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पानी की एक- एक बूंद का देना होगा हिसाब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:37 AM IST
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ater crisis, lalitpur newsw
- फोटो : demo
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केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत साढे़ पांच करोड़ रुपये से जल निगम नगर के 23, 644 घरों में नलों के मीटर लगाएगा। मीटर लगने के बाद शहर में हो रही पानी की बर्बादी पर अंकुश लग सकेगा। लोगों को बूंद-बूंद पानी का भुगतान करना पड़ेगा। अब तक शहरवासी मनमाने तौर पर पानी का उपयोग करते हैं। शासन से बजट आते ही मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
अब तक जल मूल्य कर की वसूली शासन से निर्धारित राशि के अनुसार होती है। इस कारण लोग जमकर पानी की बर्बादी करते हैं। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत प्रत्येक नल कनेक्शन पर मीटर लगाना अनिवार्य किया है। जल संस्थान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर में हर रोज एक करोड़ लीटर से अधिक शुद्ध पेयजल की बर्बादी हो रही है।
शहर क्षेत्र में केवल 10,090 घरेलू नल कनेक्शन हैं। यदि प्रत्येक परिवार में आधा दर्जन सदस्यों के अनुसार आंकलन करें तो कुल 60 540 लोग नलों के पानी का उपयोग कर रहे हैं। जल संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति को 140 लीटर पानी प्रत्येक दिन पहुंचाना है, लेकिन शहर में हर रोज दो करोड़ से अधिक लीटर पानी की खपत हो रही है। इससे तय होता है कि शहर में बड़े स्तर पर पानी की बर्बादी हो रही है।
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17,765 नल कनेक्शन पर जल निगम लगाएगी 23,644 मीटर
नगर पालिका के शहर क्षेत्र में कुल 23,644 मकान दर्ज हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर जल निगम ने शहर में 23,644 मीटर लगवाने का टेंडर निकाला है। जल निगम शहर के शत प्रतिशत घरों में नलों के कनेक्शन कराने के लिए करीब 2.25 करोड़ रुपए की लागत से नेहरु नगर क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुल 4,942 नलों के कनेक्शन करा रही है, जिसकी विभाग ने दो माह पूर्व टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है। वहीं इसी योजना के तहत नेहरु नगर में अलग से 2,733 घरों में नलों के कनेक्शन कराए जा रहे हैं। अमृत योजना के तहत शहर में कुल 7,675 घरों में नलों के कनेक्शन किए जाने हैं। वहीं जल संस्थान के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में कुल 10,090 घरों में नलों के कनेक्शन हैं। वर्तमान और आगामी नलों के कनेक्शन को मिलकर शहर में कुल 17,765 घरेलू कनेक्शन हो जाएंगे, जबकि जल निगम 23,644 मीटर लगवाने का टेंडर निकाला है। जल निगम का यह आंकड़ा कहीं से मेल नहीं खा रहा है।
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अब तक जल मूल्य कर की वसूली शासन से निर्धारित राशि के अनुसार होती है। इस कारण लोग जमकर पानी की बर्बादी करते हैं। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत प्रत्येक नल कनेक्शन पर मीटर लगाना अनिवार्य किया है। जल संस्थान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर में हर रोज एक करोड़ लीटर से अधिक शुद्ध पेयजल की बर्बादी हो रही है।
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शहर क्षेत्र में केवल 10,090 घरेलू नल कनेक्शन हैं। यदि प्रत्येक परिवार में आधा दर्जन सदस्यों के अनुसार आंकलन करें तो कुल 60 540 लोग नलों के पानी का उपयोग कर रहे हैं। जल संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति को 140 लीटर पानी प्रत्येक दिन पहुंचाना है, लेकिन शहर में हर रोज दो करोड़ से अधिक लीटर पानी की खपत हो रही है। इससे तय होता है कि शहर में बड़े स्तर पर पानी की बर्बादी हो रही है।
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17,765 नल कनेक्शन पर जल निगम लगाएगी 23,644 मीटर
नगर पालिका के शहर क्षेत्र में कुल 23,644 मकान दर्ज हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर जल निगम ने शहर में 23,644 मीटर लगवाने का टेंडर निकाला है। जल निगम शहर के शत प्रतिशत घरों में नलों के कनेक्शन कराने के लिए करीब 2.25 करोड़ रुपए की लागत से नेहरु नगर क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुल 4,942 नलों के कनेक्शन करा रही है, जिसकी विभाग ने दो माह पूर्व टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है। वहीं इसी योजना के तहत नेहरु नगर में अलग से 2,733 घरों में नलों के कनेक्शन कराए जा रहे हैं। अमृत योजना के तहत शहर में कुल 7,675 घरों में नलों के कनेक्शन किए जाने हैं। वहीं जल संस्थान के रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में कुल 10,090 घरों में नलों के कनेक्शन हैं। वर्तमान और आगामी नलों के कनेक्शन को मिलकर शहर में कुल 17,765 घरेलू कनेक्शन हो जाएंगे, जबकि जल निगम 23,644 मीटर लगवाने का टेंडर निकाला है। जल निगम का यह आंकड़ा कहीं से मेल नहीं खा रहा है।