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अवैध खनन
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कैप्सन - गॉव में लगे बालू के अवैध ढेर
- फोटो : TALDEHATE
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बड़े पैमाने पर चल रहा अवैध खनन का कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। इस समय पूरे क्षेत्र में अवैध खनन का काला कारोबार बदस्तूर जारी है। शाम होते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों से अवैध बालू का कारोबार शुरू हो जाता है। प्रशासन के मौन रहने से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
क्षेत्र में कुछ दिनों से मंदा पड़ा अवैध बालू खनन का कारोबार एक बार फिर तेजी से शुरू हो गया। शाम होते ही अवैध बालू भंडारण वाले गांवों में वाहनों का पहुंचना शुरू हो जाता है। रात में उन वाहनों की निकासी होने लगती है। सरखड़ी क्षेत्र में तो एक व्यक्ति द्वारा दिन में ही जेसीबी चलाकर बेतवा नदी और बाय नाले से खनन किया जा रहा है।
इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम सुनौरी, सेरवासकलां, विजयपुरा, पूराकलां, हजारिया, धमना, बलरगुवा आदि गांवों में पूरी रात अवैध बालू का कारोबार चल रहा है। रात में अवैध बालू के वाहन तालबेहट-पूराकलां मार्ग, सुनौरी- पिपरई- तालबेहट मार्ग, विजयपुरा से भुचेरा होते हुए तेरई फाटक मार्ग, हजारिया- बार मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन इन्हें किसी ने न तो रोका है और न ही कोई कार्रवाई हुई है। बालू के अवैध कारोबार से सरकार को प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
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अवैध बालू के खनन की सटीक सूचना मिलने पर वह अवश्य कार्रवाई करेंगे। किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
- मु. कमर, उपजिलाधिकारी
साहब! मेरे पट्टे से उठा रहे बालू
तालबेहट। कस्बा निवासी शिशिर जायसवाल ने उपजिलाधिकारी मु. कमर को शिकायती पत्र देकर पूराकलां क्षेत्र के कुछ लोगों पर उनके बालू के पट्टे से अवैध रूप से बालू का उठान करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में बताया कि उनका धमना घाट का पांच वर्ष के लिए बालू खनन का पट्टा है। जुलाई, अगस्त और सितंबर तीन माह के लिए प्रतिबंध होने के कारण इस समय काम बंद है। इस घाट के समीप के लोग पट्टेशुदा भूमि से अवैध रूप से बालू का उठान कर रहे हैं। कई बार पुलिस को अवगत कराया, परंतु इस पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि नहीं रोका गया तो पट्टा सरेंडर कर देंगे। उपजिलाधिकारी ने खान अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। इस समय पूरे क्षेत्र में अवैध खनन का काला कारोबार बदस्तूर जारी है। शाम होते ही आधा दर्जन से अधिक गांवों से अवैध बालू का कारोबार शुरू हो जाता है। प्रशासन के मौन रहने से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
क्षेत्र में कुछ दिनों से मंदा पड़ा अवैध बालू खनन का कारोबार एक बार फिर तेजी से शुरू हो गया। शाम होते ही अवैध बालू भंडारण वाले गांवों में वाहनों का पहुंचना शुरू हो जाता है। रात में उन वाहनों की निकासी होने लगती है। सरखड़ी क्षेत्र में तो एक व्यक्ति द्वारा दिन में ही जेसीबी चलाकर बेतवा नदी और बाय नाले से खनन किया जा रहा है।
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इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम सुनौरी, सेरवासकलां, विजयपुरा, पूराकलां, हजारिया, धमना, बलरगुवा आदि गांवों में पूरी रात अवैध बालू का कारोबार चल रहा है। रात में अवैध बालू के वाहन तालबेहट-पूराकलां मार्ग, सुनौरी- पिपरई- तालबेहट मार्ग, विजयपुरा से भुचेरा होते हुए तेरई फाटक मार्ग, हजारिया- बार मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन इन्हें किसी ने न तो रोका है और न ही कोई कार्रवाई हुई है। बालू के अवैध कारोबार से सरकार को प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
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अवैध बालू के खनन की सटीक सूचना मिलने पर वह अवश्य कार्रवाई करेंगे। किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
- मु. कमर, उपजिलाधिकारी
साहब! मेरे पट्टे से उठा रहे बालू
तालबेहट। कस्बा निवासी शिशिर जायसवाल ने उपजिलाधिकारी मु. कमर को शिकायती पत्र देकर पूराकलां क्षेत्र के कुछ लोगों पर उनके बालू के पट्टे से अवैध रूप से बालू का उठान करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में बताया कि उनका धमना घाट का पांच वर्ष के लिए बालू खनन का पट्टा है। जुलाई, अगस्त और सितंबर तीन माह के लिए प्रतिबंध होने के कारण इस समय काम बंद है। इस घाट के समीप के लोग पट्टेशुदा भूमि से अवैध रूप से बालू का उठान कर रहे हैं। कई बार पुलिस को अवगत कराया, परंतु इस पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि नहीं रोका गया तो पट्टा सरेंडर कर देंगे। उपजिलाधिकारी ने खान अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।