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पांच साल में पांच सौ परिवार अंधेरे में
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मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी के पार्क में फैली गंदगी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय के पास स्थित कांशीराम आवासीय कॉलोनी पांच साल बाद भी अब तक बिजली से रोशन नहीं हो पाई है। इस कारण यहां रहने वाले पांच सौ परिवार आवास पाकर भी अपने आप को छला सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी है और बिजली के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसमें पैसे की कमी सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही है।
मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत रघुुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय के पास कॉलोनी का निर्माण कराया गया है। इसमें 42 ब्लाकों में 500 आवास बने हुए हैं, जिन्हें बिजली व पानी की सुविधा दिए बिना ही आवंटित कर दिया गया। इस दौरान आवंटियों को जल्द ही दोनों सुविधा मुहैया कराने का भरोसा दिया गया था, जिससे आवंटियों ने यहां रहना शुरू कर दिया। जब लगातार महीना दर महीना बीतने लगे तो कॉलोनीवासियों ने अफसरों के पास चक्कर काटना शुरु कर दिए।
वर्ष 2015 में अधिकारी हरकत में आए तो इसका एस्टीमेट तैयार किया गया। पहले एस्टीमेट 64.66 लाख रुपये का बनाया गया। जब साल गुजरी तो इसका एस्टीमेट बढ़कर अठहत्तर लाख छियासी हजार पांच सौ छिहत्तर रुपये पहुंच गया। इसके बाद भी शासन से इस मद में धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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यहां के लोगों का कहना है कि बिजली के अभाव में बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। रात्रि में जहरीले कीड़ों के काटने का डर बना रहता है। पिछले साल एक बुजुर्ग दंपत्ति की मौत मोमबत्ती के बिस्तर में गिरने से लगी आग से हो गई थी। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने सड़क जाम कर दी थी। इन घटनाओं के बाद भी कॉलोनी में अंधेरा पसरा है। पानी के लिए हैंडपंप का सहारा है। पूरी कॉलोनी में केवल पांच हैंडपंप लगे हैं, इनमें से एक खराब है। इससे कॉलोनी में व्याप्त समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- बिजली विभाग के उप खंड अधिकारी अखिलेश कुमार ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 31 मार्च 2015 को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि नवनिर्मित कॉलोनी को विद्युतीकृत करने के लिए एस्टीमेट बनाकर पेश कर दिया था। 20 जून 2018 को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा था कि कॉलोनी में आवासीय सुविधा पानी व बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के विद्युतीकरण के लिए कई बार प्रस्ताव व प्रार्थना पत्र लिखे गए। यदि उक्त संबंध में कोई विद्युतीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है तो उसको एक प्रति विधायक को भिजवाएं।
- विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आकाश सचान ने 28 अप्रैल 2018 को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी का निर्माण चार-पांच वर्ष पूर्व हुआ था। उस समय कॉलोनी में विद्युतीकरण का कार्य शासन द्वारा धनराशि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण नहीं हो पाया था। तत्कालीन अधिशासी अभियंता द्वारा विद्युतीकरण का एस्टीमेट उपलब्ध करा दिया गया था। कॉलोनी के निवासीगणों ने विद्युत नहीं होने की शिकायत की थी। विद्युतीकरण का एस्टीमेट बना लिया गया है, जिसकी लागत 64.66 लाख रुपये है। विभागीय स्तर पर इस मद में धनराशि उपलब्ध नहीं है। कांशीराम शहरी आवासीय कालोनी में विद्युतीकरण का एस्टीमेट भेजा जा रहा है कि शासन स्तर से उक्त कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
- विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आकाश सचान ने 21 जून 2018 को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि कांशीराम आवासीय कॉलोनी द्वितीय में विद्युतीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें 64.66 लाख रुपये लागत आ रही है।
अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, न तो बिजली लग पाई है और न ही पानी की कोई सुविधा है। इस कारण किसी तरह से कॉलोनी में रह रहे हैं।
- संजय मिकी
दो महीने पहले ही जिलाधिकारी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान बताया गया कि शासन ने एस्टीमेट को स्वीकृत कर लिया है, लेकिन धनराशि मिलने का इंतजार है। वर्तमान में क्या स्थिति है, यह अभी तक पता नहीं चल सका है।
- वशीर
प्रदेश के राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ को ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पांच साल से मोमबत्ती के सहारे रह रहे हैं।
- मजीद
बिजली देने के लिए लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली की लिए तार खींचने के लिए कोई आता नहीं है। अब तो भरोसा भी नहीं होता है कि कॉलोनी में लाइट आएगी या नहीं।
