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कूप निर्माण के बाद ही गिर गया

Mon, 06 Feb 2017 12:45 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Mon, 06 Feb 2017 12:45 AM IST
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After the building fell coupe
कूप निर्माण के बाद ही गिर गया - फोटो : amar ujala
ललितपुर। 
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सूखे से जूझने वाले ललितपुर जनपद में बुंदेलखंड विकास पैकेज से खोदे गए कुओं में जमकर बंदरबांट हुआ। लघु सिंचाई विभाग ने कूप बनवाने में करोड़ों रुपये खर्च किए, कई कुएं कागजों में ही खोद दिए गए। पांच मीटर गहराई के कुएं का दस मीटर के नाम पर भुगतान कर दिया गया। पिछले दिनों अधिशासी अभियंता एम के सिंह ने कूपों का निरीक्षण किया तो धांधली उजागर हो गई।
बुंदेलखंड विकास पैकेज के तहत जनपद में 2617 कूप खोदे गए हैं। इन कूप निर्माण करने के लिए 66 करोड़ 58 लाख 73 हजार 859 रुपये खर्च किए गए। बुंदेलखंड पैकेज के तहत निर्मित हुए कूपों की गुणवत्ता को लेकर समय समय पर सवालिया निशान लगते रहे हैं। शासन से मिले निर्देश के बाद अधिशासी अभियंता एम के सिंह ने कूपों की जांच की। रैंडम तरीके से हुई जांच में सबसे ज्यादा अनियमितता बार ब्लॉक में पायी गई।
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जांच में पाया गया कि कई कूप की ज्यादा भुगतान के लिए मेजरमेंट बुक में गलत माप दर्ज की गई। कई कूप सिर्फ पांच मीटर गहरे हैं, उन्हें एमबी में दस से पंद्रह मीटर गहरा बताया गया। इस स्थिति को देख वह धांधली करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की संस्तुति करते, इसके पहले ही उनका ट्रांसफर हो गया। हालांकि, हाईकोर्ट से स्टे लेने के बाद वह चार्ज लेने के लिए कोशिश कर रहे हैं। वहीं शासन की ओर से महोबा के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह को जनपद का प्रभार दिया गया है। अब दो- दो एक्सईएन होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि जांच में सामने आया है, कि सूखे से निपटने के लिए आने वाले बजट की जमकर बंदरबांट की गई है। 
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केस नं 1
ग्राम गदयाना में बुंदेलखंड विकास पैकेज से किसान नंदराम पुत्र दुर्जन के खेत पर कूप का निर्माण कराया गया था। कूप का बाहरी व्यास 6.85 मीटर व गहराई 13 मीटर कागजों में दर्ज है। निरीक्षण में कुएं का व्यास 4 मीटर व गहराई 8.70 मीटर पायी गई। इस प्रकार संबंधित अधिकारियों द्वारा दोगुनी गहराई बताकर हजारों रुपयों की बंदरबांट की गई।
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केस नं 2 
ग्राम खजरा में पैकेज के तहत ही कूप का निर्माण बहोरन पुत्र मनका के खेत पर कराया गया। विभाग के कागजों में कूप की गहराई 12 मीटर बताई गई। जबकि निरीक्षण में कुआं केवल पांच मीटर गहरा ही पाया गया है। इस कागजों में सात मीटर ज्यादा गहराई दिखाकर भुगतान लिया गया। 
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केस नं 3
ग्राम खजरा में ही एक ऐसे कूप का भुगतान निकालने का मामला भी सामने आया जो कि अपना अस्तित्व निर्माण के कुछ समय बाद ही खो चुुका है। ग्राम खजरा के निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र हरी सिंह के खेत पर कूप का निर्माण कराया गया। कूप की गहराई 13 मीटर बताई गई और कूप को सही सलामत बताया गया। जबकि निरीक्षण में सामने आया कि विभाग द्वारा कूप निर्माण कराने के कुछ दिन बाद ही यह धराशायी हो गया और विभाग द्वारा बजट की बंदरबांट कर ली गई।

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इनका कहना है
लघु सिंचाई विभाग में एक्सईएन के तबादले व कोर्ट से स्टे का मामला संज्ञान में है। शासन से इस संबंध में निर्देश मांगे गए हैं। शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
डा रूपेश कुमार जिलाधिकारी
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