{"_id":"25-52507","slug":"Lalitpur-52507-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालगाड़ी से चार भैंसें कटीं, ठप रहा यातायात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालगाड़ी से चार भैंसें कटीं, ठप रहा यातायात
Lalitpur
Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
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झांसी/ ललितपुर। दिल्ली-मुंबई अप रेल मार्ग पर बिजरौठा व जखौरा स्टेशन के बीच मंगलवार की सुबह मालगाड़ी से चार भैंसें कट गईं। इनमें एक भैंस के इंजन में फंसने से करीब साढे़ चार घंटे तक अप रेल मार्ग पर आधा दर्जन ट्रेनों का आवागमन ठप रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार की सुबह छह बजे एक एमटी बीआरएल स्पेशल मालगाड़ी झांसी से बीना की तरफ जा रही थी, तभी बिजरौठा व जखौरा स्टेशनों के मध्य किलोमीटर नंबर 1053/ 19 पर पटरियों से गुजर रही चार भैंसें मालगाड़ी के इंजन नंबर 23963 से टकरा गईं। हालांकि, चालक ने हार्न बजाकर भैंसों को पटरियों से हटाने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिल सकी। इनमें एक भैंस इंजन के एक्सल में जाकर फंस गई। इससे इंजन जाम हो गया।
मालगाड़ी के खड़े होते ही पीछे आ रही सवारी गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हो र्गइं। सूचना पर परिवहन निरीक्षक बी के चतुर्वेदी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। तमाम प्रयासों के बाद भी एक्सल में फंसी भैंस को नहीं निकाला जा सका। बाद में जखौरा से एक कसाई को बुलाकर मांस को कटवाकर अलग किया जा सका। इधर, झांसी से दुर्घटना राहत गाड़ी भेजने के आदेश दिए गए, मगर जब सूचना आई कि मांस को निकाल कर इंजन फ्री कर लिया गया है, तो आदेश को निरस्त कर दिया गया। बाद में उक्त इंजन को मृत घोषित कर दूसरी मालगाड़ी का इंजन निकाल कर उसमें जोड़ा गया। इसके बाद 10.32 बजे मालगाड़ी को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
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हादसे के कारण गाड़ी संख्या 12722 अप सदर्न एक्सप्रेस तीन घंटे, गाड़ी संख्या 12422 अप अमृतसर नांदेड एक्सप्रेस दो घंटे पचास मिनट, गाड़ी संख्या 11058 पठानकोट एक्सप्रेस दो घंटे बारह मिनट, गाड़ी संख्या 11016 कुशीनगर एक्सप्रेस सवा घंटा, गाड़ी संख्या 19166 साबरमती एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, गाड़ी संख्या 19322 पटना इंदौर एक्सप्रेस एक घंटा दस मिनट, 51812 झांसी बीना पैसेंजर डेढ़ घंटे व गाड़ी संख्या 51818 झांसी टीकमगढ़ पैसेंजर डेढ़ घंटे विलंबित रहीं।
एक हफ्ते में दूसरा हादसा
रेलवे द्वारा तमाम जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद भी ग्रामीण अपने जानवरों के प्रति बेफिक्र रहते हैं। यही कारण है कि जानवर पटरियों तक आ जाते हैं और ट्रेनों से टकराने पर इसका सीधा असर रेल संचालन पर पड़ता है। विगत एक नवंबर को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे बबीना से खजराहा स्टेशन के मध्य बिलासपुर से अमृतसर जाने वाली गाड़ी संख्या 18237 डाउन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के इंजन से भैंस टकरा गई थी। इस कारण 85 मिनट तक ट्रेन मौकेे पर खड़ी रही थी। अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि इंजन से जानवर टकराने का यह दूसरा हादसा हो गया।
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मंगलवार की सुबह छह बजे एक एमटी बीआरएल स्पेशल मालगाड़ी झांसी से बीना की तरफ जा रही थी, तभी बिजरौठा व जखौरा स्टेशनों के मध्य किलोमीटर नंबर 1053/ 19 पर पटरियों से गुजर रही चार भैंसें मालगाड़ी के इंजन नंबर 23963 से टकरा गईं। हालांकि, चालक ने हार्न बजाकर भैंसों को पटरियों से हटाने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिल सकी। इनमें एक भैंस इंजन के एक्सल में जाकर फंस गई। इससे इंजन जाम हो गया।
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मालगाड़ी के खड़े होते ही पीछे आ रही सवारी गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हो र्गइं। सूचना पर परिवहन निरीक्षक बी के चतुर्वेदी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। तमाम प्रयासों के बाद भी एक्सल में फंसी भैंस को नहीं निकाला जा सका। बाद में जखौरा से एक कसाई को बुलाकर मांस को कटवाकर अलग किया जा सका। इधर, झांसी से दुर्घटना राहत गाड़ी भेजने के आदेश दिए गए, मगर जब सूचना आई कि मांस को निकाल कर इंजन फ्री कर लिया गया है, तो आदेश को निरस्त कर दिया गया। बाद में उक्त इंजन को मृत घोषित कर दूसरी मालगाड़ी का इंजन निकाल कर उसमें जोड़ा गया। इसके बाद 10.32 बजे मालगाड़ी को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
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हादसे के कारण गाड़ी संख्या 12722 अप सदर्न एक्सप्रेस तीन घंटे, गाड़ी संख्या 12422 अप अमृतसर नांदेड एक्सप्रेस दो घंटे पचास मिनट, गाड़ी संख्या 11058 पठानकोट एक्सप्रेस दो घंटे बारह मिनट, गाड़ी संख्या 11016 कुशीनगर एक्सप्रेस सवा घंटा, गाड़ी संख्या 19166 साबरमती एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, गाड़ी संख्या 19322 पटना इंदौर एक्सप्रेस एक घंटा दस मिनट, 51812 झांसी बीना पैसेंजर डेढ़ घंटे व गाड़ी संख्या 51818 झांसी टीकमगढ़ पैसेंजर डेढ़ घंटे विलंबित रहीं।
एक हफ्ते में दूसरा हादसा
रेलवे द्वारा तमाम जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद भी ग्रामीण अपने जानवरों के प्रति बेफिक्र रहते हैं। यही कारण है कि जानवर पटरियों तक आ जाते हैं और ट्रेनों से टकराने पर इसका सीधा असर रेल संचालन पर पड़ता है। विगत एक नवंबर को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे बबीना से खजराहा स्टेशन के मध्य बिलासपुर से अमृतसर जाने वाली गाड़ी संख्या 18237 डाउन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के इंजन से भैंस टकरा गई थी। इस कारण 85 मिनट तक ट्रेन मौकेे पर खड़ी रही थी। अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि इंजन से जानवर टकराने का यह दूसरा हादसा हो गया।