- मूला
मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी में बिजली पहुंचाने के लिए अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से बजट मिलने का इंतजार है।
- पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड
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मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत रघुुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय के पास कॉलोनी का निर्माण कराया गया है। इसमें 42 ब्लाकों में 500 आवास बने हुए हैं, जिन्हें बिजली व पानी की सुविधा दिए बिना ही आवंटित कर दिया गया। इस दौरान आवंटियों को जल्द ही दोनों सुविधा मुहैया कराने का भरोसा दिया गया था, जिससे आवंटियों ने यहां रहना शुरू कर दिया। जब लगातार महीना दर महीना बीतने लगे तो कॉलोनीवासियों ने अफसरों के पास चक्कर काटना शुरु कर दिए।
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वर्ष 2015 में अधिकारी हरकत में आए तो इसका एस्टीमेट तैयार किया गया। पहले एस्टीमेट 64.66 लाख रुपये का बनाया गया। जब साल गुजरी तो इसका एस्टीमेट बढ़कर अठहत्तर लाख छियासी हजार पांच सौ छिहत्तर रुपये पहुंच गया। इसके बाद भी शासन से इस मद में धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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यहां के लोगों का कहना है कि बिजली के अभाव में बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। रात्रि में जहरीले कीड़ों के काटने का डर बना रहता है। पिछले साल एक बुजुर्ग दंपत्ति की मौत मोमबत्ती के बिस्तर में गिरने से लगी आग से हो गई थी। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने सड़क जाम कर दी थी। इन घटनाओं के बाद भी कॉलोनी में अंधेरा पसरा है। पानी के लिए हैंडपंप का सहारा है। पूरी कॉलोनी में केवल पांच हैंडपंप लगे हैं, इनमें से एक खराब है। इससे कॉलोनी में व्याप्त समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- बिजली विभाग के उप खंड अधिकारी अखिलेश कुमार ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 31 मार्च 2015 को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि नवनिर्मित कॉलोनी को विद्युतीकृत करने के लिए एस्टीमेट बनाकर पेश कर दिया था। 20 जून 2018 को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा था कि कॉलोनी में आवासीय सुविधा पानी व बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के विद्युतीकरण के लिए कई बार प्रस्ताव व प्रार्थना पत्र लिखे गए। यदि उक्त संबंध में कोई विद्युतीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है तो उसको एक प्रति विधायक को भिजवाएं।
- विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आकाश सचान ने 28 अप्रैल 2018 को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी का निर्माण चार-पांच वर्ष पूर्व हुआ था। उस समय कॉलोनी में विद्युतीकरण का कार्य शासन द्वारा धनराशि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण नहीं हो पाया था। तत्कालीन अधिशासी अभियंता द्वारा विद्युतीकरण का एस्टीमेट उपलब्ध करा दिया गया था। कॉलोनी के निवासीगणों ने विद्युत नहीं होने की शिकायत की थी। विद्युतीकरण का एस्टीमेट बना लिया गया है, जिसकी लागत 64.66 लाख रुपये है। विभागीय स्तर पर इस मद में धनराशि उपलब्ध नहीं है। कांशीराम शहरी आवासीय कालोनी में विद्युतीकरण का एस्टीमेट भेजा जा रहा है कि शासन स्तर से उक्त कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
- विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आकाश सचान ने 21 जून 2018 को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि कांशीराम आवासीय कॉलोनी द्वितीय में विद्युतीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसमें 64.66 लाख रुपये लागत आ रही है।
अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, न तो बिजली लग पाई है और न ही पानी की कोई सुविधा है। इस कारण किसी तरह से कॉलोनी में रह रहे हैं।
- संजय मिकी
दो महीने पहले ही जिलाधिकारी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान बताया गया कि शासन ने एस्टीमेट को स्वीकृत कर लिया है, लेकिन धनराशि मिलने का इंतजार है। वर्तमान में क्या स्थिति है, यह अभी तक पता नहीं चल सका है।
- वशीर
प्रदेश के राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ को ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा था, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पांच साल से मोमबत्ती के सहारे रह रहे हैं।
- मजीद
बिजली देने के लिए लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली की लिए तार खींचने के लिए कोई आता नहीं है। अब तो भरोसा भी नहीं होता है कि कॉलोनी में लाइट आएगी या नहीं।
- मूला
मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी में बिजली पहुंचाने के लिए अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। शासन से बजट मिलने का इंतजार है।
- पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड