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जांच में नहीं मिला शौचालय का लाभार्थी
Lalitpur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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तालबेहट (ललितपुर)। खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए शासन द्वारा बनाए गए शौचालय भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। इसकी एक बानगी तालबेहट में उपजिलाधिकारी रामचंद्र सरोज को निरीक्षण के दौरान देखने को मिली।
सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) द्वारा वर्ष 2009 में नगर में एक शौचालय का निर्माण कराया गया था। इसके निर्माण में व्यापक स्तर पर अनियमिताएं होने की शिकायत मिलने पर इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने उपजिलाधिकारी तालबेहट को तालबेहट में बनाए गए एक शौचालय की वास्तविकता का परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को इसकी जांच करने गए उपजिलाधिकारी को नगर के वार्ड 5 और 6 में श्रीमती मुन्नी पत्नी रतीराम नाम की कोई महिला नहंीं मिली। इस पर उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) द्वारा वर्ष 2009 में नगर में एक शौचालय का निर्माण कराया गया था। इसके निर्माण में व्यापक स्तर पर अनियमिताएं होने की शिकायत मिलने पर इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने उपजिलाधिकारी तालबेहट को तालबेहट में बनाए गए एक शौचालय की वास्तविकता का परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को इसकी जांच करने गए उपजिलाधिकारी को नगर के वार्ड 5 और 6 में श्रीमती मुन्नी पत्नी रतीराम नाम की कोई महिला नहंीं मिली। इस पर उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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