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हार्ट अटैक व कैंसर का होगा मुफ्त इलाज
Lalitpur
Updated Wed, 06 Mar 2013 05:31 AM IST
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ललितपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में डायबिटीज, हार्ट अटैक व कैंसर का जल्द ही मुफ्त इलाज किया जाएगा। चिकित्सालय के द्वितीय तल पर एनसीडी (नान कम्युनिकेबिल डिसीज) सेल की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार व बृहस्पतिवार को चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर व डायबिटीज से होने वाली मौतों की चौंकाने वाली रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र सरकार ने देश के सौ जनपदों में नेशनल प्रोग्राम फार प्रीवेंसन एण्ड कंट्रोल आफ कैंसर, डायबिटीज, सीवीडी एण्ड स्ट्राक (एनपीसीडीसीएस) के तहत एनसीडी सेल खोलने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक कैंसर रोगी को साल भर में एक लाख रुपये तक की दवाएं दीं जाएंगी। सेल के संचालन के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय द्वितीय तल पर स्थान आरक्षित कर लिया गया है। द्वितीय तल पर छह वार्ड निर्मित हैं, जहां साठ से भी अधिक रोगियों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ रूम, नर्सिंग कंपार्टमेंट, बरामदा के अलावा मूत्रालय एवं शौचालय बने हुए हैं। इतना ही नहीं यहां सेल को संचालन की आवश्यक अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. किशोरी लाल का कहना है जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में संचालित होने वाली एनसीडी सैल के लिए यह स्थान आरक्षित किया गया है, साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी एनसीडी ने इसका अवलोकन करके स्वीकृति दे दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन का कहना है कि कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर, मेडिकल आंकोलोजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट टेकिभनशियन एवं फिजियोथैरेपिस्ट आदि स्टाफ को संविदा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जल्द ही जनपद के कैंसर व डायबिटीज रोगियों को योजना का लाभ मिलने लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी खुलेंगी एनसीडी सेल
जनपद में मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एनसीडी सेल खोले जाएंगे।
जिला चिकित्सालय में सेल के क्रियान्वयन के लिए 190 लाख रुपये व सीएचसी, पीएचसी स्तर पर 24 लाख रुपये आवंटित किए जाने का प्रावधान है।
हर साल मिलेंगी एक लाख की दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग के बेसिक हैल्थ वर्कर, आशा कार्यकत्री एवं एएनएम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर डायबिटीज, हृदय, ब्लड प्रेशर व कैंसर रोगियाें की जांच कर पीएचसी व सीएचसी भेजेंगे। जांच देखने केबाद एनसीडी के डाक्टर उपचार करेंगे।
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कैंसर से हर साल होती हैं आठ लाख मौतें
नेशनल फै मिली हेल्थ सर्वे 2005-06 के अनुसार देश में अट्ठाइस लाख लोग कैंसर से ग्रसित हैं। आठ लाख मरीजों की मौत प्रतिवर्ष होती है। एक लाख की आबादी में 21.3 लोग सर्विकल कैंसर, 17.1 ब्रेस्ट कैंसर व 11.8 ओरल कैंसर से ग्रसित हैं। रिपोर्ट के अनुसार 57 प्रतिशत पुरुष एवं 10.8 महिलाएं तंबाकू के सेवन के कारण कैंसर का शिकार बनते हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर व डायबिटीज से होने वाली मौतों की चौंकाने वाली रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र सरकार ने देश के सौ जनपदों में नेशनल प्रोग्राम फार प्रीवेंसन एण्ड कंट्रोल आफ कैंसर, डायबिटीज, सीवीडी एण्ड स्ट्राक (एनपीसीडीसीएस) के तहत एनसीडी सेल खोलने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक कैंसर रोगी को साल भर में एक लाख रुपये तक की दवाएं दीं जाएंगी। सेल के संचालन के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय द्वितीय तल पर स्थान आरक्षित कर लिया गया है। द्वितीय तल पर छह वार्ड निर्मित हैं, जहां साठ से भी अधिक रोगियों के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ रूम, नर्सिंग कंपार्टमेंट, बरामदा के अलावा मूत्रालय एवं शौचालय बने हुए हैं। इतना ही नहीं यहां सेल को संचालन की आवश्यक अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. किशोरी लाल का कहना है जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में संचालित होने वाली एनसीडी सैल के लिए यह स्थान आरक्षित किया गया है, साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी एनसीडी ने इसका अवलोकन करके स्वीकृति दे दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी निरंजन का कहना है कि कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर, मेडिकल आंकोलोजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट, साइडो पैथालॉजिस्ट टेकिभनशियन एवं फिजियोथैरेपिस्ट आदि स्टाफ को संविदा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जल्द ही जनपद के कैंसर व डायबिटीज रोगियों को योजना का लाभ मिलने लगेगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी खुलेंगी एनसीडी सेल
जनपद में मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एनसीडी सेल खोले जाएंगे।
जिला चिकित्सालय में सेल के क्रियान्वयन के लिए 190 लाख रुपये व सीएचसी, पीएचसी स्तर पर 24 लाख रुपये आवंटित किए जाने का प्रावधान है।
हर साल मिलेंगी एक लाख की दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग के बेसिक हैल्थ वर्कर, आशा कार्यकत्री एवं एएनएम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर डायबिटीज, हृदय, ब्लड प्रेशर व कैंसर रोगियाें की जांच कर पीएचसी व सीएचसी भेजेंगे। जांच देखने केबाद एनसीडी के डाक्टर उपचार करेंगे।
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कैंसर से हर साल होती हैं आठ लाख मौतें
नेशनल फै मिली हेल्थ सर्वे 2005-06 के अनुसार देश में अट्ठाइस लाख लोग कैंसर से ग्रसित हैं। आठ लाख मरीजों की मौत प्रतिवर्ष होती है। एक लाख की आबादी में 21.3 लोग सर्विकल कैंसर, 17.1 ब्रेस्ट कैंसर व 11.8 ओरल कैंसर से ग्रसित हैं। रिपोर्ट के अनुसार 57 प्रतिशत पुरुष एवं 10.8 महिलाएं तंबाकू के सेवन के कारण कैंसर का शिकार बनते हैं।