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शराब बंदी और गोसेवा राजनीतिक अभियान नहीं: उमा
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ललितपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि शराब बंदी, गोसेवा और पौधरोपण राजनीतिक अभियान नहीं हो सकते। यह सामाजिक अभियान हैं। बुधवार को ओरछा से ललितपुर आईं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में पत्रकारों से कहा कि शराब को लेकर दो पक्ष हैं एक समाज और दूसरा सरकार। समाज को भी तो तय करना होगा कि हम शराब नहीं पीएंगे। क्योंकि सरकार का तर्क है कि यदि दुकानें बंद कर देंगे तो यह अवैध खरीदने लग जाएंगे, क्योंकि आसपास के राज्यों में शराब बंद नहीं हो पाएगी।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री होने के दौरान शराब बंदी के विचार को लेकर बोलीं कि मैंने उस समय शराब बंदी की घोषणा नहीं की थी और अभी भी शराब बंदी के लिए नहीं कहा है। क्रमिक शराब बंदी के लिए कहा है। मंदिर, औषधालय, जिनालय, मस्जिद, चर्च के पास शराब की दुकानें न हों। स्कूलों से पांच सौ मीटर दूर शराब की दुकानें हों और वो भी तब खुलें जब स्कूल बंद हो जाएं। कोई शराब पीकर गाड़ी न चलाने पाएं, इसकी व्यवस्था कर दो।
शराब की दुकानों पर गोबर फेंकने के सवाल पर कहा कि गोबर गाय का बहुत अच्छा और पवित्र गोशाला का था। ओरछा रामराजा सरकार की पावन नगरी है और उसके ठीक मुहाने पर वो दुकान है। वैसे वहां कोई मंदिर नहीं है, न कोई स्कूल है, लेकिन वह रोड से इतनी कम दूरी पर है कि उतने पास में रोड पर दुकान नहीं हो सकती। वर्ष 2024 के सांसद के चुनाव पर उन्होंने कहा कि यदि झांसी-ललितपुर की जनता उन्हें सांसद देखना ही चाहती है तो जरूरी नहीं कि वह झांसी से ही लड़ें। वह 2024 का चुनाव तो लड़ने ही वाली हैं, लेकिन वह जहां से भी लड़ेगी, आ जाएंगी सांसद बनने के बाद झांसी। बाबा के बुलडोजर के सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश तो हल्ला करेंगे ही कि उनके लोग ठुक पिट रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश ने जो राजनीति की थी कि वह बहुत खराब थी। मकानों पर, दुकानों पर, खेती की जमीन पर कब्जे और उन कब्जों में माफिया और दबंग आने लगे। अब वो कब्जे छुुड़ाए जा रहे हैं तो उन्हें लग रहा है कि यह चीज उनके खिलाफ कर रहे हैं, बल्कि ऐसा कुछ नहीं है।
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नुपूर के साथ सब पर एफआईआर हो
उमा भारती ने कहा कि नूपुर शर्मा का मामला में भारतीय दंड विधान पर निर्भर करेगा कि उनके कृत्य को किस दंड के अंतर्गत देखें। लेकिन नूपुर के पोस्टर को पैरों के नीचे रौंदना, उनके पुतले को फांसी देना, गर्दन काटना, ये भारतीय सभ्यता के विपरीत है। इसलिए यदि नूपुर पर एफआईआर हुई तो सब लोगों पर एफआईआर होनी चाहिए। इस कृत्य की हिंदू और मुसलमान सब मिलकर निंदा करें क्योंकि संसार में कोई सभ्यता नहीं जो स्त्री का अपमान करे।
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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री होने के दौरान शराब बंदी के विचार को लेकर बोलीं कि मैंने उस समय शराब बंदी की घोषणा नहीं की थी और अभी भी शराब बंदी के लिए नहीं कहा है। क्रमिक शराब बंदी के लिए कहा है। मंदिर, औषधालय, जिनालय, मस्जिद, चर्च के पास शराब की दुकानें न हों। स्कूलों से पांच सौ मीटर दूर शराब की दुकानें हों और वो भी तब खुलें जब स्कूल बंद हो जाएं। कोई शराब पीकर गाड़ी न चलाने पाएं, इसकी व्यवस्था कर दो।
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शराब की दुकानों पर गोबर फेंकने के सवाल पर कहा कि गोबर गाय का बहुत अच्छा और पवित्र गोशाला का था। ओरछा रामराजा सरकार की पावन नगरी है और उसके ठीक मुहाने पर वो दुकान है। वैसे वहां कोई मंदिर नहीं है, न कोई स्कूल है, लेकिन वह रोड से इतनी कम दूरी पर है कि उतने पास में रोड पर दुकान नहीं हो सकती। वर्ष 2024 के सांसद के चुनाव पर उन्होंने कहा कि यदि झांसी-ललितपुर की जनता उन्हें सांसद देखना ही चाहती है तो जरूरी नहीं कि वह झांसी से ही लड़ें। वह 2024 का चुनाव तो लड़ने ही वाली हैं, लेकिन वह जहां से भी लड़ेगी, आ जाएंगी सांसद बनने के बाद झांसी। बाबा के बुलडोजर के सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश तो हल्ला करेंगे ही कि उनके लोग ठुक पिट रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश ने जो राजनीति की थी कि वह बहुत खराब थी। मकानों पर, दुकानों पर, खेती की जमीन पर कब्जे और उन कब्जों में माफिया और दबंग आने लगे। अब वो कब्जे छुुड़ाए जा रहे हैं तो उन्हें लग रहा है कि यह चीज उनके खिलाफ कर रहे हैं, बल्कि ऐसा कुछ नहीं है।
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नुपूर के साथ सब पर एफआईआर हो
उमा भारती ने कहा कि नूपुर शर्मा का मामला में भारतीय दंड विधान पर निर्भर करेगा कि उनके कृत्य को किस दंड के अंतर्गत देखें। लेकिन नूपुर के पोस्टर को पैरों के नीचे रौंदना, उनके पुतले को फांसी देना, गर्दन काटना, ये भारतीय सभ्यता के विपरीत है। इसलिए यदि नूपुर पर एफआईआर हुई तो सब लोगों पर एफआईआर होनी चाहिए। इस कृत्य की हिंदू और मुसलमान सब मिलकर निंदा करें क्योंकि संसार में कोई सभ्यता नहीं जो स्त्री का अपमान करे।