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आंगनबाड़ी एवं सहायिकाओं ने मांगा मानदेय
Sat, 19 Jan 2019 02:06 AM IST
देवेंद्र कुमार
lalitpur
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 19 Jan 2019 02:06 AM IST
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aaganwadi workrs
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें सरकार के बनने पर 120 दिन में आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को सम्मान जनक मानदेय दिए जाने के वादा याद दिलाया। साथ ही उन्होंने जल्द मानदेय दिलाए जाने की मांग की, अन्यथा व आंदोलन करने का बाध्य होंगी।
ज्ञापन में बताया कि विगत वर्ष सात जून को मुुख्यमंत्री के साथ आंगनबाड़ी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रदेश के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ मानदेय बढ़ोत्तरी एवं लंबित समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता हुई थी। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा निर्णय लिया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय बढ़ोत्तरी दस हजार एवं सहायिकाओं की पांच हजार की जाएगी। यह भी कहा था कि यह बढ़ोत्तरी एक अप्रैल 2018 से लागू होगी। लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं आया और न ही मानदेय बढ़ोत्तरी का शासनादेश ही जारी किया गया। जिससे प्रदेश की आंगनबाड़ी व सहायिकाओं में निराशा व आक्रोश है। उन्होंने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर केंद्र पर कार्य करने का निर्णय लिया। साथ ही चार फरवरी तक उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर पांच फरवरी से 20 फरवरी से अनिश्चित कालीन कामबंद, कलम बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष प्रतिभा कौशिक, विमला देवी, सीमा वर्मा, अनीता परमारा, सुनीता देवी, अंगूूरीदेवी, ऊषा राजा बुंदेला, मीरा, फूलकुंवर, राजकुमारी, शशि नायक, पार्वती नामदेव, रामकुमारी, ममता पवार, रामकुमारी, कांति साहू, इमरती, संगीता देवी, मायादेेवी, अनीता पुरोहित, सुधा गोस्वामी, राधा पंथ व रानी देवी आदि के हस्ताक्षर थे।
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ज्ञापन में बताया कि विगत वर्ष सात जून को मुुख्यमंत्री के साथ आंगनबाड़ी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रदेश के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ मानदेय बढ़ोत्तरी एवं लंबित समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता हुई थी। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा निर्णय लिया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय बढ़ोत्तरी दस हजार एवं सहायिकाओं की पांच हजार की जाएगी। यह भी कहा था कि यह बढ़ोत्तरी एक अप्रैल 2018 से लागू होगी। लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं आया और न ही मानदेय बढ़ोत्तरी का शासनादेश ही जारी किया गया। जिससे प्रदेश की आंगनबाड़ी व सहायिकाओं में निराशा व आक्रोश है। उन्होंने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर केंद्र पर कार्य करने का निर्णय लिया। साथ ही चार फरवरी तक उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर पांच फरवरी से 20 फरवरी से अनिश्चित कालीन कामबंद, कलम बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष प्रतिभा कौशिक, विमला देवी, सीमा वर्मा, अनीता परमारा, सुनीता देवी, अंगूूरीदेवी, ऊषा राजा बुंदेला, मीरा, फूलकुंवर, राजकुमारी, शशि नायक, पार्वती नामदेव, रामकुमारी, ममता पवार, रामकुमारी, कांति साहू, इमरती, संगीता देवी, मायादेेवी, अनीता पुरोहित, सुधा गोस्वामी, राधा पंथ व रानी देवी आदि के हस्ताक्षर थे।
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