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Lalitpur News: छह हजार की आबादी को 15 के बजाय मिल रहा तीन टैंकर पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका के वार्ड दो के पांच मोहल्लों की छह हजार आबादी 10 साल से पानी की किल्लत से जूझ रही है। यहां लगा सोलर पंप भी चार माह से खराब पड़ा है। वहीं, जल स्तर गिरने से 10 हैंडपंप सूख गए हैं। उधर, 15 टैंकर पानी के मुकाबले जल संस्थान महज तीन टैंकर उपलब्ध करा पा रहा है। इससे यहां के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
मोहल्ला विष्णुपुरा, रैदासपुरा, पठापुरा, खिरकापुरा, नारायणपुरा और श्रद्धानंदपुरा में लंबे समय से पेयजल संकट है। यहां वर्षों पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी, घर-घर कनेक्शन दिए गए थे। शुरुआत में पानी मिला, लेकिन कुछ ही महीने में आपूर्ति लड़खड़ाने लगी। लगभग एक दशक से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हालांकि, खिरकापुरा और रैदासपुरा में आंशिक रूप से आपूर्ति होती है। इस समय छह-सात हजार की आबादी भीषण पानी की किल्लत से जूझ रही है। सभासद व अन्य लोगों का कहना है कि टैंकर भी प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। मोहल्लावासियों को चिलचिलाती धूप में दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
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सोलर पंप भी चार माह से पड़ा खराब
वार्ड में पानी की सुविधा के लिए तीन सोलर पंप लगाए गए थे। इससे पूरे दिन पानी की सुविधा थी। कुछ पंप से अधिक दूर तक पानी जाता था। लेकिन, खिरकापुरा में स्थित सोलर पंप लगभग चार माह से खराब पड़ा है। इससे पानी की किल्लत और गहरा गई है। वहीं, अन्य सोलर पंप पर भीड़ जुट रही है।
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जल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने पानी देना किया बंद
वार्ड दो में जल संकट वर्षभर बना रहता है। सर्दी व बारिश में जलस्तर बढ़ने से पानी देने वाले हैंडपंपों की संख्या अधिक हो जाती है। लेकिन, वर्तमान में लगभग 10 हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। वहीं, कुछ हैंडपंप मरम्मत के बाद दो ही दिन में खराब हो रहे हैं।
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टैंकर भी नहीं बन पा रहे सहारा
वार्ड में पेयजल आपूर्ति से वंचित क्षेत्र में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। रैदासपुरा में दो से तीन टैंकर पानी दिया जा रहा है। टैंकर प्रमुख गलियों में ही पहुंच रहे हैं। इससे संकरी गलियों में पानी की किल्लत बरकरार है। जबकि, वार्ड में लगभग छह से सात हजार की आबादी के सामने पानी की समस्या बनी हुई है।
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ललितपुर। नगर पालिका के वार्ड दो के पांच मोहल्लों की छह हजार आबादी 10 साल से पानी की किल्लत से जूझ रही है। यहां लगा सोलर पंप भी चार माह से खराब पड़ा है। वहीं, जल स्तर गिरने से 10 हैंडपंप सूख गए हैं। उधर, 15 टैंकर पानी के मुकाबले जल संस्थान महज तीन टैंकर उपलब्ध करा पा रहा है। इससे यहां के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
मोहल्ला विष्णुपुरा, रैदासपुरा, पठापुरा, खिरकापुरा, नारायणपुरा और श्रद्धानंदपुरा में लंबे समय से पेयजल संकट है। यहां वर्षों पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी, घर-घर कनेक्शन दिए गए थे। शुरुआत में पानी मिला, लेकिन कुछ ही महीने में आपूर्ति लड़खड़ाने लगी। लगभग एक दशक से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हालांकि, खिरकापुरा और रैदासपुरा में आंशिक रूप से आपूर्ति होती है। इस समय छह-सात हजार की आबादी भीषण पानी की किल्लत से जूझ रही है। सभासद व अन्य लोगों का कहना है कि टैंकर भी प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। मोहल्लावासियों को चिलचिलाती धूप में दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
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सोलर पंप भी चार माह से पड़ा खराब
वार्ड में पानी की सुविधा के लिए तीन सोलर पंप लगाए गए थे। इससे पूरे दिन पानी की सुविधा थी। कुछ पंप से अधिक दूर तक पानी जाता था। लेकिन, खिरकापुरा में स्थित सोलर पंप लगभग चार माह से खराब पड़ा है। इससे पानी की किल्लत और गहरा गई है। वहीं, अन्य सोलर पंप पर भीड़ जुट रही है।
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जल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने पानी देना किया बंद
वार्ड दो में जल संकट वर्षभर बना रहता है। सर्दी व बारिश में जलस्तर बढ़ने से पानी देने वाले हैंडपंपों की संख्या अधिक हो जाती है। लेकिन, वर्तमान में लगभग 10 हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। वहीं, कुछ हैंडपंप मरम्मत के बाद दो ही दिन में खराब हो रहे हैं।
टैंकर भी नहीं बन पा रहे सहारा
वार्ड में पेयजल आपूर्ति से वंचित क्षेत्र में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। रैदासपुरा में दो से तीन टैंकर पानी दिया जा रहा है। टैंकर प्रमुख गलियों में ही पहुंच रहे हैं। इससे संकरी गलियों में पानी की किल्लत बरकरार है। जबकि, वार्ड में लगभग छह से सात हजार की आबादी के सामने पानी की समस्या बनी हुई है।