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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   AMS is now passed on to the poor for free ambulances

अब गरीबों को एम्स तक पहुंचाएंगी निशुल्क एंबुलेंस

Fri, 05 Jun 2015 11:33 PM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
ललितपुर/ ब्यूरो Updated Fri, 05 Jun 2015 11:33 PM IST
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ललितपुर। जनता को 102 और 108 एंबुलेंस सेवा मुहैया कराने के बाद सरकार ने गरीब मरीजों की जरूरत को देखते हुए ऐसी एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जो मरीजों को एम्स के साथ ही किसी प्रांत के अस्पताल तक पहुंचाने का काम करेगी। यह सुविधा गरीबों के लिए वरदान साबित होगी।
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उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत कुछ वर्ष पूर्व प्रत्येक जनपद में एंबुलेंस मुहैया कराई गई थी, जो जिला अस्पताल से रेफर किए जाने वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गंभीर मरीजों को निशुल्क मेडिकल कालेज ले जाने का काम करते थे, लेकिन गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव और नवजात शिशुओं को इलाज के लिए घर से अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से 102 नंबर वाली एंबुलेंस सेवा शुरू होते ही उत्तर प्रदेश एंबुलेंस सेवा के वाहन 102 को हैंडओवर कर दिए गए। जबकि, जच्चा और बच्चा की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ड्राप बैक योजना पहले ही संचालित की जा रही थी, जिसे 102 सेवा शुरू होते ही बंद कर दिया गया।
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 इन हालातों में जनपद मुख्यालय से रेफर किए जाने वाले मरीजों को साधन की समस्या उत्पन्न होने लगी। हर तरह के मरीजों को स्वास्थ्य इकाइयों तक पहुंचाने के लिए संचालित 108 एंबुलेंस सेवा में भी मुख्यालय से मेडिकल कालेज रेफर किए जाने वाले मरीजों को ले जाने का प्रावधान नहीं था। कुछ माह पूर्व शासन ने रेफर मरीजों को मेडिकल कालेज भेजने का जिम्मा भी आवश्यकता पड़ने पर सीएमएस की अनुमति से 102 एंबुलेंस सेवा को दे दिया। 102 एंबुलेंस की व्यस्तता के कारण रेफर होने वाले अधिकांश मरीज इसके लाभ से वंचित रहे। इसके अलावा मेडिकल कालेज के अलावा एम्स अथवा अन्य किसी प्रांत में स्थित अस्पताल में रेफर किए जाने पर सरकारी तौर पर मरीजों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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महत्वपूर्ण यह है कि यह जनपद तीन ओर से मध्य प्रदेश की सीमाओं से घिरा है। झांसी मेडिकल कालेज के अलावा ग्वालियर और भोपाल में गंभीर रोगियों के इलाज की बेहतर सुविधाएं हैं। हर माह दर्जनों गंभीर मरीजों को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में रेफर किया जाता है, लेकिन गरीब मरीजों को जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस की कोई मदद नहीं मिलती। इन सभी स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जनपद मुख्यालय पर ऐसी एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, आवश्यकता पड़ने पर प्रदेश ही नहीं देश की राजधानी स्थित अस्पताल तक मरीजों को भिजवाने में मदद करे।

इतना ही नहीं, यह एंबुलेंस मरीजों को किसी भी प्रांत में ले जाने का काम करेगी। बीते दिनों लखनऊ में आहूत विभागीय बैठक में प्रतिभाग के दौरान यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दी गई। बैठक से प्रतिभाग करके लौटे जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आर पी सिंह का कहना है कि मरीजों को सभी जगह ले जाने वाली एंबुलेंस जिला चिकित्सालय में उपलब्ध रहेगी, जो रेफर किए जाने वाले मरीजों को गंतव्य तक पहुंचाएगी।



इनका कहना है -
लखनऊ में आहूत विभागीय बैठक में नई एंबुलेंस उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई थी। यह वाहन गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। गाड़ी मिलते ही गरीबों को इसका लाभ दिलाया जाएगा।
डा. आर पी सिंह
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला चिकित्सालय, ललितपुर।

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