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जल संरक्षण के कार्यों में घालमेल की जांच शुरू
Lalitpur
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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ललितपुर। बारिश के बूंद- बूंद पानी को बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से कराए गए कार्यों में घालमेल की जांच प्रारंभ हो गई है। शासन की टेक्निकल आडिट कमेटी ने जनपद में डेरा डाल दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को ललितपुर के कार्यों का जायजा लिया।
भूमि संरक्षण विभाग की दो इकाइयों में से एक ने महरौनी तो दूसरी ने ललितपुर तहसील के दायरे में बारिश के पानी को बचाने के लिए तमाम कार्य कराए हैं। ललितपुर तहसील अंतर्गत बिरधा में नाबार्ड- 16, 18 के तहत लाखों रुपये की बंधियों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर आठ छोटे बड़े चेकडैम भी बनाए गए। ठीक इसी तरह महरौनी तहसील अंतर्गत बार व मड़ावरा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में नाबार्ड- 18 से बंधियां व अन्य योजनाओं से आठ चेकडैमों का निर्माण कराया गया। उक्त निर्माण कार्यों की ग्रामीणों ने शिकायत की थी। ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में अधिकारियों को बताया था कि पुरानी बंधियों पर मिट्टी डालकर उनको नया घोषित करके लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। वहीं, चेकडैमों की गुणवत्ता घटिया स्तर की है। कई स्थानों पर चेकडैम पहली बारिश में ही लीकेज हो गए थे। लगातार हो रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शासन ने उक्त कार्यों की जांच का निर्णय लिया। शनिवार को शासन ने टेक्निकल आडिट कमेटी को जनपद भेज दिया। दल के सदस्यों ने ललितपुर तहसील अंतर्गत कराए गए कार्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बंधियों का निरीक्षण किया और कुछ चेकडैमों की गुणवत्ता को भी परखा। जांच की प्रक्रिया अभी कुछ दिन और चलेगी। इसके पश्चात टीएसी दल वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
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भूमि संरक्षण विभाग की दो इकाइयों में से एक ने महरौनी तो दूसरी ने ललितपुर तहसील के दायरे में बारिश के पानी को बचाने के लिए तमाम कार्य कराए हैं। ललितपुर तहसील अंतर्गत बिरधा में नाबार्ड- 16, 18 के तहत लाखों रुपये की बंधियों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर आठ छोटे बड़े चेकडैम भी बनाए गए। ठीक इसी तरह महरौनी तहसील अंतर्गत बार व मड़ावरा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में नाबार्ड- 18 से बंधियां व अन्य योजनाओं से आठ चेकडैमों का निर्माण कराया गया। उक्त निर्माण कार्यों की ग्रामीणों ने शिकायत की थी। ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में अधिकारियों को बताया था कि पुरानी बंधियों पर मिट्टी डालकर उनको नया घोषित करके लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। वहीं, चेकडैमों की गुणवत्ता घटिया स्तर की है। कई स्थानों पर चेकडैम पहली बारिश में ही लीकेज हो गए थे। लगातार हो रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शासन ने उक्त कार्यों की जांच का निर्णय लिया। शनिवार को शासन ने टेक्निकल आडिट कमेटी को जनपद भेज दिया। दल के सदस्यों ने ललितपुर तहसील अंतर्गत कराए गए कार्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बंधियों का निरीक्षण किया और कुछ चेकडैमों की गुणवत्ता को भी परखा। जांच की प्रक्रिया अभी कुछ दिन और चलेगी। इसके पश्चात टीएसी दल वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
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