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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ने किया धरना प्रदर्शन
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विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन करतीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
- फोटो : LALITPUR
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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया धरना-प्रदर्शन
ललितपुर। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के मंडल प्रभारी रविंद्र कुमार रावत के नेतृत्व में विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन में मंडल प्रभारी ने कहा कि प्रदेश में पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने मांगों व समस्याओं को लेकर कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक निराकरण नही हो सका है। मांगे पूरी न होने पर संगठन प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है। उन्होंने मांगों में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 62 वर्ष की उम्र में बिना पेंशन व ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा के जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। उन्हें वापस लिया जाए। प्रदेश सरकार अपने घोषणा पत्र का पालन कर 15 हजार आंगनबाड़ी व सहायिका को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
कहा गया कि ड्यूटी के दौरान मौत होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इनके परिवार की बहू या बेटी को सीधी भर्ती की जाए। जो केंद्र किराए पर चल रहे हैं, वहां वर्कर द्वारा मकान मालिक को समय पर भुगतान कर दिया जाए। गर्मी व सर्दी में 15-15 दिन का अवकाश दिया जाए। प्री प्राइमरी वाली वर्करों को प्री प्राइमरी अध्यापक का दर्जा दिया जाए। सभी मिनी आंगनबाड़ी को पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र का दर्जा दिया जाए। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष आभा शर्मा, जिला महामंत्री मिथलेश त्रिपाठी, बैज कुंवर, ममता देवी, रेखा वर्मा, सुमन राजे, केेश कुंवर, राधा पाल, मीडिया प्रभारी महेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के मंडल प्रभारी रविंद्र कुमार रावत के नेतृत्व में विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन में मंडल प्रभारी ने कहा कि प्रदेश में पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने मांगों व समस्याओं को लेकर कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक निराकरण नही हो सका है। मांगे पूरी न होने पर संगठन प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है। उन्होंने मांगों में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 62 वर्ष की उम्र में बिना पेंशन व ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा के जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। उन्हें वापस लिया जाए। प्रदेश सरकार अपने घोषणा पत्र का पालन कर 15 हजार आंगनबाड़ी व सहायिका को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
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कहा गया कि ड्यूटी के दौरान मौत होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इनके परिवार की बहू या बेटी को सीधी भर्ती की जाए। जो केंद्र किराए पर चल रहे हैं, वहां वर्कर द्वारा मकान मालिक को समय पर भुगतान कर दिया जाए। गर्मी व सर्दी में 15-15 दिन का अवकाश दिया जाए। प्री प्राइमरी वाली वर्करों को प्री प्राइमरी अध्यापक का दर्जा दिया जाए। सभी मिनी आंगनबाड़ी को पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र का दर्जा दिया जाए। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष आभा शर्मा, जिला महामंत्री मिथलेश त्रिपाठी, बैज कुंवर, ममता देवी, रेखा वर्मा, सुमन राजे, केेश कुंवर, राधा पाल, मीडिया प्रभारी महेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
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