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खाद की दुकानों पर छापे, अधिक दाम पर बेचने की शिकायत
Lalitpur
Updated Tue, 16 Dec 2014 05:30 AM IST
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तालबेहट (ललितपुर)। खाद की कमी इस क्षेत्र के किसानों एवं खाद व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गई है। सोमवार को नगर में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचे जाने की शिकायत पर उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र के निर्देश पर नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा ने तीन दुकानों पर छापा मारा। एक दुकान पर अधिक मूल्य पर खाद बेच रहे दुकानदार से तीन किसानों के पैसे भी वापस करवाए गए।
इस क्षेत्र के किसानों का यह दुर्भाग्य है कि उन्हें जब पानी की आवश्यकता होती है तब उन्हें पानी नहीं मिलता और खाद के समय पर खाद नहीं मिलता। यह सिलसिला काफी समय से चला आ रहा है। इस बार भी किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं। किसानों की परेशानी को देखने के बावजूद प्रशासन किसानाें के लिए खाद की व्यवस्था कराने में पूरी तरह से असफल नजर आ रहा है।
खाद की कमी के चलते कुछ खाद व्यापारी किसानों से मनमाना दाम वसूल रहे है। सोमवार को कुछ लोगों ने नगर में अधिक मूल्य पर खाद बेंचे जाने की शिकायत जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर एवं उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र से की, जिस पर तत्काल नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा को मौके पर भेजा गया, जिस पर उन्होंने पेट्रोल पंप के पास की गोल्डी जैन की दुकान पर छापा मारा। जहां दुकानदार किसानों से 430 रूपए प्रति बोरी के हिसाब से खाद विक्रय करता मिला, जिस पर उन्होंने दुकानदार की जमकर खबर ली और किसानों को तीस तीस रूपए प्रति बोरी के हिसाब से उनका पैसा वापस कराया। इसके बाद उन्होंने पूराकलां स्टैंड पर साहू खाद एवं जैन खाद भंडार पर छापामार कर किसानों की समास्याओं को सुना।
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अधिकारियों द्वारा खाद व्यापारियों की दुकानों पर छापे की खबर सुनकर नगर के खाद व्यापारी तहसील गए। वहां उन्होंने उपजिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें ऊपर से ही मंहगी खाद मिल रही है। इसके कारण वह किसानों को अधिक दाम पर खाद बेचने को मजबूर हैं। इसके बाद अधिकारियाें ने दुकानदारों से कम मुनाफे में किसानों को खाद बेचने के व्यापारियों को निर्देश दिए। इसके बाद नगर के खाद व्यापारी वापस आ गए और अपने प्रतिष्ठान बंद करके चले गए। समाचार लिखे जाने तक नगर की खाद बेचने वाली दुकानों में ताले लगे हुए थे ओर किसान खाद के लिए कड़ाके की सर्दी में दुकानदारों के आने के इंतजार में खडे़ थे।
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इस क्षेत्र के किसानों का यह दुर्भाग्य है कि उन्हें जब पानी की आवश्यकता होती है तब उन्हें पानी नहीं मिलता और खाद के समय पर खाद नहीं मिलता। यह सिलसिला काफी समय से चला आ रहा है। इस बार भी किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं। किसानों की परेशानी को देखने के बावजूद प्रशासन किसानाें के लिए खाद की व्यवस्था कराने में पूरी तरह से असफल नजर आ रहा है।
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खाद की कमी के चलते कुछ खाद व्यापारी किसानों से मनमाना दाम वसूल रहे है। सोमवार को कुछ लोगों ने नगर में अधिक मूल्य पर खाद बेंचे जाने की शिकायत जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर एवं उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र से की, जिस पर तत्काल नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा को मौके पर भेजा गया, जिस पर उन्होंने पेट्रोल पंप के पास की गोल्डी जैन की दुकान पर छापा मारा। जहां दुकानदार किसानों से 430 रूपए प्रति बोरी के हिसाब से खाद विक्रय करता मिला, जिस पर उन्होंने दुकानदार की जमकर खबर ली और किसानों को तीस तीस रूपए प्रति बोरी के हिसाब से उनका पैसा वापस कराया। इसके बाद उन्होंने पूराकलां स्टैंड पर साहू खाद एवं जैन खाद भंडार पर छापामार कर किसानों की समास्याओं को सुना।
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अधिकारियों द्वारा खाद व्यापारियों की दुकानों पर छापे की खबर सुनकर नगर के खाद व्यापारी तहसील गए। वहां उन्होंने उपजिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें ऊपर से ही मंहगी खाद मिल रही है। इसके कारण वह किसानों को अधिक दाम पर खाद बेचने को मजबूर हैं। इसके बाद अधिकारियाें ने दुकानदारों से कम मुनाफे में किसानों को खाद बेचने के व्यापारियों को निर्देश दिए। इसके बाद नगर के खाद व्यापारी वापस आ गए और अपने प्रतिष्ठान बंद करके चले गए। समाचार लिखे जाने तक नगर की खाद बेचने वाली दुकानों में ताले लगे हुए थे ओर किसान खाद के लिए कड़ाके की सर्दी में दुकानदारों के आने के इंतजार में खडे़ थे।