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लापता युवक की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत
Lalitpur
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। थाना बालाबेहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरेना में बारह दिन पहले लापता युवक का शव गांव से पांच किलोमीटर दूर स्थित जंगल में फांसी पर लटका मिला है। युवक सोयाबीन बेचने के बाद बारह हजार रुपये लेकर गायब हुआ था, जबकि उसकी जेब से महज चार सौ रुपये बरामद हुए हैं, जिससे उसकी मौत का रहस्य गहरा गया है। फिलहाल पुलिस ने उसके क्षत- विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम बरेना निवासी नन्हे राजा (25) पुत्र संतोष सिंह गत तीस अक्तूबर को सोयाबीन की उपज बेचने मुख्यालय स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति आया था, यहां एक रात बिताने के बाद वह बारह हजार रुपये में उपज बेचने के बाद वापस घर पहुंचा। नन्हे राजा के भाई निरभाल सिंह का कहना है कि घर में एक रात बिताने के बाद नन्हे राजा ने इलाज कराने की बात कही, जिस पर उसने सिंचाई का काम समाप्त होने पर उसके साथ चलने का आश्वासन दिया। इसके बाद नन्हे राजा घर से लापता हो गया। परिजनों ने उसे रिश्तेदारों में तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सोमवार को बरैना निवासी महेंद्र पाल सिंह लकड़ी काटने के लिए गांव से पांच किलोमीटर दूर जंगल में गया तो उसने सोन नदी के किनारे स्थित करदई के वृक्ष से नन्हे राजा का शव लटका देखा। इसके बाद उसके परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में समूचा गांव घटना स्थल पर एकत्रित हो गया। बाद में बालाबेहट पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने मौका मुआयना किया। शव दस बारह दिन पुराना होने की वजह से क्षत विक्षत हो गया था। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम गृह भिजवाकर जांच शुरू कर दी है। इधर, मृतक के भाई निरभाल का कहना है कि नन्हे राजा अपने साथ बारह हजार रुपये ले गया, जबकि उसके कब्जे से चार सौ रुपये बरामद हुए हैं। वह किन परिस्थितियों में लापता होकर इस हादसे का शिकार बना है? इस सवाल को लेकर परिजन भी हैरत में हैं। निरभाल सिंह का कहना है कि नन्हे राजा अक्सर बगैर कुछ कहे ही कहीं भी निकल जाता था। बाद में लौट भी आता था। इस कारण उन्होंने उसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज नहीं कराई थी।
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ग्राम बरेना निवासी नन्हे राजा (25) पुत्र संतोष सिंह गत तीस अक्तूबर को सोयाबीन की उपज बेचने मुख्यालय स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति आया था, यहां एक रात बिताने के बाद वह बारह हजार रुपये में उपज बेचने के बाद वापस घर पहुंचा। नन्हे राजा के भाई निरभाल सिंह का कहना है कि घर में एक रात बिताने के बाद नन्हे राजा ने इलाज कराने की बात कही, जिस पर उसने सिंचाई का काम समाप्त होने पर उसके साथ चलने का आश्वासन दिया। इसके बाद नन्हे राजा घर से लापता हो गया। परिजनों ने उसे रिश्तेदारों में तलाश किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सोमवार को बरैना निवासी महेंद्र पाल सिंह लकड़ी काटने के लिए गांव से पांच किलोमीटर दूर जंगल में गया तो उसने सोन नदी के किनारे स्थित करदई के वृक्ष से नन्हे राजा का शव लटका देखा। इसके बाद उसके परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में समूचा गांव घटना स्थल पर एकत्रित हो गया। बाद में बालाबेहट पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने मौका मुआयना किया। शव दस बारह दिन पुराना होने की वजह से क्षत विक्षत हो गया था। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम गृह भिजवाकर जांच शुरू कर दी है। इधर, मृतक के भाई निरभाल का कहना है कि नन्हे राजा अपने साथ बारह हजार रुपये ले गया, जबकि उसके कब्जे से चार सौ रुपये बरामद हुए हैं। वह किन परिस्थितियों में लापता होकर इस हादसे का शिकार बना है? इस सवाल को लेकर परिजन भी हैरत में हैं। निरभाल सिंह का कहना है कि नन्हे राजा अक्सर बगैर कुछ कहे ही कहीं भी निकल जाता था। बाद में लौट भी आता था। इस कारण उन्होंने उसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज नहीं कराई थी।
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