{"_id":"62c49422963bf94af7146d07","slug":"area-of-kharif-crop-increased-by-48-thousand-hectares-in-three-years-lalitpur-news-jhs2242303192","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन वर्ष में बढ़ गया 48 हजार हेक्टेयर खरीफ फसल का क्षेत्रफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन वर्ष में बढ़ गया 48 हजार हेक्टेयर खरीफ फसल का क्षेत्रफल
विज्ञापन
खेत में जमी फसल
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। खरीफ सीजन में दलहनी फसलों में मुनाफा देख किसान खरीफ फसलों में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कम लागत में अधिक फायदा के चलते खरीफ फसल की अधिक बुवाई की जा रही है। जनपद में कृषि विभाग के तीन वर्षों के आंकडों में खरीफ फसल के क्षेत्रफल में 48 हजार हेक्टेयर की वृद्घि हो गई है। हालांकि इस सीजन में किसान उड़क की फसल में अधिक हाथ आजमा रहे हैं।
जनपद में रबी की अपेक्षा खरीफ में कम लागत के चलते किसान अधिक रुचि ले रहे हैं। इसके अलावा असिंचित क्षेत्र में बुवाई हो जाती है। इस फसल की सिंचाई बारिश के पानी से होती है। इससे किसानों को कम मेहनत व सिंचाई नहीं करनी होती है। फसल आपदाओं से सुरक्षित बचने की स्थिति में किसानों को मुनाफा भी अधिक हो जाता है। बीते वर्षों पूर्व उड़द के दाम एक सौ दस रुपये प्रतिकिलोग्राम खरीदे गए थे। तब से लेकर किसान लगातार उड़द की फसल की बुवाई कर रहे हैं। इससे खरीफ की फसल का क्षेत्रफल भी बढ़ गया है।
कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां पर तीन वर्षों से लगातार खरीफ फसल का क्षेत्रफल बढ़ रहा है। वर्ष 2020 में 287218 हैक्टेयर में बुवाई थी, जिसमें 287235 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। वहीं 2021 में 309078 खरीफ की बुवाई का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 300285 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। वर्ष 2022 में बढ़कर 335405 हेक्टेयर में खरीफ का लक्ष्य दिया गया। जिसके सापेक्ष अब तक 287235 हेक्टेयर में बुवाई हो गई। इस तरह तीन वर्ष में 48 हजार हेक्टेयर का क्षेत्रफल बढ़ गया है।
विज्ञापन
----
यह रहा तीन वर्ष का आंकड़ा
वर्ष - लक्ष्य - पूर्ति
2020 - 287218 - 287235
2021 - 309078 - 300285
2022 - 335405 - अब तक 239132
----
वर्तमान में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य
फसल - हेक्टेयर
उड़द - 226834
मक्का - 29493
सोयाबीन - 46087
मूंगफली - 14797
तिल - 11535
मूंग - 4941
धान - 1339
ज्वार - 270
अन्य फसलें - 109
---
जिले में किसानों द्वारा खरीफ फसल में ली जा रही रुचि के चलते क्षेत्रफल बढ़ रहा है। तीन वर्ष में 48 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में वृद्घि हुई है।
- राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
जनपद में रबी की अपेक्षा खरीफ में कम लागत के चलते किसान अधिक रुचि ले रहे हैं। इसके अलावा असिंचित क्षेत्र में बुवाई हो जाती है। इस फसल की सिंचाई बारिश के पानी से होती है। इससे किसानों को कम मेहनत व सिंचाई नहीं करनी होती है। फसल आपदाओं से सुरक्षित बचने की स्थिति में किसानों को मुनाफा भी अधिक हो जाता है। बीते वर्षों पूर्व उड़द के दाम एक सौ दस रुपये प्रतिकिलोग्राम खरीदे गए थे। तब से लेकर किसान लगातार उड़द की फसल की बुवाई कर रहे हैं। इससे खरीफ की फसल का क्षेत्रफल भी बढ़ गया है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां पर तीन वर्षों से लगातार खरीफ फसल का क्षेत्रफल बढ़ रहा है। वर्ष 2020 में 287218 हैक्टेयर में बुवाई थी, जिसमें 287235 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। वहीं 2021 में 309078 खरीफ की बुवाई का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 300285 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। वर्ष 2022 में बढ़कर 335405 हेक्टेयर में खरीफ का लक्ष्य दिया गया। जिसके सापेक्ष अब तक 287235 हेक्टेयर में बुवाई हो गई। इस तरह तीन वर्ष में 48 हजार हेक्टेयर का क्षेत्रफल बढ़ गया है।
विज्ञापन
----
यह रहा तीन वर्ष का आंकड़ा
वर्ष - लक्ष्य - पूर्ति
2020 - 287218 - 287235
2021 - 309078 - 300285
2022 - 335405 - अब तक 239132
----
वर्तमान में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य
फसल - हेक्टेयर
उड़द - 226834
मक्का - 29493
सोयाबीन - 46087
मूंगफली - 14797
तिल - 11535
मूंग - 4941
धान - 1339
ज्वार - 270
अन्य फसलें - 109
---
जिले में किसानों द्वारा खरीफ फसल में ली जा रही रुचि के चलते क्षेत्रफल बढ़ रहा है। तीन वर्ष में 48 हजार हेक्टेयर के क्षेत्रफल में वृद्घि हुई है।
- राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी