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अपराजिता: महिलाओं को सीखने चाहिए आत्मरक्षा के गुर
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महिलाओं को जागरूक करने की शपथ लेतीं भगवान आदिनाथ कॉलेज की छात्राएं
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। अमर उजाला के अपराजिता के तहत महर्रा स्थित भगवान आदिनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में सोमवार को संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्रबंधक प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि महिलाएं स्वयं में सशक्त हों और अपने आप को मजबूत बनाएं, तभी वह अपराजिता बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज का नकारात्मक माहौल हमारे लिए चुनौती है। उन्होंने नारी सशक्तीकरण को लेकर अमर उजाला की मुहिम की सराहना की। इस मौके पर छात्राओं ने महिला सुरक्षा कानून की जानकारी देकर महिलाओं को जागरूक करने का संकल्प लिया।
सहायक प्रवक्ता विनीता जैन ने कहा कि महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए। आत्मरक्षा के लिए किन-किन चीजों को अपने पास रखना चाहिए और उनका उपयोग समय आने पर कैसे करना चाहिए? आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ले सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 112, 181, 1090 की जानकारी दी। किसी भी संदिग्ध या अप्रिय घटना का आभास होने पर इन नंबरों से हेल्प ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियां महिलाएं खुद को कभी कमजोर ना समझें। बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार जैन ने कहा कि इस तरह के अभियान से महिलाओं में जागरूकता एवं अपने अधिकारों की रक्षा करने का साहस पैदा होगा। सहायक प्रवक्ता राकेश कुमार ने कहा कि हम महिलाओं के साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा अपने परिवार की बेटियों और महिलाओं के साथ चाहते हैं। संचालन सहायक प्रवक्ता अंकित नामदेव ने किया।
लड़कियों को स्वतंत्रता मिले तो वह हर मंजिल को पा सकती हैं। उन्हें निडर होकर आगे बढ़ना चाहिए तभी वह समाज के लिए कुछ कर सकेंगी। - खुशी ताम्रकार, बीए प्रथम वर्ष
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महिला सुरक्षा के लिए बने हेल्पलाइन नंबर को याद रखना चाहिए। कभी भी कोई ऐसी स्थिति हो जिसमें उन्हें अपने या किसी अन्य के लिए खतरा लगे, तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचित कर दें। - शिवानी पांडेय, बीएड, प्रथम वर्ष
इस तरह की गोष्ठी ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों में भी होनी चाहिए जिससे वहां की छात्राओं को कानून की जानकारी हो सके। जिससे वह अन्य लड़कियों व महिलाओं को जागरूक कर सकें। -ललिता, बीएड द्वितीय वर्ष
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति सरकार काम कर रही है, लेकिन हम लोगों का भी दायित्व है कि ये जानकारी आसपास की महिलाओं व छात्राओं को देकर जागरूक करें। -सोना, बीएड प्रथम वर्ष
महिला सशक्तीकरण को लेकर अमर उजाला ने जो मुहिम शुरू की है, उस पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काम होना चाहिए। तभी महिलाएं जागरूक हो सकेंगीं। -प्रियंका, बीएड प्रथम वर्ष
महिला सुरक्षा के प्रति सभी को जागरूक रहना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल महिला सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। जिससे समय पर पुलिस की मदद मिल सकेगी। -हेमलता
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सहायक प्रवक्ता विनीता जैन ने कहा कि महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए। आत्मरक्षा के लिए किन-किन चीजों को अपने पास रखना चाहिए और उनका उपयोग समय आने पर कैसे करना चाहिए? आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ले सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 112, 181, 1090 की जानकारी दी। किसी भी संदिग्ध या अप्रिय घटना का आभास होने पर इन नंबरों से हेल्प ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियां महिलाएं खुद को कभी कमजोर ना समझें। बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार जैन ने कहा कि इस तरह के अभियान से महिलाओं में जागरूकता एवं अपने अधिकारों की रक्षा करने का साहस पैदा होगा। सहायक प्रवक्ता राकेश कुमार ने कहा कि हम महिलाओं के साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा अपने परिवार की बेटियों और महिलाओं के साथ चाहते हैं। संचालन सहायक प्रवक्ता अंकित नामदेव ने किया।
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लड़कियों को स्वतंत्रता मिले तो वह हर मंजिल को पा सकती हैं। उन्हें निडर होकर आगे बढ़ना चाहिए तभी वह समाज के लिए कुछ कर सकेंगी। - खुशी ताम्रकार, बीए प्रथम वर्ष
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महिला सुरक्षा के लिए बने हेल्पलाइन नंबर को याद रखना चाहिए। कभी भी कोई ऐसी स्थिति हो जिसमें उन्हें अपने या किसी अन्य के लिए खतरा लगे, तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर सूचित कर दें। - शिवानी पांडेय, बीएड, प्रथम वर्ष
इस तरह की गोष्ठी ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों में भी होनी चाहिए जिससे वहां की छात्राओं को कानून की जानकारी हो सके। जिससे वह अन्य लड़कियों व महिलाओं को जागरूक कर सकें। -ललिता, बीएड द्वितीय वर्ष
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति सरकार काम कर रही है, लेकिन हम लोगों का भी दायित्व है कि ये जानकारी आसपास की महिलाओं व छात्राओं को देकर जागरूक करें। -सोना, बीएड प्रथम वर्ष
महिला सशक्तीकरण को लेकर अमर उजाला ने जो मुहिम शुरू की है, उस पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काम होना चाहिए। तभी महिलाएं जागरूक हो सकेंगीं। -प्रियंका, बीएड प्रथम वर्ष
महिला सुरक्षा के प्रति सभी को जागरूक रहना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल महिला सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। जिससे समय पर पुलिस की मदद मिल सकेगी। -हेमलता