीतकार शुभम बजाज एंड पार्टी ने अपने सुमधुर भजनों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन नितिन शास्त्री ने किया। अंत में सभी का आभार अध्यक्ष कोमल चंद्र, मंत्री प्रमोद सिंघई और अनिल मिठया ने व्यक्त किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ बाहर से आए श्रावक श्रेष्ठियों ने आचार्य विद्यासागर और आचार्यकल्प विवेकसागर महाराज के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य इंजीनियर पंकज जैन भोपाल को प्राप्त हुआ। आर्यिका संघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य मंटू जैन आरौन, उपेद्र जैन ललितपुर, महिश मोदी तेंदुखेड़ा और संजय जैन भोपाल को प्राप्त हुआ।
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आर्यिका संघ के चातुर्मास के लिए आचार्य विद्यासागर के 54वें मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर 54 मंगल कलश की स्थापना की गई। पं विजय लखनादौन के दिशा निर्देश में धार्मिक क्रियाओं के साथ मंगल कलश स्थापना की गई। भगवान अजितनाथ के मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य भागचंद सिलौनिया, सुभाष जैन अमेरिका को प्राप्त हुआ। वहीं, मुख्य कलशों की स्थापना करने का सौभाग्य वीरेंद्र जैन मालथौन, ऋषभ कठरया महरौनी, विशाल जैन अजमेर, रतनचंद्र डोगरया , अजित दिल्ली, सुमित लाल सूरत, पदम चंद्र किशनगढ़ राजस्थान को प्राप्त हुआ।
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वहीं, देश के विभिन्न नगरों एवं महरौनी नगर के श्रावकों को यह पुण्य सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर आर्यिका विज्ञान मति ने धर्म सभा को संबोधित किया और कहा कि चातुर्मास काल एक स्थान पर रहकर धर्म की आराधना और तप करने का समय रहता है। धर्म हमारे आचरण में होना चाहिए। जहां संतों का चातुर्मास होता है, वहां समाज में ज्ञान और धर्म की वृद्धि होती है। संतों का सानिध्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। कार्यक्रम में संगीतकार शुभम बजाज एंड पार्टी ने अपने सुमधुर भजनों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन नितिन शास्त्री ने किया। अंत में सभी का आभार अध्यक्ष कोमल चंद्र, मंत्री प्रमोद सिंघई और अनिल मिठया ने व्यक्त किया।