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Lalitpur News: अन्ना जानवरों की शिकायत के निस्तारण को बनेगा कंट्रोल रूम
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अन्ना जानवरों की सूचना देने के लिए जनपद व ब्लॉक मुख्यालय पर कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। जिलाधिकारी ने इसके निर्देश जारी किए हैं। फसल कटने के बाद किसान अपने जानवरों को खुला छोड़ देते हैं, जो सड़क पर दुर्घटना का कारण बनते हैं। ऐसे जानवरों को गोशाला तक पहुंचाने के लिए सीडीओ ने रूपरेखा तैयार की है। किसानों के पालतू जानवर सड़क पाए जाने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है।
शहरी व ग्रामीण इलाकों में सड़क पर फिर अन्ना जानवर दिखाई देने लगे हैं। इन जानवरों को गोशाला तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालय व विकास खंड स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। खंड विकास अधिकारियों को विकास खंड स्तर पर जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जनपद स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इसका नोडल बनाया गया है। ग्रामीण अन्ना पशुओं की सूचना इन अधिकारियों को देंगे, साथ ही सचिव व ग्राम पंचायत में तैनात कर्मचारी इन पशुओं को समीप की गोशाला में भर्ती कराएंगे।
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अन्ना पशु सड़क पर दिखाई न दें, इसके लिए जनपद मुख्यालय व विकास खंड स्तर पर कंट्रोल रूम बनाते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। -केके पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
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ललितपुर। अन्ना जानवरों की सूचना देने के लिए जनपद व ब्लॉक मुख्यालय पर कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। जिलाधिकारी ने इसके निर्देश जारी किए हैं। फसल कटने के बाद किसान अपने जानवरों को खुला छोड़ देते हैं, जो सड़क पर दुर्घटना का कारण बनते हैं। ऐसे जानवरों को गोशाला तक पहुंचाने के लिए सीडीओ ने रूपरेखा तैयार की है। किसानों के पालतू जानवर सड़क पाए जाने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है।
शहरी व ग्रामीण इलाकों में सड़क पर फिर अन्ना जानवर दिखाई देने लगे हैं। इन जानवरों को गोशाला तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालय व विकास खंड स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। खंड विकास अधिकारियों को विकास खंड स्तर पर जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जनपद स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इसका नोडल बनाया गया है। ग्रामीण अन्ना पशुओं की सूचना इन अधिकारियों को देंगे, साथ ही सचिव व ग्राम पंचायत में तैनात कर्मचारी इन पशुओं को समीप की गोशाला में भर्ती कराएंगे।
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अन्ना पशु सड़क पर दिखाई न दें, इसके लिए जनपद मुख्यालय व विकास खंड स्तर पर कंट्रोल रूम बनाते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। -केके पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
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