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देवगढ़ ओवरब्रिज के शिलान्यास से पूर्व उठे विरोध के सुर
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देेवगढ़ ओवरब्रिज के शिलान्यास से पूर्व उठे विरोध के सुर
स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री से की अंडर ब्रिज बनाने की मांग
आज केंद्रीय मंत्री व सांसद उमा करेंगी ओवरब्रिज का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। देवगढ़ ओवरब्रिज के निर्माण की जनपदवासियों की हसरत अब बहुत जल्द पूरी होने वाली है और इसका शिलान्यास आज शाम पांच बजे केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती द्वारा किया जा रहा है। अभी शिलान्यास हुआ भी नहीं है और स्थानीय निवासियों द्वारा ओवरब्रिज निर्माण के विरोध में सुर उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर यहां अंडरब्रिज बनाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे एक ज्ञापन में बताया गया है कि देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के स्थान पर यदि अंडरब्रिज का निर्माण किया जाए तो इससे शासन का धन व समय बचेगा और यहां के स्थानीय निवासियों को भी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ओवरब्रिज बनाने का खर्चा करीब 30 करोड़ रुपये आएगा, जबकि अंडरब्रिज का निर्माण सिर्फ तीन करोड़ रुपये में ही हो जाएगा। ओवरब्रिज बनाने में जहां तीन साल तक का समय लगेगा, जबकि अंडरब्रिज सिर्फ तीन माह में ही बनाया जा सकता है। ओवरब्रिज बनाने में बहुत ज्यादा जमीन की आवश्यकता होगी, जबकि अंडरब्रिज बहुत कम जमीन में निर्मित किया जा सकता है। अंडरब्रिज के निर्माण से ट्रक व उससे बड़े वाहन को छोड़कर बाकी हर तरह क वाहन अंडरब्रिज से निकल सकेंगे और बड़े वाहनों के लिए पहले से ही यहां वाइपास रोड सिद्धन होते हुए बना हुआ है। इससे बड़े वाहन शहर में स्वत: ही प्रवेश रुक जाएगा। वैसे भी शहर मुख्य सड़क पर यातायात का भार जरूरत के ज्यादा है। बड़े वाहनों की वजह से मुख्य मार्ग आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और नागरिक अपनी जान गवां रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री से शासन का धन और समय एवं स्थानीय निवासियों की समस्याओं को देखते हुए ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव निरस्त करते हुए देवगढ़ रोड स्थित देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज ब्रिज का निर्मासा की प्रक्रिया शुरु करने की मांग की है। ज्ञापन पर सुधेश कुमार नायक, अनुराग जैन, आशीष उपाध्याय, बृजबिहारी उपाध्याय, आनंद कुमार संज्ञा, परशुराम साहू, सुनील सराफ, मगन सिरोठिया, ओंकार सिंह सलूजा, जिनेंद्र सिंह, अरविंद, मुन्ना, शिवनारायण, विनोद, श्याम सिंह, अनिल दुबे, रानू सलूजा, एमबी उपाध्याय, बालमुकुंद साहू, सौरभ, एहसान अली आदि के हस्ताक्षर हैं।
ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव में गिनाई खामियां
जनकल्याण संस्थान द्वारा शनिवार को स्थानीय कंपनी बाग में एक बैठक कर ओवरब्रिज के प्रस्ताव में तमाम खामियां बताते हुए ओवरब्रिज के निर्माण से असहमति जताई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र तिवारी ने कहा कि ओवरब्रिज के प्रस्ताव में पैदल फुटपाथ का प्रावधान नहीं है। साढ़े सात मीटर के ओवरब्रिज पर दो ट्रक एक साथ निकले तो पैदल चलने वालों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। इसकी वजह से चंडी माता मंदिर की ओर जाने में काफी परेशानी बढ़ जाएगी। मालगोदाम तक ट्रकों के पहुंचने में बाधा उत्पन्न होगी। इसके निर्माण से स्थानीय निवासियों के आवागमन का ध्यान नहीं रखा गया है। जिसके चलते जनकल्याण संस्थान ओवरब्रिज निर्माण के अधूरे प्रस्ताव से असहमत है। जिसका निस्तारण के बाद ही ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। बैठक में धनीराम पंथ, नीरज दुबे, मक्खन अहिरवार, कल्लू प्रजापति, रक्खन रजक, सुंदर तिवारी, शफीक खां, प्रभुराम, अमित मिश्रा, प्रबल जैन उपस्थित रहे।
