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गज-विष्णु गेट ने बढ़ाई जगदीश मंदिर की भव्यता
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:29 AM IST
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गज-विष्णु गेट ने बढ़ाई जगदीश मंदिर की भव्यता
ललितपुर। शहर के बीचोबीच स्थित भगवान जगदीश मंदिर को समिति द्वारा भव्यता प्रदान करने के लिए मुख्य गेट पर माल्यार्पण करते दो हाथियों के मध्य भगवान विष्णु की विशालकाय प्रतिमा बनाई गई है। कलकत्ता के कलाकार द्वारा इसमें रंग भरकर गज व विष्णु प्रतिमा को सजीव रूप प्रदान किया जा रहा है। शाही रोड से लोग मुख्य गेट व पूरे नक्काशीदार मंदिर को देख सकेंगे। मंदिर समिति द्वारा जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद यहां एक विशाल सत्संग भवन का निर्माण शुरू होगा, जिसमें चार हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे।
घंटाघर के पास स्थित भगवान जगदीश मंदिर का निर्माण करीब पचास वर्ष पूर्व हुंडैत परिवार द्वारा कराया गया था। शुरुआत में मंदिर में भगवान जगन्नाथजी, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को विराजमान किया गया और हाथ ठेलों पर श्रीजगन्नाथजी की रथयात्रा की शुरुआत की गई थी। बाद में समय के साथ-साथ मंदिर को भव्यता देने का प्रयास किया जाता रहा है। समितियों के पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में यहां मंदिर की दीवार पर भगवान विष्णु की शेषनाग पर लेटी हुई प्रतिमा एवं आकर्षक नक्काशी की गई, जो देखते ही बनती है। इसके साथ ही समिति द्वारा विगत चार वर्षों से जगन्नाथपुरी की तर्ज पर खुद के गोल्डन रंग के करीब बीस फीट ऊंचाई के तीन रथों का निर्माण कराया गया, इस पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथजी की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। चूंकि जगदीश मंदिर मुख्य बाजार में स्थित है और यहां मंदिर के मुख्य गेट के दोनों ओर दुकानें स्थित हैं, जिसकी वजह से यह विशाल मंदिर मुख्य रोड से साफ-साफ नजर नहीं आता है, हालांकि गेट के अंदर पहुंचने पर मंदिर की भव्यता स्पष्ट दिखाई देती है। लेकिन अब श्रीजगदीश मंदिर की भव्यता बढ़ाने और शाही रोड से ही मंदिर के दर्शन किए जा सकेंगे। इसके लिए श्रीजगदीश मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा शाही रोड स्थित मुख्य गेट के ऊपर करीब पच्चीस फीट ऊंचाई पर शेषनाग के छत्र के नीचे विराजे भगवान विष्णु की प्रतिमा का निर्माण कराया है।
भगवान विष्णु की प्रतिमा के दोनों ओर छतरी लगाए एक-एक हाथी को विराजमान किया गया है, जो भगवान विष्णु को माल्यार्पण करते दर्शाए गए हैं। नीला रंग धारण किए भगवान विष्णु सुनहरा मुकुट पहनें हैं, उनके चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा आदि लिए हैं। कलकत्ता के कलाकार चंद्र द्वारा इस प्रतिमा के साथ ही इसको आकर्षक रंग देकर सजीव बनाया जा रहा है। हाथी की ऊंचाई करीब सात फीट और इस पर लगी छतरी 9.6 फीट ऊंचाई की है। भगवान विष्णु की प्रतिमा पंद्रह फीट ऊंची है। इस गेट पर निर्मित की गई भगवान विष्णु और नागमणि और हाथियों की सूंड में कलकत्ता से मंगाई गई आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। हाथियों के गले में घंटियां लगाई जाएंगी, जो किसी विशेष अवसर व बड़े त्योहारों पर स्वत: बज उठेंगी। शहर में किसी हिंदू मंदिर के मुख्य गेट पर भगवान विष्णु की ऐसी पहली विशाल प्रतिमा होगी, जो जगदीश मंदिर की भव्यता बढ़ाती नजर आएगी। मंदिर समिति द्वारा मुख्य गेट को जमीनी स्तर से भी चौड़ा कर गेट के दोनों ओर पिलर पर आकर्षक नक्काशी की जाएगी और गैलरी में दोनों ओर फूलों युक्त गार्डन भी विकसित किया जाएगा। गेट का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसका अनावरण राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा कराए जाने की संभावना है।
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श्रीजगदीश मंदिर समिति द्वारा मंदिर को भव्यता देने के साथ ही परिसर में एक विशाल सत्संग भवन का निर्माण किया जाएगा, इसमें करीब चार हजार श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी। इसके लिए समिति द्वारा जगन्नाथ रथयात्रा के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इनका कहना है-
श्रीजगदीश मंदिर के मुख्य गेट पर कलकत्ता के कारीगर द्वारा विशालकाय भगवान विष्णु प्रतिमा व गजों का निर्माण कराया जा रहा है। गेट का चौड़ीकरण भी कराया जाएगा, जिसके बाद मुख्य रोड से ही मंदिर के दर्शन हो सकेंगे। इसके बाद परिसर में चार हजार श्रद्धालुओं की क्षमतायुक्त सतसंग भवन का निर्माण भी कराया जाएगा।
