{"_id":"4b23ee034e3a0723bea52978e26602d1","slug":"all-taxis-are-being-charged-tax-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी टैक्सियों से वसूला जा रहा है टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी टैक्सियों से वसूला जा रहा है टैक्स
ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा पांच वर्ष तक या उससे अधिक समय तक संचालित होने वाली टैक्सियों पर वन टाइम टैक्स वसूली करने से गरीब और रोजाना कमाकर खाने वाले टैक्सी संचालकों को परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नया सर्कुलर जारी होने के बाद भी विभाग द्वारा की जा रही वन टाइम टैक्स वसूली से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में परिवहन विभाग से परमिट लेकर करीब एक हजार टैक्सियां संचालित हो रही हैं। परिवहन विभाग द्वारा जिले में संचालित ऑटो- टैंपों से वन टाइम टैक्स प्रणाली दो माह पूर्व लागू की गई है। इसमें पांच वर्ष बाद फिर से रिन्यूअल कराने पर टैक्सी संचालकों को इसके दायरे में रखा गया था, लेकिन बाद में सहायक परिवहन आयुक्त द्वारा नया आदेश जारी कर उक्त प्रणाली में सुधार करते हुए पांच वर्ष से अधिक संचालित होने वाली टैक्सियों को वन टाइम टैक्स से छूट देते हुए पूर्व की तरह ही सालाना टैक्स की सुविधा लागू कर दी गई थी। ताकि, रोज कमाकर खाने वालों के लिए उक्त सुविधा से कुछ राहत मिल सके।
पांच वर्ष से कम समय वाले व नए वाहनों को वन टाइम प्रणाली के दायरे में ही रखा गया था, लेकिन सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा जनपद में संचालित होने वाले ऑटो व टैंपो चाहे वह पांच वर्ष से अधिक समय से संचालित हो रहे हों, या फिर नए अथवा पांच वर्ष के कम समय वाले, सभी को वन टाइम टैक्स प्रणाली के दायरे में रखते हुए कर वसूली की जा रही है।
विज्ञापन
पांच वर्ष से अधिक समय से टैक्सियां संचालित कर रहे लगभग एक दर्जन टैक्सी संचालकों ने एआरटीओ (प्रवर्तन) सोमलता यादव को अपनी व्यथा बताई और अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए वन टाइम टैक्स प्रणाली से छूट देने की मांग की। लेकिन, एआरटीओ ने टैक्सी संचालकों को विभागीय आदेश का हवाला देते हुए अपनी असमर्थता जता दी। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर में दर्शायी जा रही प्रणाली के तहत पांच वर्ष से अधिक समय वाले टैक्सी संचालकों से वन टाइम टैक्स लिया जा रहा है। इस कारण टैक्सी संचालकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
पांच वर्ष से अधिक समय से टैक्सियां संचालित करने वाले मो.वकील, सैय्यद अली, अब्बास, दिलीप राठौर, कोमल, अमजद अली, मो.जफर आदि ने बताया कि वह किसी प्रकार रोज कमाकर अपने परिवार को भरण पोषण कर रहे हैं। सालाना टैक्स भी वह किसी प्रकार इकट्ठा कर पाते हैं। लेकिन, वन टाइम टैक्स से उनके सामने रोजगार तक का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्हें 15 जनवरी तक वन टाइम टैक्स जमा करना होगा। टैक्स जमा नहीं करने पर 15 जनवरी के बाद उनसे पेनाल्टी वसूली जाएगी।
यह है व्यवस्था
ललितपुर। जनपद में संचालित हो रही टैक्सी के संचालकों से सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में सालाना प्रति टैक्सी पर 1,800 रुपए के हिसाब से आठ वर्ष तक टैक्स वसूली की जाती थी। लेकिन, वन टाइम टैक्स प्रणाली लागू होने पर उन्हें एकमुश्त पूरा पैसा जमा करना होगा। पहले सालाना, फिर वन टाइम, फिर सालाना और अब फिर वन टाइम प्रणाली के फेर में टैक्सी चालक संचालक हैं।
विज्ञापन
जिले में परिवहन विभाग से परमिट लेकर करीब एक हजार टैक्सियां संचालित हो रही हैं। परिवहन विभाग द्वारा जिले में संचालित ऑटो- टैंपों से वन टाइम टैक्स प्रणाली दो माह पूर्व लागू की गई है। इसमें पांच वर्ष बाद फिर से रिन्यूअल कराने पर टैक्सी संचालकों को इसके दायरे में रखा गया था, लेकिन बाद में सहायक परिवहन आयुक्त द्वारा नया आदेश जारी कर उक्त प्रणाली में सुधार करते हुए पांच वर्ष से अधिक संचालित होने वाली टैक्सियों को वन टाइम टैक्स से छूट देते हुए पूर्व की तरह ही सालाना टैक्स की सुविधा लागू कर दी गई थी। ताकि, रोज कमाकर खाने वालों के लिए उक्त सुविधा से कुछ राहत मिल सके।
विज्ञापन
पांच वर्ष से कम समय वाले व नए वाहनों को वन टाइम प्रणाली के दायरे में ही रखा गया था, लेकिन सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा जनपद में संचालित होने वाले ऑटो व टैंपो चाहे वह पांच वर्ष से अधिक समय से संचालित हो रहे हों, या फिर नए अथवा पांच वर्ष के कम समय वाले, सभी को वन टाइम टैक्स प्रणाली के दायरे में रखते हुए कर वसूली की जा रही है।
विज्ञापन
पांच वर्ष से अधिक समय से टैक्सियां संचालित कर रहे लगभग एक दर्जन टैक्सी संचालकों ने एआरटीओ (प्रवर्तन) सोमलता यादव को अपनी व्यथा बताई और अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए वन टाइम टैक्स प्रणाली से छूट देने की मांग की। लेकिन, एआरटीओ ने टैक्सी संचालकों को विभागीय आदेश का हवाला देते हुए अपनी असमर्थता जता दी। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर में दर्शायी जा रही प्रणाली के तहत पांच वर्ष से अधिक समय वाले टैक्सी संचालकों से वन टाइम टैक्स लिया जा रहा है। इस कारण टैक्सी संचालकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
पांच वर्ष से अधिक समय से टैक्सियां संचालित करने वाले मो.वकील, सैय्यद अली, अब्बास, दिलीप राठौर, कोमल, अमजद अली, मो.जफर आदि ने बताया कि वह किसी प्रकार रोज कमाकर अपने परिवार को भरण पोषण कर रहे हैं। सालाना टैक्स भी वह किसी प्रकार इकट्ठा कर पाते हैं। लेकिन, वन टाइम टैक्स से उनके सामने रोजगार तक का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्हें 15 जनवरी तक वन टाइम टैक्स जमा करना होगा। टैक्स जमा नहीं करने पर 15 जनवरी के बाद उनसे पेनाल्टी वसूली जाएगी।
यह है व्यवस्था
ललितपुर। जनपद में संचालित हो रही टैक्सी के संचालकों से सहायक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में सालाना प्रति टैक्सी पर 1,800 रुपए के हिसाब से आठ वर्ष तक टैक्स वसूली की जाती थी। लेकिन, वन टाइम टैक्स प्रणाली लागू होने पर उन्हें एकमुश्त पूरा पैसा जमा करना होगा। पहले सालाना, फिर वन टाइम, फिर सालाना और अब फिर वन टाइम प्रणाली के फेर में टैक्सी चालक संचालक हैं।