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स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री से की अंडर ब्रिज बनाने की मांग
आज केंद्रीय मंत्री व सांसद उमा करेंगी ओवरब्रिज का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। देवगढ़ ओवरब्रिज के निर्माण की जनपदवासियों की हसरत अब बहुत जल्द पूरी होने वाली है और इसका शिलान्यास आज शाम पांच बजे केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती द्वारा किया जा रहा है। अभी शिलान्यास हुआ भी नहीं है और स्थानीय निवासियों द्वारा ओवरब्रिज निर्माण के विरोध में सुर उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर यहां अंडरब्रिज बनाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे एक ज्ञापन में बताया गया है कि देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के स्थान पर यदि अंडरब्रिज का निर्माण किया जाए तो इससे शासन का धन व समय बचेगा और यहां के स्थानीय निवासियों को भी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ओवरब्रिज बनाने का खर्चा करीब 30 करोड़ रुपये आएगा, जबकि अंडरब्रिज का निर्माण सिर्फ तीन करोड़ रुपये में ही हो जाएगा। ओवरब्रिज बनाने में जहां तीन साल तक का समय लगेगा, जबकि अंडरब्रिज सिर्फ तीन माह में ही बनाया जा सकता है। ओवरब्रिज बनाने में बहुत ज्यादा जमीन की आवश्यकता होगी, जबकि अंडरब्रिज बहुत कम जमीन में निर्मित किया जा सकता है। अंडरब्रिज के निर्माण से ट्रक व उससे बड़े वाहन को छोड़कर बाकी हर तरह क वाहन अंडरब्रिज से निकल सकेंगे और बड़े वाहनों के लिए पहले से ही यहां वाइपास रोड सिद्धन होते हुए बना हुआ है। इससे बड़े वाहन शहर में स्वत: ही प्रवेश रुक जाएगा। वैसे भी शहर मुख्य सड़क पर यातायात का भार जरूरत के ज्यादा है। बड़े वाहनों की वजह से मुख्य मार्ग आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और नागरिक अपनी जान गवां रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री से शासन का धन और समय एवं स्थानीय निवासियों की समस्याओं को देखते हुए ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव निरस्त करते हुए देवगढ़ रोड स्थित देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज ब्रिज का निर्मासा की प्रक्रिया शुरु करने की मांग की है। ज्ञापन पर सुधेश कुमार नायक, अनुराग जैन, आशीष उपाध्याय, बृजबिहारी उपाध्याय, आनंद कुमार संज्ञा, परशुराम साहू, सुनील सराफ, मगन सिरोठिया, ओंकार सिंह सलूजा, जिनेंद्र सिंह, अरविंद, मुन्ना, शिवनारायण, विनोद, श्याम सिंह, अनिल दुबे, रानू सलूजा, एमबी उपाध्याय, बालमुकुंद साहू, सौरभ, एहसान अली आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव में गिनाई खामियां
जनकल्याण संस्थान द्वारा शनिवार को स्थानीय कंपनी बाग में एक बैठक कर ओवरब्रिज के प्रस्ताव में तमाम खामियां बताते हुए ओवरब्रिज के निर्माण से असहमति जताई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र तिवारी ने कहा कि ओवरब्रिज के प्रस्ताव में पैदल फुटपाथ का प्रावधान नहीं है। साढ़े सात मीटर के ओवरब्रिज पर दो ट्रक एक साथ निकले तो पैदल चलने वालों की जान जोखिम में पड़ जाएगी। इसकी वजह से चंडी माता मंदिर की ओर जाने में काफी परेशानी बढ़ जाएगी। मालगोदाम तक ट्रकों के पहुंचने में बाधा उत्पन्न होगी। इसके निर्माण से स्थानीय निवासियों के आवागमन का ध्यान नहीं रखा गया है। जिसके चलते जनकल्याण संस्थान ओवरब्रिज निर्माण के अधूरे प्रस्ताव से असहमत है। जिसका निस्तारण के बाद ही ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। बैठक में धनीराम पंथ, नीरज दुबे, मक्खन अहिरवार, कल्लू प्रजापति, रक्खन रजक, सुंदर तिवारी, शफीक खां, प्रभुराम, अमित मिश्रा, प्रबल जैन उपस्थित रहे।
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