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गड़बड़ियां मिलने पर बीडीओ से स्पष्टीकरण
lalitpur
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:00 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। सीडीओ ने मनरेगा के अंतर्गत कराए जा रहे तालाबों के निर्माण का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें गड़बड़ियां मिली, जिस पर उन्होंने बीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही ग्राम प्रधान, सचिव एवं रोजगार सेवकों को वसूली की कार्रवाई के लिए आगाह किया है।
सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम करगन में आदर्श तालाब के गहरीकरण का काम देखा। यह कार्य वर्ष 2015-16 का स्वीकृत काम है। मौके पर 12 पुरुष, 10 महिलाएं एवं एक मेट कार्य करते पाए गए। मजदूरों को पीने के पानी की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन उनके लिए छाया का कोई इंतजाम नहीं था। तालाब की मिट्टी खुदाई का काम सही ढंग से नहीं कराया जा रहा है। माप पुस्तिका के अनुसार जिस स्थल पर माप कराई गई, उस पर 44,788 रुपये का भुगतान हुआ है। मौके पर माप कराने पर 32 हजार रुपये का कार्य पाया गया। उन्होंने कम पाए गए काम को अगले मापांकन के पूर्व समायोजित कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सामग्री अंश 1,47,127 रुपये के ढुलाई के काम को सही नहीं माना है। ग्राम राखपंचमपुर के खेरे तालाब के निर्माण में श्रमिक विश्राम करते हुए मिले। तालाब पर 1,14,840 रुपये की धनराशि श्रमांश पर व्यय की गई है। मापांकन में 90,636 रुपये का ही काम पाया गया। यहां मिट्टी खुदाई का काम सही ढंग से नहीं पाया गया। ग्राम भोंरसिल तालाब के गहरीकरण में जो धनराशि है, उसमें 1,98,584 रुपये मिट्टी ढुलाई के काम को रखे गए हैं। जिस पर उन्होंने ऐतराज जताया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। माप पुस्तिका के अनुसार तालाब पर 53,592 रुपये की धनराशि श्रमांश पर व्यय की गई है, पर मौके पर मापांकन कराने पर कुल कार्य 44,574 रुपए का निकला। गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। उन्होंने उपायुक्त श्रम रोजगार एवं खंड विकास अधिकारी को कार्यों का तकनीकी पर्यवेक्षण कराने के साथ मानक अनुरूप कराने के निर्देश दिए।
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सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम करगन में आदर्श तालाब के गहरीकरण का काम देखा। यह कार्य वर्ष 2015-16 का स्वीकृत काम है। मौके पर 12 पुरुष, 10 महिलाएं एवं एक मेट कार्य करते पाए गए। मजदूरों को पीने के पानी की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन उनके लिए छाया का कोई इंतजाम नहीं था। तालाब की मिट्टी खुदाई का काम सही ढंग से नहीं कराया जा रहा है। माप पुस्तिका के अनुसार जिस स्थल पर माप कराई गई, उस पर 44,788 रुपये का भुगतान हुआ है। मौके पर माप कराने पर 32 हजार रुपये का कार्य पाया गया। उन्होंने कम पाए गए काम को अगले मापांकन के पूर्व समायोजित कराने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने सामग्री अंश 1,47,127 रुपये के ढुलाई के काम को सही नहीं माना है। ग्राम राखपंचमपुर के खेरे तालाब के निर्माण में श्रमिक विश्राम करते हुए मिले। तालाब पर 1,14,840 रुपये की धनराशि श्रमांश पर व्यय की गई है। मापांकन में 90,636 रुपये का ही काम पाया गया। यहां मिट्टी खुदाई का काम सही ढंग से नहीं पाया गया। ग्राम भोंरसिल तालाब के गहरीकरण में जो धनराशि है, उसमें 1,98,584 रुपये मिट्टी ढुलाई के काम को रखे गए हैं। जिस पर उन्होंने ऐतराज जताया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। माप पुस्तिका के अनुसार तालाब पर 53,592 रुपये की धनराशि श्रमांश पर व्यय की गई है, पर मौके पर मापांकन कराने पर कुल कार्य 44,574 रुपए का निकला। गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। उन्होंने उपायुक्त श्रम रोजगार एवं खंड विकास अधिकारी को कार्यों का तकनीकी पर्यवेक्षण कराने के साथ मानक अनुरूप कराने के निर्देश दिए।
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