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कागजों में चल रही कम्प्यूटर शिक्षा
Lalitpur
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। परिषदीय स्कूलों को कंप्यूटर का ज्ञान देने के लिए सरकार भले ही पानी की तरह पैसा बहा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश विद्यालयों में कंप्यूटर सेट नहीं लग सके हैं। रस्म अदायगी के लिए चंद विद्यालयों में ही कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2003-04 में परिषदीय विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा का शुभारंभ हुआ। जिले के आठ विद्यालयों को इस शिक्षा के लिए चुना गया। विभाग ने चुनिंदा विद्यालयों में कम्प्यूटर सैट भेज दिए। यही नहीं, ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों को डायट बरुआसागर में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2004-05 में किसी भी विद्यालय को योजना में शामिल नहीं किया गया। वर्ष 2005-06 में चार और विद्यालय को कम्प्यूटर सैट भेज दिए गए। इस तरह वर्ष 2003-04 से अभी तक जनपद के 120 उच्च प्राथमिक विद्यालय योजना जुड़ चुके हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान में जनपद के पूर्व माध्यमिक बालाबेहट, कन्या पाली, कल्यानपुरा सहित इक्का दुक्का विद्यालयों में ही कम्प्यूटर ज्ञानपरक शिक्षा दी जा रही है, अधिकतर विद्यालयों से कम्प्यूटर सैट गायब हैं। वहीं, विभागीय अफसर योजना को प्रभावी बनाने के स्थान पर चुप्पी साधे बैठे हैं। इसके चलते शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
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समायोजन स्थानांतरण भी जिम्मेवार
ललितपुर। योजना को प्रभावी तरीके से संचालित करने के मकसद से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है पर समायोजन स्थानांतरण के दौरान ऐसे शिक्षकों को कम्प्यूटर वाले विद्यालयों से हटा दिया जाता है। इन स्थितियों में ऐसे स्कूलों के कम्प्यूटर धूल फांकते रहते हैं। जानकारों का कहना है कि कम्प्यूटर वाले विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती विज्ञान शिक्षक की तरह होना चाहिए, जिससे कि सभी स्कूली बच्चों को ज्ञानपरक शिक्षा देने की मंशा पूरी हो सके।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2003-04 में परिषदीय विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा का शुभारंभ हुआ। जिले के आठ विद्यालयों को इस शिक्षा के लिए चुना गया। विभाग ने चुनिंदा विद्यालयों में कम्प्यूटर सैट भेज दिए। यही नहीं, ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों को डायट बरुआसागर में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2004-05 में किसी भी विद्यालय को योजना में शामिल नहीं किया गया। वर्ष 2005-06 में चार और विद्यालय को कम्प्यूटर सैट भेज दिए गए। इस तरह वर्ष 2003-04 से अभी तक जनपद के 120 उच्च प्राथमिक विद्यालय योजना जुड़ चुके हैं।
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महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान में जनपद के पूर्व माध्यमिक बालाबेहट, कन्या पाली, कल्यानपुरा सहित इक्का दुक्का विद्यालयों में ही कम्प्यूटर ज्ञानपरक शिक्षा दी जा रही है, अधिकतर विद्यालयों से कम्प्यूटर सैट गायब हैं। वहीं, विभागीय अफसर योजना को प्रभावी बनाने के स्थान पर चुप्पी साधे बैठे हैं। इसके चलते शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
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समायोजन स्थानांतरण भी जिम्मेवार
ललितपुर। योजना को प्रभावी तरीके से संचालित करने के मकसद से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है पर समायोजन स्थानांतरण के दौरान ऐसे शिक्षकों को कम्प्यूटर वाले विद्यालयों से हटा दिया जाता है। इन स्थितियों में ऐसे स्कूलों के कम्प्यूटर धूल फांकते रहते हैं। जानकारों का कहना है कि कम्प्यूटर वाले विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती विज्ञान शिक्षक की तरह होना चाहिए, जिससे कि सभी स्कूली बच्चों को ज्ञानपरक शिक्षा देने की मंशा पूरी हो सके।