चंद्रविनोद हुंडैत, संरक्षक श्रीजगदीश मंदिर समिति।
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ललितपुर। शहर के बीचोबीच स्थित भगवान जगदीश मंदिर को समिति द्वारा भव्यता प्रदान करने के लिए मुख्य गेट पर माल्यार्पण करते दो हाथियों के मध्य भगवान विष्णु की विशालकाय प्रतिमा बनाई गई है। कलकत्ता के कलाकार द्वारा इसमें रंग भरकर गज व विष्णु प्रतिमा को सजीव रूप प्रदान किया जा रहा है। शाही रोड से लोग मुख्य गेट व पूरे नक्काशीदार मंदिर को देख सकेंगे। मंदिर समिति द्वारा जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद यहां एक विशाल सत्संग भवन का निर्माण शुरू होगा, जिसमें चार हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे।
घंटाघर के पास स्थित भगवान जगदीश मंदिर का निर्माण करीब पचास वर्ष पूर्व हुंडैत परिवार द्वारा कराया गया था। शुरुआत में मंदिर में भगवान जगन्नाथजी, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को विराजमान किया गया और हाथ ठेलों पर श्रीजगन्नाथजी की रथयात्रा की शुरुआत की गई थी। बाद में समय के साथ-साथ मंदिर को भव्यता देने का प्रयास किया जाता रहा है। समितियों के पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में यहां मंदिर की दीवार पर भगवान विष्णु की शेषनाग पर लेटी हुई प्रतिमा एवं आकर्षक नक्काशी की गई, जो देखते ही बनती है। इसके साथ ही समिति द्वारा विगत चार वर्षों से जगन्नाथपुरी की तर्ज पर खुद के गोल्डन रंग के करीब बीस फीट ऊंचाई के तीन रथों का निर्माण कराया गया, इस पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथजी की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। चूंकि जगदीश मंदिर मुख्य बाजार में स्थित है और यहां मंदिर के मुख्य गेट के दोनों ओर दुकानें स्थित हैं, जिसकी वजह से यह विशाल मंदिर मुख्य रोड से साफ-साफ नजर नहीं आता है, हालांकि गेट के अंदर पहुंचने पर मंदिर की भव्यता स्पष्ट दिखाई देती है। लेकिन अब श्रीजगदीश मंदिर की भव्यता बढ़ाने और शाही रोड से ही मंदिर के दर्शन किए जा सकेंगे। इसके लिए श्रीजगदीश मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा शाही रोड स्थित मुख्य गेट के ऊपर करीब पच्चीस फीट ऊंचाई पर शेषनाग के छत्र के नीचे विराजे भगवान विष्णु की प्रतिमा का निर्माण कराया है।
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भगवान विष्णु की प्रतिमा के दोनों ओर छतरी लगाए एक-एक हाथी को विराजमान किया गया है, जो भगवान विष्णु को माल्यार्पण करते दर्शाए गए हैं। नीला रंग धारण किए भगवान विष्णु सुनहरा मुकुट पहनें हैं, उनके चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा आदि लिए हैं। कलकत्ता के कलाकार चंद्र द्वारा इस प्रतिमा के साथ ही इसको आकर्षक रंग देकर सजीव बनाया जा रहा है। हाथी की ऊंचाई करीब सात फीट और इस पर लगी छतरी 9.6 फीट ऊंचाई की है। भगवान विष्णु की प्रतिमा पंद्रह फीट ऊंची है। इस गेट पर निर्मित की गई भगवान विष्णु और नागमणि और हाथियों की सूंड में कलकत्ता से मंगाई गई आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। हाथियों के गले में घंटियां लगाई जाएंगी, जो किसी विशेष अवसर व बड़े त्योहारों पर स्वत: बज उठेंगी। शहर में किसी हिंदू मंदिर के मुख्य गेट पर भगवान विष्णु की ऐसी पहली विशाल प्रतिमा होगी, जो जगदीश मंदिर की भव्यता बढ़ाती नजर आएगी। मंदिर समिति द्वारा मुख्य गेट को जमीनी स्तर से भी चौड़ा कर गेट के दोनों ओर पिलर पर आकर्षक नक्काशी की जाएगी और गैलरी में दोनों ओर फूलों युक्त गार्डन भी विकसित किया जाएगा। गेट का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसका अनावरण राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा कराए जाने की संभावना है।
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श्रीजगदीश मंदिर समिति द्वारा मंदिर को भव्यता देने के साथ ही परिसर में एक विशाल सत्संग भवन का निर्माण किया जाएगा, इसमें करीब चार हजार श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी। इसके लिए समिति द्वारा जगन्नाथ रथयात्रा के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इनका कहना है-
श्रीजगदीश मंदिर के मुख्य गेट पर कलकत्ता के कारीगर द्वारा विशालकाय भगवान विष्णु प्रतिमा व गजों का निर्माण कराया जा रहा है। गेट का चौड़ीकरण भी कराया जाएगा, जिसके बाद मुख्य रोड से ही मंदिर के दर्शन हो सकेंगे। इसके बाद परिसर में चार हजार श्रद्धालुओं की क्षमतायुक्त सतसंग भवन का निर्माण भी कराया जाएगा।
चंद्रविनोद हुंडैत, संरक्षक श्रीजगदीश मंदिर समिति।