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समस्या: 72 गांवों के ग्रामीणों का कंठ तरने 02 अरब 4
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:04 AM IST
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सात पेयजल योजनाओं को बजट का इंतजार
ललितपुर। जनपद के 72 गांव ऐसे हैं, जहां पर रहने वाले दो लाख से अधिक ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक योजना बनाई थी, पर यह आज तक धरातल पर नहीं आ सकी। बीते एक-डेेढ़ वर्षों से यह सपना सिर्फ सपना बनकर रह गया है। बुंदेलखंड पैकेज के तहत जनपद में कुल सात ग्राम समूह पेयजल योजनाओं को दो अरब 48 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी पेयजल योजना का बजट जारी नहीं किया गया है।
बुंदेलखंड में लगातार गिर रहे भूगर्भ जल स्तर के कारण ग्रामीण इलाकों में पेयजल व जलापूर्ति का मूल स्रोत है, हैंडपंप व कुएं भी ग्रामीणों का साथ छोड़ने लगे हैं। ऐसे हालातों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के तहत ग्रामीण पेयजल योजना संचालित की जा रही है। इसी बुंदेलखंड पैकेज ग्रामीण पेयजल योजना के तहत विगत वर्ष 2016 से अभी तक जनपद को कुल 2 अबर 48 करोड़ 07 लाख रुपए लागत की छह पेयजल योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। इन सात ग्राम समूह पेयजल योजना से कुल 72 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। वर्ष 2016 से अभी तक केंद्र सरकार द्वारा किसी भी योजना के लिए बजट जारी नहीं किया गया है, केवल वित्तीय स्वीकृति देकर ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से छुटकारा दिलाने का सपना दिखा दिया गया है। इसका पूरा होने का हजारों ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं।
यह है ग्रामीण पेयजल योजनाएं
गौना ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के नौ गांव देवरी, गुरयाना, डोगगराकलां, दिगवारा, मकरीपुरा, बछराई, झरौंटा, नाराहट व गौना शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 25 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए जामुनी बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 40.28 करोड़ रुपए है।
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बिल्ला ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 15 गांव मोगान, ककड़ारी, बंगरा, गहरौ, जारवली, सुरीकलां, बड़ौखरा, कुवांगांव, छिल्ला, बिल्ला, सुरीखुर्द, टीला, भावनी व मारौली शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 28 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जामनी नदी से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 48.85 करोड़ रुपए है।
धौरी सागर ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 03 गांव धौरीसागर, सेमरा, खेरा व टोरी शामिल हैं। इससे यहां रहने वाले लगभग 05 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए धौरी सागर तालाब से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 9.71 करोड़ रुपए है।
नया गांव ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 16 गांव नुनावली, नयागांव, नैकवां, बरखेरा, जीरौन, मैलवारा, मैरतीकलां, मैरती खुर्द, बेसरा, कुमरौला, बरौदा बिजलौन, निवऊवा, रजौरा, खाठ्र खेरा, उत्तमधाना व ऐरावनी शामिल है। इससे इन गांवों में रहने वाले लगभग 28 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बंदरगुढ़ा से निकली बेतवा नदी के पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 34.50 करोड़ रुपए है।
कल्यानपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 05 गांव कल्यानपुरा, कचनौंदाकला, झरकौन, मैलवारा कलां व मैलवारा खुर्द शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले लगभग 20 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कचरौंदा बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 25.34 करोड़ रुपए है।
सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 20 गांव शामिल है, इससे लगभग 42 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सजनाम बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 76.06 करोड़ रुपए है।
पवा ग्राम समूूह पेयजल योजना- क्षेत्र के 04 गांव पवा, वर्मा बिहार, झरर व सरखड़ी शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 15 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बेतवा नदी से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 13.39 करोड़ रुपए है।
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ललितपुर। जनपद के 72 गांव ऐसे हैं, जहां पर रहने वाले दो लाख से अधिक ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक योजना बनाई थी, पर यह आज तक धरातल पर नहीं आ सकी। बीते एक-डेेढ़ वर्षों से यह सपना सिर्फ सपना बनकर रह गया है। बुंदेलखंड पैकेज के तहत जनपद में कुल सात ग्राम समूह पेयजल योजनाओं को दो अरब 48 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी पेयजल योजना का बजट जारी नहीं किया गया है।
बुंदेलखंड में लगातार गिर रहे भूगर्भ जल स्तर के कारण ग्रामीण इलाकों में पेयजल व जलापूर्ति का मूल स्रोत है, हैंडपंप व कुएं भी ग्रामीणों का साथ छोड़ने लगे हैं। ऐसे हालातों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के तहत ग्रामीण पेयजल योजना संचालित की जा रही है। इसी बुंदेलखंड पैकेज ग्रामीण पेयजल योजना के तहत विगत वर्ष 2016 से अभी तक जनपद को कुल 2 अबर 48 करोड़ 07 लाख रुपए लागत की छह पेयजल योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। इन सात ग्राम समूह पेयजल योजना से कुल 72 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। वर्ष 2016 से अभी तक केंद्र सरकार द्वारा किसी भी योजना के लिए बजट जारी नहीं किया गया है, केवल वित्तीय स्वीकृति देकर ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से छुटकारा दिलाने का सपना दिखा दिया गया है। इसका पूरा होने का हजारों ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं।
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यह है ग्रामीण पेयजल योजनाएं
गौना ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के नौ गांव देवरी, गुरयाना, डोगगराकलां, दिगवारा, मकरीपुरा, बछराई, झरौंटा, नाराहट व गौना शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 25 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए जामुनी बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 40.28 करोड़ रुपए है।
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बिल्ला ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 15 गांव मोगान, ककड़ारी, बंगरा, गहरौ, जारवली, सुरीकलां, बड़ौखरा, कुवांगांव, छिल्ला, बिल्ला, सुरीखुर्द, टीला, भावनी व मारौली शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 28 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जामनी नदी से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 48.85 करोड़ रुपए है।
धौरी सागर ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 03 गांव धौरीसागर, सेमरा, खेरा व टोरी शामिल हैं। इससे यहां रहने वाले लगभग 05 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए धौरी सागर तालाब से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 9.71 करोड़ रुपए है।
नया गांव ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 16 गांव नुनावली, नयागांव, नैकवां, बरखेरा, जीरौन, मैलवारा, मैरतीकलां, मैरती खुर्द, बेसरा, कुमरौला, बरौदा बिजलौन, निवऊवा, रजौरा, खाठ्र खेरा, उत्तमधाना व ऐरावनी शामिल है। इससे इन गांवों में रहने वाले लगभग 28 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बंदरगुढ़ा से निकली बेतवा नदी के पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 34.50 करोड़ रुपए है।
कल्यानपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 05 गांव कल्यानपुरा, कचनौंदाकला, झरकौन, मैलवारा कलां व मैलवारा खुर्द शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले लगभग 20 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कचरौंदा बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 25.34 करोड़ रुपए है।
सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना- इसमें क्षेत्र के 20 गांव शामिल है, इससे लगभग 42 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सजनाम बांध से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 76.06 करोड़ रुपए है।
पवा ग्राम समूूह पेयजल योजना- क्षेत्र के 04 गांव पवा, वर्मा बिहार, झरर व सरखड़ी शामिल है। इससे यहां रहने वाले लगभग 15 हजार ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बेतवा नदी से पानी लिया जाना है। इस योजना की स्वीकृत कुल लागत 13.39 करोड़ रुपए है।